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मायावती ने बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किया है?

आप ही पढ़ के बता दो, ये अपमान नहीं तो और क्या है.

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फोटो - thelallantop

'चुनावों के दौरान धर्म, भाषा, जाति, समुदाय के नाम पर वोट नहीं मांगा जा सकता है. ये गैर कानूनी है. - सुप्रीम कोर्ट

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बसपा ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मुसलमान और दलित को लीड में रखकर चुनावी फ़ोर्स तैयार की है.मायावती ने 87 दलित, 97 मुस्लिम, 106 ओबीसी और 113 जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को टिकट दिया है. जनरल कैटेगरी में ब्राह्मणों को 66 और राजपूतों को 36 टिकट मिले हैं. इसके अलावा वैश्य और पंजाबियों को 11 टिकट मिले हैं. 2012 के मुकाबले बसपा ने इस बार मुस्लिमों को तरजीह दी है. 2012 में मुस्लिमों से 85, अनुसूचित जातियों से 88, ओबीसी से 113 और जनरल कैटेगरी से 117 उम्मीदवारों को टिकट मिला था. जिसमें 74 ब्राह्मण, 33 ठाकुर और 10 वैश्य और पंजाबी शामिल थे.
मायावती ने कहा, 'हम जातिवादी नहीं है, इसका ताजा सबूत है कि हमने अगले चुनाव के लिए सभी वर्गों को टिकट दिया. बसपा पर जातिवादी पार्टी होने के आरोप में तनिक भी दम नहीं है' ठीक है हम मान लेते हैं कि आप जो कह रही हैं सही कह रही हैं. बस मुझे आप इतना बता दें कि अगर ये जाति के आधार पर वोट मांगना नहीं है तो फिर अगर जाति या धर्म के आधार पर वोट मांगा जाएगा तो क्या ये कहना पड़ेगा. मंदिर या मस्जिद के चंदे के लिए वोट दे दीजिए, सरकार बनानी है. या फिर ये कहना पड़ेगा कि अल्लाह के नाम पर वोट दे देना भाई.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मायावती का कहना है, 'समाजवादी पार्टी का वोट बैंक यादव हैं. जो 5 से 6 परसेंट हैं. जो 60 से 70 सीटों पर निर्णायक के तौर पर हैं. जबकि दलित वोट 403 विधानसभा सीटों में हैं. और हर सीट पर 50 हजार से कम संख्या नहीं है. कुछ सीट पर तो एक लाख से भी ज्यादा हैं. बसपा को दलित वोट मिल रहे हैं जो ओवरआल 22 परसेंट हैं. मुस्लिम बहुल इलाकों में बसपा मुस्लिम और दलित वोटों से जीत जाएगी.'

बसपा. बाबा साहब अंबेडकर को फॉलो करने का दावा करने वाली पार्टी. अंबेडकर ने संविधान लिखा. और सुप्रीम कोर्ट को उसका संरक्षक बनाया. सुप्रीम कोर्ट ने वो ज़िम्मेदारी अच्छे से निभाई भी. ज़रूरी मसलों पर अहम फैसले दिए. उन्हीं फैसलों में से ये भी बेहद ज़रूरी फैसला था कि चुनाव में वोट, धर्म के आधार पर नहीं मांगे जाएं. लेकिन मायावती के चुनाव लड़ने की तैयारी को देखकर नहीं लगता कि वो सुप्रीम कोर्ट की बात को तरजीह भी देती हैं या नहीं. क्योंकि उन्होंने जातियों के आधार पर ही उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. वो भी पूरे आंकड़ों के साथ और फिर ये भी कह रही हैं की बसपा जातिवादी नहीं है. ये तो वही बात हुई 'गुड़ खाऊं, गुलगुलों से परहेज़.' जाति कार्ड खेलकर जीतना भी चाहती हैं और जातिवादी होने से इंकार भी कर रही हैं.ये रिपोर्ट उनकी सियासत का सच बताने के लिए काफी है. सीटों का बंटवारा बता रहा है, मायावती को सुप्रीम कोर्ट की ज़रा भी फ़िक्र नहीं. ऐसा भी नहीं है कि ये लापरवाही में दिया गया बयान हो या फिर अनजाने में हुआ हो. ये पूरी सोची समझी रणनीति है. ये बहस का विषय बन सकता है कि ये अगर जाति के आधार पर वोट मांगना नहीं है तो फिर क्या है. जातीय आधार पर ये सीट बंटवारा उसी सुप्रीम कोर्ट को नजरअंदाज कर रहा है, जो संविधान का संरक्षक है. मायावती ने कहा, 'जो कमज़ोर हैं, उन्हें गठबंधन की ज़रूरत है. बसपा पूरे बहुमत से सरकार बनाएगी. यादव वोट समाजवादी पार्टी के झगड़े में बंट गया है. मुसलमानों को अपने वोटसपा और कांग्रेस में बांटकर बेकार नहीं करने चाहिए.' एक बार फिर वही सवाल. आपकी इस चुनावी बात में क्या मुसलमान किसी योजना का नाम है. या फिर ये वही मुसलमान हैं जो इस्लाम धर्म को मानते हैं. प्लीज क्लियर कर दीजिए, ताकि सुप्रीम कोर्ट गलत न समझ ले. चलिए आपकी इस बात पर भी हम सवाल खड़े नहीं कर रहे हैं. बस आप इस कैलकुलेशन का हिसाब दे दीजिए जो आपने जाति को लेकर पेश किया है. जब उनसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल किया तो उनका कहना था कि वह फैसले का सम्मान करती हैं. मगर ये सम्मान कैसा है. जिसको सुप्रीम कोर्ट ने गैर कानूनी बताया आपने उसी को नजर अंदाज कर सीटों पर जातीय कैलकुलेशन पेश कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नजर अंदाज़ करना क्या भीमराव अंबेडकर का अपमान नहीं है.

मुसलमानों को दिखाया भाजपा का खौफ

किसी भी दल के साथ गठबंधन की संभावना खारिज करते हुए मायावती ने सपा और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया. मुस्लिमों को डराते हुए कहा, मुसलमानों को सपा के साथ जाकर अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए. क्योंकि अगर उनका वोट बंटता है तो इससे भाजपा को फायदा मिलेगा.' यानी वो मुसलमानों को हिंदुत्व का खौफ दिलाना चाहती हैं. क्या भाजपा में मुसलमान नहीं हैं, जो ऐसा खौफ पैदा किया जा रहा है जैसे भाजपा मुसलमानों के लिए हव्वा हो. क्या और कोई मुद्दा नहीं है जिसके ज़रिये चुनाव लड़ा जा सके. https://www.youtube.com/watch?v=93EoXr-FFII https://www.youtube.com/watch?v=byNdhmK_t4E

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