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Paytm का बुरा हाल? अरबों रुपया निकालकर ले गए

Paytm का क्या होने वाला है?

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Paytm का किसने निकाला पैसा? (फोटो: बिजनेस टुडे)

एक साल पहले Paytm ने बाजार में एंट्री की थी. बहुत हल्ले के साथ. आईपीओ आया था. लेकिन एक साल बाद ही हालत जानकर गड़बड़ा जाएंगे. आपको लगेगा कि कंपनी इतना जाबड़ मार्केट बनाकर चल रही थी. आइए जानते हैं कि आखिर गड़बड़ी कहां हो गई.

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18 नवंबर 2021. ये वो तारीख थी, जिस दिन Paytm ने शेयर मार्केट में कदम रखा था. ये वो समय था, जब कई सारी कंपनियां कोरोना की मार सहने के बाद अपना हिसाब सही कर रही थीं. तो जनता से मिले पैसों से कंपनी चलाने का फैसला सही जान पड़ता था. मतलब IPO लाने की बात होने लगी. लेकिन इससे एक दिन पहले यानी 17 नवंबर 2021 को पता चला कि Paytm के पास निवेशकों का कितना खाता-बही है. खासकर विदेशी निवेशक. तो जो विदेशी निवेशकों का हिसाब था, वो कुल निवेश पोर्टफोलियो का लगभग 10.37 प्रतिशत था. 

Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के पास Paytm के कुल 6.71 करोड़ शेयर थे.यही 6.71 करोड़ शेयर यानि 10.37 प्रतिशत. लेकिन अब लग गया है नवंबर 2022. और इस एक साल के दरम्यान बहुत सारे विदेशी निवेशक कंपनी का साथ छोड़कर भाग गए हैं. लगभग 2.97 करोड़ शेयरों को बेच दिया गया है, यानी मिला-जुलाकर 44 फीसद हिस्सेदारी. तो बचे कुल 56 प्रतिशत शेयर विदेशी निवेशकों के पास यानी लगभग 3.74 करोड़ शेयर. 

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कुल विदेशी निवेश6.71 करोड़ शेयर 
एक साल में गिरावट 2.97 करोड़ शेयर 
बचा हुआ विदेशी निवेश3.74 करोड़ शेयर

लेकिन ये शेयर बेचने की बात हो गई. लेकिन कुछ हिस्सेदार भी कंपनी का साथ छोड़कर निकल लिए. और ऐसे कुल विदेशी निवेशक हैं 88. उदाहरण के तौर पर सिंगापुर में मौजूद Morgan Stanley Asia  की बात करते हैं, जिसकी लिस्टिंग के समय कंपनी में 1.21 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, लेकिन समय के साथ ये हिस्सेदारी गिर गई और अब ये Morgan Stanley Asia कंपनी के शेयरहोल्डरों की लिस्ट से भी गायब हो गई. यानी इनकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम हो गई.

लेकिन Paytm के दिन शायद थोड़े बुरे हैं लेकिन इतने भी बुरे नहीं हैं. जैसे ही विदेशी निवेशक कंपनी छोड़कर भगे, रीटेल निवेशक चौड़े होकर चले आए. इसी एक साल के दरम्यान, जब से विदेशी निवेशक छोड़कर निकले, तब से रीटेल निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी. 2.79 प्रतिशत से बढ़कर 6.37 प्रतिशत तक. लेकिन एक बात और है. वो बात ये कि जब Paytm का 17 नवंबर 2022 को लॉक-इन पीरियड खत्म होगा, तो कंपनी के निवेशक अपने शेयरों को मार्केट में बेचने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे. ऐसे में जो शेयर अपने इश्यू प्राइस यानी 2150 रुपए प्रति शेयर से गिरकर जो शेयर 640 रुपये 90 पैसे पर आ गया है, वो लॉकइन पीरियड खत्म होने के बाद और गिर सकता है, ऐसा जानकार सोचते हैं. कम्प्लीट सर्किल कैपिटल के पार्टनर और वाइस प्रेसीडेंट आदित्य कोंडावर ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा है कि जब भी लॉक-इन खत्म होता है तो बाजार में शेयरों की ओवर सप्लाई हो जाती है, जिससे शेयरों के दाम घट जाते हैं . शेयर मार्केट की भाषा में इस प्राइस करेक्शन होना कहते हैं.

लेकिन ये हो क्यों रहा है?

इसके लिए कंपनी को सीधे दोषी या घाटे में नहीं दिखाया जा सकता है. दरअसल विदेशी निवेशकों ने बहुत छछंद मचाकर रखा है. हर जगह से पैसा खींच रहे हैं तो इधर से भी खींच रहे हैं. और इस गाढ़े में बस Paytm नहीं है. LIC, Zomato, PB Fintech और Nykaa जैसी कंपनियां भी शामिल हैं. जो आई तो थीं बहुत धूमधाम से, लेकिन उनके शेयर इतने गिरे कि बहुत गिरे. इन सबके बीच वो कयास भी हैं कि दुनिया भर में एक और मंदी कुछेक महीने में आने वाली है तो विदेशी निवेशक इस वजह से भी पैसा खींच रहे हैं. अपना कैपिटल साबुत बचाने की जुगत चल रही हैं. और इसी के बीच हैं हम और आप और हमारा पैसा. तो निवेश का फैसला हम अपनी समझ से करेंगे. 

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(डिसक्लेमर : ये प्रकाशित रिपोर्ट्स के आधार पर लिखी गई खबर है. ये लल्लनटॉप के अपने विचार नहीं हैं.)

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