बिहार के अररिया में राजनाथ सिंह की चुनावी सभा थी. उनके हेलीकॉप्टर को अररिया के नरपतगंज में उतरना था. लेकिन उनका हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गया और तय जगह से 20 किलोमीटर आगे लैंड कर गया. जहां राजनाथ का हेलीकॉप्टर लैंड किया वहां कुछ देर पहले ही तेजस्वी की सभा खत्म हुई थी और भारी भीड़ भी मौजूद थी.

जहां हेलीकॉप्टर लैंड किया वहां कुछ समय पहले ही तेजस्वी ने सभा की थी.
खबर के मुताबिक राजनाथ सिंह को पूर्णिया की रैली खत्म करने के अररिया पहुंचना था. उनका हेलीकॉप्टर तय समय पर पूर्णिया से निकला फिर अररिया भी तय समय पर पहुंचा. लेकिन बीजेपी के स्टेट यूनिट के साथ सही कॉर्डिनेशन नहीं होने की वजह से उनका हेलीकॉप्टर 20 किलोमीटर दूर गलत जगह पर लैंड कर गया.

राजनाथ सिंह का हेलीकॉप्टर गलत जगह पर लैंड कर गया, जिसकी वजह से वो हेलीकॉप्टर के भीतर ही बैठे रहे
जहां राजनाथ का हेलीकॉप्टर लैंड किया वहां लोगों की भीड़ पहले से थी. तो वो हेलीकॉप्टर को घेर कर खड़े हो गए. फोटो लेने लग गए. ये राजनाथ सिंह की सुरक्षा में बड़ी चूक थी. पायलट को गलत जगह पर लैंड करने की जानकारी मिली जिसके बाद राजनाथ सिंह हेलीकॉप्टर में ही बैठे रहे. इस मामले की जानकारी लोकल पुलिस को मिली फिर वो मौके पर पहुंच गए. करीब पौने घंटे राजनाथ सिंह का हेलीकॉप्टर वहीं रहा इस बीच उनके हेलीकॉप्टर में फ्यूल भरा गया.

राजनाथ सिंह के हेलीकॉप्ट के आस पास मौजूद लोग सेल्फी लेने लगे.
राजनाथ सिंह को Z+ सुरक्षा मिली हुई है. जहां उन्हें पहुंचना होता है वहां पहले से उनके सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं. लेकिन जहां राजनाथ सिंह का हेलीकॉप्टर गलती से लैंड किया था वहां उनके लिए कोई सुरक्षा की तैनाती नहीं थी और वो इलाका भी नक्सल प्रभावित माना जाता है. ये गृहमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक थी.

मामले की खबर लगते ही लोकल पुलिसवाले राजनाथ सिंह की सुरक्षा के लिए पहुंच गए.
दूसरी तरफ ममता बनर्जी का हेलीकॉप्टर भी रास्ता भटक गया था. वो सिलीगुड़ी से दिनाजपुर में रैली करने जा रही थीं. लेकिन पायलट ने गलती से हेलीकॉप्टर को बिहार की तरफ मोड़ दिया. जब पायलट को गलती का अहसास हुआ तब तक काफी देर वो आसमान में ही चक्कर लगाता रहा. रैली वाली जगह भी वो देर से पहुंचा. ममता को रैली में 22 मिनट में पहुंचना था, उसकी जगह वो 55 मिनट में पहुंचीं. ममता बैनर्जी ने देर होने की वजह अपनी रैली में बताई.
ममता बनर्जी ने कहा, 'हम लोग रास्ता भूल गए थे. हम लोगों को 22 मिनट में पहुंचना था, लेकिन हम 55 मिनट तक रास्ता ढूंढ़ते रहे. इसलिए हमें देरी हो गई. आप लोगों को परेशानी हुई, लेकिन यह अच्छा था कि आसमान साफ था.'ममता बनर्जी के नहीं पहुंचने पर मौके पर काफी तनाव का माहौल बन गया था. जिस वजह से ममता ने अपने भाषण में पूरे मामले को स्पष्ट किया.
चुनाव के बीच जिस तरह से देश के दो बड़े नेताओं के साथ गलती हुई वैसा नहीं होना चाहिए था. लोकल यूनिट या फिर इनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल रहे लोगों को चाहिए कि ऐसी गलती दुबारा न हो.












