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असम में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता चुनाव हार गए, गौरव गोगोई को किसने दे दी मात?

असम की जोरहाट विधानसभा सीट प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट में से एक है. यहां से कांग्रेस के गौरव गोगोई मैदान में थे. जोरहाट सीट पर लगभग 64 प्रतिशत शहरी, जबकि 36 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है. इस सीट का ऐतिहासिक महत्व भी है क्योंकि ब्रिटिश के आने से पहले ये जगह अहोम साम्राज्य की राजधानी थी. इस इलाके में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है.

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जोरहाट से कांग्रेस ने गौरव गोगोई को मैदान में उतारा है (PHOTO-AajTak)

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  • जोरहाट विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कांग्रेस के गौरव गोगोई को 23,182 वोटों से पराजित किया।
  • चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि क्षेत्र में बाढ़ और जमीन सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहे।
  • परिणामस्वरूप कांग्रेस के शीर्ष चेहरा गौरव गोगोई की हार हुई है, जिससे असम की राजनीतिक स्थिति में संभावित बदलाव और अगले चुनाव रणनीतियों पर असर पड़ेगा।

असम की जोरहाट विधानसभा सीट प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट में से एक है. इस सीट पर वोटों की गिनती जारी है. इस सीट से कांग्रेस ने जोरहाट लोकसभा के सांसद गौरव गोगोई को मैदान में उतारा है. वहीं भाजपा के टिकट पर हितेंद्र नाथ गोस्वामी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि आम आदमी पार्टी ने भी असम में अपने प्रत्याशी उतारे हैं. AAP ने जोरहाट से प्रणब प्रियंकुश दत्ता को टिकट दिया है. वहीं सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) की ओर से हेमंता कुमार पेगु मैदान में हैं. इस सीट पर 78.64 प्रतिशत वोट पड़े थे.

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जोरहाट, राज्य की राजधानी दिसपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित जोरहाट है. यहां गोगाई के सीधे प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी की छवि भी अच्छी मानी जाती है. जोरहाट सीट पर लगभग 64 प्रतिशत शहरी, जबकि 36 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है. इस सीट का ऐतिहासिक महत्व भी है क्योंकि ब्रिटिश के आने से पहले ये जगह अहोम साम्राज्य की राजधानी थी. 

चाय बागान के लिए प्रसिद्ध है यह इलाका

इस इलाके में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है. 1911 में यहीं पर Tocklai Tea Research Institute खुला जो चाय के लिए एक एक्सपेरिमेंटल सेंटर माना जाता है. इस इलाके में बार-बार आने वाली बाढ़ एक बड़ी दिक्कत बनी हुई है. वोटर्स खेती वाली जमीन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए मजबूत बंधों की मांग कर रहे हैं. फिलहाल इस सीट से कांग्रेस के गौरव गोगोई पीछे चल रहे हैं. उनका पीछे चलना इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश का सबसे बड़ा चेहरा बनाकर पेश किया था. 

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गौरव गोगोई ने किया था कांग्रेस की जीत का दावा

गौरव गोगोई ने नतीजों से पहले दावा किया कि असम में विपक्ष के पक्ष में एक खामोश लहर बन रही है. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल में ये लहर दिखाई नहीं दे रही है लेकिन फिर भी लोग कांग्रेस को वोट देने का मन बना चुके हैं. मीडिया से बात करते हुए गोगोई ने कहा था कि इस बार लोगों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया है, खासकर महिला मतदाताओं ने. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं से प्रभावित होने के बजाय, कई महिलाओं ने वोट डालने से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार की संपत्ति जैसे मुद्दों को ध्यान में रखा है. इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर अनुचित भाषा के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना का भी जिक्र किया, और कहा कि इससे सरकार का रवैया बेनकाब हो गया है. 

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गौरव गोगोई चुनाव हार गए हैं

इस सीट पर परिणाम घोषित हो चुके हैं. 14 राउंड की गिनती के बाद जोरहाट सीट से गौरव गोगोई चुनाव हार गए हैं. भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें 23,182 वोटों से हरा कर जीत दर्ज कर ली है.

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