कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में इस न्याय को लागू करने की तरकीब भी बता दी है. जानिए वो खास 8 बातें, जिनके जरिए कांग्रेस का दावा है कि इस स्कीम को लागू किया जा सकता है.
1. देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों को हर साल 72,000 रुपये दिए जाएंगे. कोशिश की जाएगी कि ये पैसे परिवार की महिला के खाते में जाए.
2. अगर परिवार की महिला के पास खाता है, तो पैसे उसके खाते में जाएंगे. अगर खाता नहीं है तो नए सिरे से खाता खोला जाएगा.
3.सरकार बनने के बाद शुरुआत के तीन महीनों तक कार्यक्रम को डिजाइन किया जाएगा. इसके अगले छह महीनों तक ये देखा जाएगा कि इसे कैसे लागू किया गया है और लागू करने बाद योजना कितनी सफल रही है.
4. कांग्रेस के मुताबिक इस योजना के लिए पहले साल में देश की जीडीपी का कुल 1 फीसदी से भी कम खर्च होगा. इसके बाद जीडीपी का 2 फीसदी से भी कम रह जाएगा. बाद के साल में भी इस योजना पर खर्च 2 फीसदी से कम ही रहेगा.

अपनी न्याय स्कीम के बारे में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बताया है.
5. इसका लॉजिक देते हुए कांग्रेस ने कहा है कि देश की जीडीपी लगातार बढ़ती जाएगी और पैसे मिलने से गरीबी भी लगातार खत्म होती जाएगी. ऐसे में जीडीपी की लागत लगातार कम होती जाएगी.
6. इस योजना को लागू करने के लिए कांग्रेस देश और दुनिया के अर्थशास्त्रियों और समाज विज्ञानियों का पैनल तैयार करेगी. यही पैनल योजना को आगे बढ़ाने की इजाजत देगा.
7. इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए कांग्रेस सरकार के लिए और पैसे जुटाएगी. इसके अलावा कांग्रेस की सरकार बनती है, तो वो सरकारी खर्चों में कटौती करेगी. और बचे हुए पैसे इस योजना में लगाएगी.
8. गरीबी दूर करने के लिए जो भी कार्यक्रम चल रहे हैं, उन्हें हटाया नहीं जाएगा. वो लगातार चलते रहेंगे.
ये कांग्रेस का दावा है. अब इस पर जवाब बीजेपी को देना है. तब तक आप ये वीडियो देखिए.
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