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पीएम मोदी ने जहां झालमुरी खाई थी, उस झारग्राम विधानसभा सीट पर TMC जीत रही या BJP?

झारग्राम विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने लक्ष्मी कांत साऊ को मैदान में उतारा है. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने मोंगल सरेन को अपना कैंडिडेट बनाया है. इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने अर्जुन कुमार महाता को टिकट दिया है.

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झारग्राम में दुकान पर रुक कर पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाई थी

बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने लगे हैं. इस बीच कुछ सीटें ऐसी हैं जो किन्हीं कारणों से चर्चा का विषय बन गईं. ऐसी ही एक सीट है झारग्राम विधानसभा सीट. इस विधानसभा में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने एक दुकान पर रुक कर झालमुरी खा ली. बस तभी से बंगाल की राजनीति में झालमुरी एक हॉट टॉपिक बन गया. टीएमसी के नेताओं ने कहा कि ये भाजपा का चुनावी स्टंट है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा झालमुरी खाती रही हैं. इसमें कुछ यूनिक नहीं है. लेकिन कैमरे के लिए ये यूनिक था. और इसी वजह से झारग्राम विधानसभा, एक बहुत ही अहम सीट बन गई. लोग इसे झालमुड़ी वाली सीट तक कहने लगे.

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TMC और BJP ने किसे उतारा? कौन जीत रहा?

इस सीट से भारतीय जनता पार्टी नें लक्ष्मी कांत साऊ को मैदान में उतारा. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने मोंगल सरेन को अपना कैंडिडेट बनाया. इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने अर्जुन कुमार महाता को टिकट दिया. 2021 के विधानसभा चुनावों में यहां से तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. तब इस सीट से टीएमसी की बीरबहा हंसदा ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 1 लाख 9 हजार 493 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर भाजपा के प्रत्याशी सुखमय सतपथी रहे थे. उन्हें 71,253 वोट मिले थे.

इस चुनाव में क्या हाल?

अगर इस चुनाव की बात करें तो इस सीट पर वोटों की गिनती जारी है. 19 राउंड की काउंटिंग के बाद भाजपा के लक्ष्मी कांत साऊ 32,365 वोटों से आगे चल रहे हैं. दूसरे नंबर पर टीएमसी के मोंगल सरेन हैं. वहीं सीपीआई (एम) तीसरे नंबर पर खिसकती दिख रही है.

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झारग्राम का अधिकतर हिस्सा जंगल

झारग्राम विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में पड़ती है. यह इलाका मुख्य रूप से जंगलों, लाल मिट्टी वाली जमीन के लिए जाना जाता है. ये बनावट इसे राज्य के अन्य हिस्सों से भौगोलिक रूप से अलग बनाती है. यहां के एक बड़े हिस्से में साल और सागौन के घने जंगल हैं. यह एरिया छोटा नागपुर पठार के पास है. इसके कारण यहां की जमीन असमतल और ऊबड़-खाबड़ दिखाई देती है. झारग्राम की सीमा पश्चिम मेदिनीपुर और पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी लगती है.

वीडियो: प्रधानमंत्री मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार ने क्या बताया?

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