
लखनऊ की रैली में मौजूद जनता
इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को याद करते हुए लोगों को यूपी में बीजेपी का स्वर्णिम अतीत याद दिलाने की कोशिश की. मौजूदा दौर में यूपी में बीजेपी के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है. मुुख्यमंत्री पद के लिए भी बीजेपी की ओर से कोई नाम घोषित नहीं किया गया है. यूपी में बीजेपी को साफ हुए 14 साल हो चुके हैं और मोदी ने इसे वनवास से जोड़ते हुए लोगों से बीजेपी की सरकार बनाने की अपील की. उन्होंने कहा:
'बात यूपी में बीजेपी के वनवास की नहीं है, बल्कि यूपी के विकास की है. हमारा सपना है कि हिंदुस्तान पढ़े, गरीबी मिटे, लेकिन ये सपना तब तक पूरा नहीं होगा, जब तक उत्तर प्रदेश का भाग्य नहीं बदलेगा. देश के लिए यूपी का आगे बढ़ना आवश्यक है. लखनऊ अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि है. उनके जैसे अनेक महापुरुषों ने अपनी जवानी इस धरती पर खपाई है.'रैली संबोधित करते हुए मोदी ने यूपी की मौजूदा सरकार को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि वो भी यूपी से सांसद हैं और यहां की सरकार के काम करने का तरीका उन्होंने महसूस किया है. उन्होेंने लोगों से एक बार अपने-पराए से ऊपर उठकर यूपी के विकास के लिए बीजेपी को वोट देने की बात कही. 'दलों की राजनीति दलों तक सीमित होनी चाहिए. जनता के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए. ये उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य है कि यहां के नेताओं की प्राथमिकता विकास नहीं है.'
बीएसपी, सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा:
'आपने कभी सपा और बसपा को साथ देखा है? इतने सालों के बाद एक मुद्दे पर दोनों इकट्ठा हो गए. कालेधन के मुद्दे पर. वो कह रहे हैं कि मोदी को बदलो. मैं कहता हूं कि कालाधन, भ्रष्टाचार और गरीबी हटाओ, वो कहते हैं कि मोदी को हटाओ. कुछ दल तो ऐसे हैं, जिनका यूपी में कोई अता-पता ही नहीं है. एक दल ऐसा है, जो पिछले 15 साल से अपने बेटे को स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे अभी तक अपनी गलती नजर नहीं आ रही है.'
इस रैली में प्रधानमंत्री के बोलने से पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी जनता को संबोधित किया और यूपी में बीजेपी को वोट देने की अपील की.












