The Lallantop

मोरबी में पुल टूटने पर गुजरात के गृहमंत्री ने कही चौंकाने वाली बात!

गृहमंत्री हर्ष सांघवी से पूछा गया कि FIR में मोरबी पुल की देखरेख करने वाली कंपनी का नाम नहीं, जबकि गार्ड्स का नाम है, ऐसा क्यों?

Advertisement
post-main-image
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने मोरबी पुल हादसे से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए | फोटो: आजतक/दी लल्लनटॉप

गुजरात चुनाव (Gujarat Election 2022) की हलचल तेज हो चुकी है. लल्लनटॉप की खास पेशकश जमघट में गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी (Harsh Sanghavi) आए. हमारे सरपंच सौरभ द्विवेदी (द लल्लनटॉप के संपादक) ने हर्ष सांघवी से हर वो सवाल पूछा, जो उनसे जुड़ा हुआ है. पिछले दिनों गुजरात के मोरबी पुल हादसे को लेकर भी उनसे सवाल हुआ. उनसे पूछा गया कि इतना बड़ा हादसा हुआ जिसमें 130 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, लेकिन दुर्घटना के बाद पुल की देखरेख करने वाली ओरेवा कंपनी और उसके मालिक जयसुख पटेल का नाम FIR में नहीं है? ऐसा क्यों?

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इस सवाल का जवाब देते हुए हर्ष सांघवी ने कहा,

'हमने इस घटना के होने के डेढ़ घंटे के अंदर FIR दर्ज कर ली थी. आप हमारी 360 डिग्री FIR पढ़िए, उसमें हर कोई शामिल है. मोरबी ब्रिज जिसे मेंटेनेंस के लिए दिया गया था और जिसने ब्रिज को रिपेयर किया था. साथ इसके अलावा जिसने पीपीपी मॉडल के तहत सरकार के साथ मिलकर ब्रिज के लिए काम किया, उससे जुड़े हर व्यक्ति का नाम FIR में शामिल हो जाएगा. इसके अलावा जिनका नाम जांच में सामने आएगा, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब आप ही बताइए कि इसमें ब्रिज के मालिक कहां से बच गए... आप किसी क्रिमिनल वकील से पूछिए कि ऐसे बड़े हादसे में एक आदमी का नाम FIR में लिखकर और सभी को बचा लिया जाता है या फिर हमारी तरह 360 डिग्री FIR करना सही है. अगर वकील सवाल उठा दे तो फिर मैं आपको इस पर जवाब दूंगा.'

Advertisement

इसके बाद गुजरात के गृहमंत्री से इस मामले पर सवाल हुआ कि लोग पूछ रहे हैं कि घटना के बाद टिकट बांटने वाले और गार्ड्स पर FIR हुई. जबकि ओरेवा कंपनी के मालिक जयसुख पटेल का वीडियो है, जिसमें वो दावा कर रहे हैं कि मोरबी पुल बहुत मजबूत है और इसे कई सालों तक कुछ नहीं होगा. क्या गुजरात की जनता को ये आश्वासन मिलेगा कि इस हादसे में नगर निगम सहित सभी जिम्मेदार संस्थाओं पर कार्रवाई होगी?

इस पर मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा,

'देखिए आप और हम दोनों लोग जानते हैं कि इस प्रकार के केस में हर एक व्यक्ति जो वहां मौजूद था, उसको अगर FIR में शामिल नहीं करेंगे तो ये ठीक नहीं होगा. जो वहां गार्ड वगैरह साक्षी थे, उनसे पूछना तो पड़ेगा कि उस समय कितने लोग ब्रिज पर मौजूद थे. टिकट बेचने वाले से पूछा जाएगा कि कितने बेचने थे और उसने इतने टिकट किसके कहने पर बेचे थे.'

Advertisement

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी के मुताबिक 136 लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर एक व्यक्ति से घटना को लेकर पूछना पड़ेगा, अगर नहीं पूछेंगे तो असलियत सामने नहीं आ सकेगी.

जमघट वीडियो देखें : अमित शाह, मोरबी हादसा और शराबबंदी पर क्या बोले हर्ष संघवी?

Advertisement