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क्या अंबानी अब कारें बेचेंगे? चीन की बड़ी कार कंपनी का कारोबार खरीदने की बात चल रही?

ये कंपनी भारत में अपने कार बिजनेस में मेजॉरिटी स्टेक बेचना चाहती है.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज, एमजी मोटर का भारतीय कारोबार खरीद सकती है?

तेल, गैस, कपड़ा और किराना वगैरह बेचने के बाद क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी अब कार के कारोबार में अपना हाथ आजमाने जा रहे हैं? खबर है कि देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, एमजी मोटर (MG Motor) का भारतीय कारोबार खरीद सकती है. एमजी मोटर चीन की सरकारी कार कंपनी SAIC मोटर कॉर्प लिमिटेड का ब्रांड है. रिपोर्ट्स हैं कि कंपनी भारत में अपने कार बिजनेस में मेजॉरिटी स्टेक बेचना चाहती है.

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मेजॉरिटी स्टॉक बेचने का मतलब हुआ है कि एमजी मोटर इंडिया अपनी 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है. अगर ये सौदा पूरा होता है तो एमजी मोटर्स के भारतीय कारोबार पर रिलायंस का कब्जा होगा. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एमजी मोटर्स भारत के अपने बिजनेस को बेचने के लिए कई कंपनियों से बात कर रही है. इन कंपनियों में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अलावा हीरो ग्रुप, प्रेमजी इनवेस्ट और जेएसडब्ल्यू ग्रुप शामिल हैं.

अखबार की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से जानकारी दी गई है कि एमजी मोटर्स की भारतीय कंपनियों से लगातार बातचीत जारी है जो काफी आगे बढ़ चुकी है. सूत्र ने कहा है कि एमजी मोटर इस साल के आखिर तक यह सौदा पूरा कर लेना चाहती है. 

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एमजी मोटर्स 50% हिस्सेदारी क्यों बेचना चाहती है?

दरअसल एमजी मोटर को अपने धंधे को आगे बढ़ाने के लिए पैसे की काफी जरूरत है. इसलिए वो भारत में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी बेचना चाहती है. इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि एमजी मोटर भारत में एक भरोसेमंद पार्टनर की तलाश में है. कंपनी चाहती है कि बढ़िया कीमत पर सौदा फाइनल हो.

क्यों नहीं मिल रहा निवेश? 

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद की वजह से चीनी कंपनियों के लिए भारत में विदेशी निवेश यानी एफडीआई लाना काफी मुश्किल हो गया है. सूत्रों का कहना है कि एमजी मोटर इंडिया अपनी पैरेंट कंपनी से फंड जुटाने के लिए भारत सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है. उसके आवेदन को करीब दो साल हो चुके हैं. अब तक बात न बनने से यह चाइनीज कंपनी पैसा जुटाने के दूसरे रास्तों पर विचार कर रही है. 

इस बारे में एमजी मोटर इंडिया के सीईओ राजीव चाबा ने इकनॉमिक टाइम्स अखबार से कहा कि कंपनी अपने कामकाज का भारतीयकरण करना चाहती है. उन्होंने बताया, 

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'हम अगले दो-चार साल में शेयर होल्डिंग, कंपनी के बोर्ड, मैनेजमेंट, सप्लाई चेन का भारतीयकरण करना चाहते हैं.'

MG Motor ने बनाया बड़ा प्लान 

एमजी मोटर इंडिया का कहना है कि वह अगले 2-4 साल में भारत में अपने पार्टनर्स और निवेशकों को बड़ी हिस्सेदारी देने की योजना बना रही है. कंपनी ऐसा इसलिए करने जा रही है क्योंकि उसे भारत में अपना विस्तार करने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की जरूरत है. कंपनी को पैसे की इतनी सख्त जरूरत क्यों पड़ी, इसे एक आंकड़े से समझा जा सकता है. चर्चित स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म Tracxn के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में एमजी मोटर को 717 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.

नई कारें लॉन्च करने की तैयारी 

एमजी मोटर इंडिया अभी गुजरात के हलोल प्लांट में कारें बनाती है. उसने अमेरिकी कार कंपनी जनरल मोटर्स से इसे खरीदा था. हलोल प्लांट में सालभर में एक लाख 20 हजार कारें बनाने की क्षमता है. एमजी मोटर का दूसरा कारखाना भी हलोल में ही बनाया जाएगा. बताया गया है कि उसमें साल में 3 लाख कारें बनाने की क्षमता होगी. 

एमजी मोटर का कहना है कि भारत में वह 4-5 नई कारें लॉन्च करना चाहती है. उसका फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर है. कंपनी को उम्मीद है कि भारत में उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का योगदान 65 से 75 फीसदी तक हो जाएगा.

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