मध्य प्रदेश के इंदौर में इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग पॉइंट में स्पार्किंग हुई, जिससे कार में आग (Indore EV Fire Tragedy) लगी. भीषण आग पूरे घर में फैल गई और इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हैं. ये हादसा अपने साथ एक बड़ा सवाल छोड़ गया है. इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज करते समय क्या सावधानी रखें. चार्जिंग पॉइंट लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें. समझने की कोशिश करते हैं.
EV चार्जिंग करते समय ये बातें कभी ना भूलें, इंदौर का हादसा बड़ा सवाल छोड़ गया
Indore EV Fire Tragedy: इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज करते समय क्या सावधानी रखें. चार्जिंग पॉइंट लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें. घर या ऑफिस में EV चार्जिंग पॉइंट लगवाते समय हमेशा सर्टिफाइड और अनुभवी इलेक्ट्रिशियन की मदद लें. थर्ड पार्टी चार्जर आपकी कार के बैटरी मैनेजनेंट सिस्टम (BMS) के हिसाब से बना है या नहीं, इस बात की तस्दीक कार कंपनी से कर लेना भी जरूरी है.


इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग में लगातार हाई वोल्टेज बिजली का इस्तेमाल होता है. इसलिए अगर वायरिंग, चार्जर या कनेक्शन सही न हो, तो शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग का खतरा होता ही है. माने कि गलत इंस्टॉलेशन या खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट खतरनाक हो सकते हैं. हालांकि इंदौर वाले केस में वाकई क्या हुआ है, किस कंपनी की कार थी और चार्जर लोकल था या कंपनी का. वो सब तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन हम क्या सावधानी रख सकते हैं. वो जान लीजिए.
चार्जिंग पॉइंट का चुनावघर या ऑफिस में EV चार्जिंग पॉइंट लगवाते समय हमेशा सर्टिफाइड और अनुभवी इलेक्ट्रिशियन की मदद लें. सबसे अच्छा तो यही रहेगा कि वायरिंग का काम कार कंपनी के एक्सपर्ट से ही करवाया जाए. हमेशा कंपनी की ओर से दिए गए चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करें. अगर थर्ड पार्टी चार्जर भी लगवा रहे तो कंपनी के इलेक्ट्रिशियन से ही फिटिंग करवाना चाहिए. अगर मुमकिन हो तो एक अलग डेडिकेटेड बिजली लाइन लगवाना बेहतर रहता है, जिससे लोड सही तरीके से संभाला जा सके. थर्ड पार्टी चार्जर आपकी कार के बैटरी मैनेजनेंट सिस्टम (BMS) के हिसाब से बना है या नहीं, इस बात की तस्दीक कार कंपनी से कर लेना भी जरूरी है.

चार्जिंग पॉइंट हमेशा खुली जगह पर लगाना चाहिए. जगह ऐसी हो जहां आसपास कोई ज्वलनशील चीज न हो. बंद जगह पर चार्जिंग करने से गर्मी बढ़ सकती है, जिससे खतरा बढ़ता है. बिल्डिंग की पार्किंग से लेकर कमरे में चार्जिंग पॉइंट कभी भी नहीं लगवाना चाहिए. इसके अलावा MCB और RCCB जैसे सेफ्टी डिवाइस जरूर लगवाएं. ये किसी भी खराबी की स्थिति में तुरंत बिजली बंद कर देते हैं. सही अर्थिंग का भी ध्यान रखें जो सुरक्षा को और मजबूत बनाती है. EV चार्ज करने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. गाड़ी को चार्ज होने में समय लगता है और लंबे समय तक एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करने से उसकी तारें बहुत ज्यादा गर्म होकर जल सकती हैं
जहां EV चार्ज हो रही हो वह जगह बिल्कुल सूखी होनी चाहिए. मानसून या बारिश के समय इस बात का ध्यान रखें कि पार्किंग में पानी जमा न हो. अगर स्कूटर की बैटरी निकालकर चार्ज करते हैं तो उसे जमीन पर न रखें, बल्कि किसी टेबल या शेल्फ पर रखना ज्यादा सेफ होता है.
चार्जिंग भूलना नहीं हैइलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग में समय लगता है. घर के चार्जर से 6-8 घंटे आराम से लगते हैं. ऐसे में आप और हम आमतौर पर रात में चार्जिंग करते हैं. प्लग लगाया और फिर सीधे सुबह देखा, माने भूल गए. हालांकि EV में बैटरी 100% होती ही चार्जिंग रुक जाती है लेकिन सप्लाई तो रहती है. इसलिए बेहतर यही रहेगा कि चार्जिंग का टाइम रात की जगह शाम या फिर सुबह का सेट किया जाए. चार्जिंग पूरी होते ही प्लग निकाल देना भी बहुत जरूरी है. बैटरी को 100 फीसदी चार्ज करने से बचना चाहिए. 20 से 80 फीसदी वाली लिमिट सबसे अच्छी मानी जाती है.
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