क्या आपको पता है सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में कितनी महिलायें परमानेंट एकेडमिक पोजीशन पर हैं? क्या आप जानते हैं देश की यूनिवर्सिटीज में पुरुषों के मुकाबले कितनी महिलायें प्रोफेसर या अन्य पदों पर मौजूद हैं? नहीं पता, तो बता दें कि सरकार ने ये आंकड़ा लोक सभा में पेश किया है. सांसद सुनीता दुग्गल ने लोकसभा में ये सवाल पूछा था. शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने जवाब देते हुए बताया, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में कुल 74 हजार 631 महिलाएं पर्मानेंट एकेडमिक पोजीशन पर मौजूद हैं.
शिक्षा मंत्रालय ने बताया, सेंट्रल इंस्टीट्यूट्स में एकेडमिक पोस्ट पर कितनी महिलाएं?
शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने जवाब देते हुए बताया, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में कुल 74 हजार 631 महिलाएं पर्मानेंट एकेडमिक पोजीशन पर मौजूद हैं.


लोक सभा में सुभाष सरकार ने बताया की सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में कुल 1 लाख 28 हजार 141 पुरुष एकेडमिक पोजीशन पर मौजूद हैं. एकेडमिक पोजीशन का मतलब है जो लोग प्रोफेसर, रीडर, असोसिएट लेक्चरर, असिस्टेंट प्रोफेसर या ट्यूटर जैसे पदों पर काम कर रहे हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक कुल 2 हजार 680 महिलायें और 6 हजार 752 पुरुष, देश में मौजूद इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (IOE) में एकेडमिक पोजीशन पर मौजूद हैं. इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (IOE) देश की प्रीमियम इंस्टीट्यूट्स हैं.
सुभाष सरकार ने बताया कि सरकार ने इन इंस्टीट्यूट्स में जेंडर डायवर्सिटी को बढ़ाने के लिये कई नये प्रोग्राम लांच किये हैं. इसमें प्रगति स्कॉलरशिप स्कीम, KIRAN स्कीम, इसके अलावा रिसर्च को बढ़ावा देने के लिये CURIE स्कीम को लांच किया गया है. इसका असर ये हुआ है कि एकेडमिक पोजीशन पर हायर एजुकेशन में ज्यादा लोग मौजूद हैं.
AISHE रिपोर्ट के अनुसार देश में PhD कर रही महिलाओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है. साल 2015-16 में 51 हजार 904 महिलायें PhD में एनरोल्ड थी. ये आंकड़ा साल 2019-20 में बढ़कर 91 हजार 106 हो गया है. वहीं परमानेंट एकेडमिक पोजीशन पर साल 2015-16 में 54 हजार 704 महिलायें मौजूद थीं. जो साल 2019-20 में बढ़कर 74 हजार 631 पर पहुंच गई. यानी 36.42 प्रतिशित महिलायें एकेडमिक पोजीशन पर बढ़ी हैं.
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