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CM हिमंता घर पर गए, फिर भी कांग्रेस में शामिल हुईं उनकी मंत्री, असम चुनाव से पहले हुआ खेला

Assam Elections: BJP मंत्री Nandita Garlosa हाफलोंग सीट से विधायक चुनी गई थीं. BJP ने उनका टिकट काटकर रूपाली लांगथासा को मैदान में उतारा है. मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने गारलोसा से उनके घर पर मुलाकात की थी, इसके बाद उन्होंने बीजेपी छोड़ दी.

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कांग्रेस में शामिल हुईं BJP की कैबिनेट मंत्री नंदिता गारलोसा (बायीं तस्वीर में दाएं.). (X @JitendraSAlwar | PTI)

असम विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार में राज्यमंत्री नंदिता गारलोसा ने कांग्रेस जॉइन कर ली है. रविवार, 22 मार्च को गारलोसा ने भगवा पार्टी को छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा. BJP ने उनका टिकट काट दिया था. अब वे कांग्रेस के टिकट पर दीमा हसाओ जिले की हाफलोंग सीट से चुनाव लड़ेंगी.

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कांग्रेस ने इस सीट पर असम कांग्रेस यूनिट के महासचिव निर्मल लांगथासा को उम्मीदवार घोषित किया था. गारलोसा ने कांग्रेस में एंट्री ली, तो लांगथासा ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. उन्होंने 'जनहित' का हवाला देते हुए गारलोसा को टिकट देने पर रजामंदी दे दी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हाफलोंग स्थित नंदिता गारलोसा के घर भी गए थे. हालांकि, सरमा और गारलोसा, दोनों में से किसी ने भी इस मीटिंग के सिलसिले में कोई टिप्पणी नहीं की.

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राज्यमंत्री के कांग्रेस में शामिल होने पर पार्टी महासचिव और असम के कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने X पर लिखा,

"जो लोग सचमुच असम की रक्षा करना चाहते हैं और उसे समृद्ध बनाना चाहते हैं, वे कांग्रेस के साथ खड़े हैं. हमें श्रीमती नंदिता गोरलोसा (असम की कैबिनेट मंत्री) का कांग्रेस परिवार में स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है. पिछले पांच सालों से वे दीमा हसाओ की एक सशक्त आवाज रही हैं, जो अपने विचारों और सिद्धांतों पर लगातार दृढ़ता से खड़ी रही हैं. भले ही इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक कीमत ही क्यों ना चुकानी पड़ी हो."

उन्होंने आगे लिखा,

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"हिमंता बिस्वा सरमा के भ्रष्ट शासन में जनजातीय हितों की अनदेखी की गई है और बड़े कॉर्पोरेट्स को जमीन सौंपने पर ध्यान दिया गया है. कांग्रेस असम के लोगों के अधिकारों, पहचान और भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है."

नंदिता गारलोसा हाफलोंग सीट से विधायक चुनी गई थीं. BJP ने उनका टिकट काटकर रूपाली लांगथासा को मैदान में उतारा है. रूपाली पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. हाल ही में कांग्रेस को भी अपने नेताओं के दल-बदल का सामना करना पड़ा है. बीते पांच दशकों से कांग्रेस से जुड़े लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई पिछले हफ्ते BJP में शामिल हो गए.

इससे पहले कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए. 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होने हैं. अंतिम नतीजे 4 मई को होगी.

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