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JNU में फेलोशिप पर ABVP वालों और गार्ड्स के बीच हिंसक झड़प, एक गार्ड की हालत गंभीर!

फेलोशिप ऑफिस के बार 22 अगस्त की सुबह से प्रदर्शन कर रहे थे ABVP वाले. गार्ड्स और छात्रों ने एक दूसरे पर लगाए आरोप.

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JNU में ABVP छात्रों और गार्ड्स के बीच हिंसा. (फोटो: सोशल मीडिया)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एक बार फिर से हिंसा हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ABVP से जुड़े छात्रों और गार्ड्स के बीच झड़प हो गई. ये झड़प फेलोशिप के मुद्दे को लेकर हुई. ABVP से जुड़े 15 छात्र अपनी फेलोशिप से जुड़े मुद्दे पर बात करने यूनिवर्सिटी के फेलोशिप ऑफिस पहुंचे थे. झड़प में कुछ गार्ड्स और स्टूडेंट्स जख्मी भी हुई हैं. एक गार्ड की हालत गंभीर बताई जा रही है. 

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JNU में ABVP छात्र और गार्ड्स के बीच मारपीट 

जानकारी के मुताबिक ABVP से जुड़े छात्र फेलोशिप में देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. छात्र 22 अगस्त की सुबह से ही फेलोशिप ऑफिस के बाहर जमा थे. इसके चलते स्टाफ के लोग ऑफिस से बाहर नहीं निकल पा रहे थे. जिसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने की कोशिश की. इसी बीच छात्रों और गार्ड्स के बीच झड़प हो गई. इस झड़प में कुछ गार्ड्स और छात्र घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा में भर्ती कराया गया. वहीं कार्डिएक समस्या से जूझ रहे एक गार्ड की हालत गंभीर हो गई. गार्ड को स्पाइनल इंजरी सेंटर में भर्ती कराया गया.

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यूनिवर्सिटी में मौजूद एक गार्ड ने हमें नाम ना छापने की शर्त पर बताया, 

छात्रों की फेलोशिप को लेकर मांग जायज थी. लेकिन कैंपस की सिक्योरिटी हमारी ड्यूटी है. स्टाफ को कमरे में बंद करके बात करने का तरीका गलत था. छात्रों ने अंदर से दरवाजा बंद कर रखा था. ये सारे छात्र ABVP के ही थे. जो मीडिया को कह रहे हैं कि उन्हें मारा गया. जबकि पहले छात्रों ने गार्ड्स के साथ मारपीट और बदतमीजी शुरू की थी. गार्ड्स ने छात्रों पर पहले हाथ नहीं उठाया. इस झड़प के बीच हमारा एक साथी गार्ड बहुत सीरियस है. 

ABVP ने क्या कहा?

मामले में हमने ABVP का पक्ष जानने के लिए JNU के स्कूल ऑफ लैंगवेज के ABVP प्रेसिडेंट विकास पालीवाल से बात की. विकास ने बताया,

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हममें से कई छात्रों की MCM, Nonett और JRF स्कॉलरशिप डेढ़ से दो सालों से रुकी हुई हैं. प्रशासन इसे लेकर लापरवाह है. 22 अगस्त की सुबह हम 15 छात्र हमारी फेलोशिप के मसले पर बात करने जब फेलोशिप ऑफिस पहुंचे, तो वहां मौजूद स्टाफ ने बात नहीं की और चाय पीने जाने लगे. हमने उनसे कहा कि पहले आप हमारी समस्या का समाधान करें क्योंकि ये आपका काम है और हम सारे छात्र वहीं ऑफिस में बैठ गए. हम 10.30 बजे ऑफिस पहुंचे थे, लगभग 12.30 बजे हम स्टाफ से बात कर रहे थे. इस बीच करीब 20 से 25 गार्ड ऑफिस का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर आ गए और हमें जबरदस्ती बाहर निकालने की कोशिश करने लगे. अपने आप के बचाव में हमने ताकत का इस्तेमाल किया. लेकिन हमारा उद्देश्य किसी को चोट पहुंचाना नहीं था. कई गार्ड्स ने छात्रों को बुरी तरह पीटा है और हममें से कई छात्रों को काफी चोटें भी आई हैं.

इधर अभी इस मामले में JNU प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. वहीं झड़प से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इधर पुलिस का कहना है कि उसे अभी तक ना तो गार्ड्स की तरफ से कोई शिकायत मिली है और ना ही छात्रों की तरफ से. मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक, पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें झड़प के संबंध में PCR कॉल आई थी और मौके पर पहुंचने पर विवाद आपस में सुलझ गया था. पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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