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बंगाल चुनाव जीतने के लिए BJP की 'एक लाख' वॉट्सऐप ग्रुप की 'फौज' काम क्या करेगी?

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देने के लिए बीजेपी अपनी रणनीतियों को धार देने मे जुटी है. पार्टी नरेंद्र मोदी और उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को केंद्र में रखकर स्थानीय मुद्दों के सहारे ममता सरकार को घेरने की तैयारी में है.

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बीजेपी बंगाल जीतने के लिए विशेष अभियान चला रही है. (इंडिया टुडे)

‘एक लाख से ज्यादा वॉटसऐप ग्रुप’, बंगाल के लिए बीजेपी के विजन को बताते 20-20 सेकेंड के वीडियो क्लिप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जोरदार चुनावी अभियान. बंगाल में TMC का मजबूत किला ढहाने के लिए ये बीजेपी के तूणीर के कुछ प्रमुख अस्त्र है. इनके सहारे वो ममता बनर्जी को राज्य की सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में है.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी से जुड़े अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि सरकारी कर्मचारियों और मिडिल क्लास वोटर्स में ममता बनर्जी सरकार को लेकर भारी नाराजगी है. बीजेपी इन उपायों के जरिए इस नाराजगी को अपने पक्ष में ‘कैश’ कराना चाहती है. बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया है. पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने बताया,

भूपेंद्र यादव पिछले साल सितंबर से अब तक कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं. ग्राउंड लेवल पर लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर हमने इन मुद्दों पर ध्यान देने का निश्चय किया है.

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बीजेपी से जुड़े एक दूसरे सूत्र ने बताया कि पार्टी के बनाए गए 1 लाख 30 हजार से ज्यादा वॉटसऐप ग्रुप से ग्राउंड लेवल पर घट रही घटनाओं पर नजर बनाए रखने में मदद मिलेगी. साथ ही इनका इस्तेमाल जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दे उठाने में भी किया जाएगा. उन्होंने एक उदाहरण देकर इसे समझाया,

इन ग्रुप्स की मदद से पार्टी को सातवें वेतन आयोग लागू नहीं होने, सरकारी बहाली में कमी और राज्य में फैली अराजकता को लेकर वोटर की नाराजगी का पता करने में मदद मिलती है. इसके हिसाब से फिर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति तैयार करेगी.

राज्य में राजनीतिक हिंसा प्रतिहिंसा का एक लंबा दौर रहा है. इसके चलते बड़ी संख्या में लोग घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए हैं. बीजेपी इस बार इनके पुनर्वास (फिर से बसाने) के मुद्दे को जोर शोर से उठाने की तैयारी में है. पहले भी RSS से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ (BMS) राजनीतिक और वैचारिक मतभेद से इतर राजनीतिक हिंसा के शिकार लोगों के पुनर्वास का मुद्दा उठाता रहा है. RSS और BMS राजनीति हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की मदद का अभियान चला रहे हैं. इसके तहत स्कूलों में बच्चों का एडमिशन और बेरोजगारों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने जैसे उपाय शामिल हैं. बीजेपी को इस अभियान से भी काफी मदद मिलने की उम्मीद है.

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‘कैंपेन विद अ डिफरेंस’

पिछले चुनाव में घुसपैठ और हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण बीजेपी के एजेंडे में सबसे ऊपर था. लेकिन इस बार पार्टी ने रणनीति में बदलाव किया है. बीजेपी के एक नेता ने बताया कि बांग्लादेशियों की घुसपैठ और धार्मिक ध्रुवीकरण अब भी हमारे प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं. लेकिन पार्टी सिर्फ इन मुद्दों के भरोसे बंगाल चुनाव में नहीं जाएगी. ममता सरकार की 15 साल की एंटी इंकम्बेंसी, सातवें वेतन आयोग को लागू नहीं करना और सरकारी नौकरी में खाली पद और कानून व्यवस्था भी बंगाल के लोगों के लिए जरूरी मुद्दे हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं का संदेश घर-घर तक पहुंचाने के लिए बीजेपी ने उनके संदेशों के 20-30 सेकेंड के वीडियो क्लिप तैयार किए हैं. इसके अलावा लाखों सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी प्रचार में लगाया गया है. इन अकाउंट्स से रोज केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर आधारित छोटे छोटे विज्ञापन शेयर किए जा रहे हैं.

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 'परिवर्तन यात्रा' लॉन्च की. इस दौरान उन्होंने 45 दिन के भीतर राज्य में सातवें वेतन आयोग को लागू करने, सरकारी नौकरी में खाली पदों को भरने और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने का वादा किया. इसके साथ ही उन्होंने घुसपैठ के खिलाफ भी सख्त एक्शन की बात की थी.

बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन मुद्दों से जुड़े लोगों को टारगेट करके कैंपेन करने से 20 लाख से 50 लाख वोटर्स पर असर पड़ सकता है. राज्य में SIR प्रक्रिया के फाइनल फेज के बाद राज्य में लगभग 7 करोड़ चार लाख वोटर्स हैं. इनमें से 60 लाख से ज्यादा वोटर्स को 'विचाराधीन' की कैटेगरी में रखा गया है.

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को लगभग 20 लाख कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ता (DA) देने का निर्देश दिया था. इसके बाद से कर्मचारियों का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में इस मुद्दे को उठाते दिख सकते हैं.

'दिल्ली मॉडल' बंगाल में लागू होगा

केंद्र सरकार की वेलफेयर स्कीम्स के इर्द गिर्द कैंपेन बुन कर बीजेपी ने दिल्ली चुनाव में 27 साल बाद सत्ता में वापसी की. दिल्ली की सफलता से उत्साहित बीजेपी बंगाल में भी इस प्लान पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी आक्रामक तरीके से केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने वाली है.

वीडियो: बंगाल में 'खेला होबे' का खेल शुरू? ममता बनर्जी ने किस भाजपा नेता को अवॉर्ड दिया?

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