असम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ ताल ठोक रहीं चर्चित Gen-Z उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर FIR दर्ज हो गई है. उनकी सोशल मीडिया टीम के तीन सदस्यों को असम पुलिस ने हिरासत में लिया है. तीनों पर मतदान से पहले के 48 घंटों के ‘साइलेंट पीरियड’ के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है.
Gen Z कैंडिडेट कुंकी चौधरी पर FIR दर्ज, टीम के तीन लोग हिरासत में
Kunki Chowdhury team members detained: मामले की जानकारी कुंकी चौधरी ने 10 अप्रैल की सुबह अपने सोशल मीडिया पर दी थी. इसकी पुष्टि डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP, सेंट्रल गुवाहाटी) शांभवी मिश्रा ने की.


नियम कहता है कि जिन कार्यकर्ताओं को चुनावी क्षेत्र के बाहर से लाया जाता है, उन्हें वोटिंग के 48 घंटे पहले संबंधित चुनावी क्षेत्र से चले जाना चाहिए. आरोप है कि कुंकी की टीम के ये तीनों सदस्य वोटिंग एरिया में ही घूम रहे थे. कुंकी चौधरी के खिलाफ भी शिकायत मिली है कि वो कल भी कैंपेन मोड में थीं.
मामले की जानकारी कुंकी चौधरी ने 10 अप्रैल की सुबह अपने सोशल मीडिया पर दी थी. इसकी पुष्टि डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP, सेंट्रल गुवाहाटी) शांभवी मिश्रा ने की. DCP शांभवी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
“एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें MCC (आचार संहिता) के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया गया. पहला आरोप यह है कि जिन कार्यकर्ताओं को बाहर से लाया गया था, उन्हें वोटिंग के 48 घंटे से पहले चुनावी क्षेत्र से बाहर चले जाना जानिए, लेकिन वे तीनों उनके साथ घूम रहे थे. तीनों हरियाणा के रहने वाले हैं. तीनों को इसलिए पुलिस स्टेशन लाया गया, ताकि वे पूछताछ से पहले भाग न जाएं. उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है.”
डीसीपी ने बताया कि शिकायत में उम्मीदवार का नाम भी शामिल है. मगर वे स्थानीय हैं, इसलिए उन्हें बाद में पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. आरोप यह है कि कल भी वह चुनाव प्रचार कर रही थीं. और उन्होंने अन्य नियमों का भी उल्लंघन किया. जैसे कि अपने पोलिंग स्टेशन ऑफिसर (PSO) को वोटिंग स्टेशन के आस-पास के इलाकों में ले जाना.
कुंकी चौधरी ने वीडियो में बताया कि उन पर और उनकी सोशल मीडिया टीम पर FIR दर्ज की गई है. उनकी टीम के तीन लोगों को रात में हिरासत में ले लिया गया. उम्मीदवार ने कहा,
“हम सभी जानते हैं कि BJP सरकार लोकतांत्रिक नियमों का कितना पालन करती है. हम सभी यह देखते आ रहे हैं. जिस दिन मैंने अपना नामांकन दाखिल किया था, हमने एक रैली की योजना बनाई थी. लेकिन SOP का सम्मान करते हुए मैंने अपनी सभी व्यवस्थाएं रद्द कर दीं और अकेले ही अपना नामांकन दाखिल करने गई.”
कुंकी चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान के दिन भी हमने चुनाव नियमों का सख्ती से पालन किया. बिना किसी सबूत के वह हमें परेशान करने और डराने के लिए ये FIR दर्ज कर रहे हैं. मैं बस इतना कहूंगी कि वे ये कदम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि वे घबरा गए हैं.
कौन हैं कुंकी चौधरी?असम विधानसभा चुनाव में 27 साल की कुंकी चौधरी एक चर्चित उम्मीदवार रही हैं. वो सबसे कम उम्र की कैंडिडेट हैं. कुंकी गुवाहाटी सेंट्रल सीट से कांग्रेस की सहयोगी पार्टी असम जातीय परिषद (AJP) के टिकट से चुनाव मैदान में उतरी हैं. ये उनका पहला चुनाव है. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. उनका मुकाबला बीजेपी के 70 साल के कैंडिडेट विजय गुप्ता से हुआ.
कुंकी चौधरी के राजनीति में आते ही उनकी सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से ठन गई. सीएम ने Gen Z कैंडिडेट और उनके परिवार को लेकर काफी बयानबाजी की. आरोप लगाए कि उनके माता-पिता बीफ खाते हैं और सोशल मीडिया पर तस्वीर भी डालते हैं. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कुंकी की मां सुजाता गुरुंग चौधरी उमर खालिद और शरजील इमाम का ‘खुले तौर पर समर्थन’ करती हैं.
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