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'लाखों में एक' हैं ये चार भाजपा विधायक

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यूपी के चुनाव नतीजों को इतनी तरह टटोला जा सकता है कि रात निकल जाए और तरीके खत्म न हों. तरह-तरह की लिस्ट बनीं. चुनाव जीतने वाले बेटे. हारने वाले प्रदेश अध्यक्ष. जीतने वाले पूर्व सांसद. नहीं जीत पाने वाले कैबिनेट मंत्री. लल्लनटॉप ये सब आपके लिए खोद-खोद कर लाता रहा. कुछ इसी तरह एक और लिस्ट है. उन विधायकों की जो न सिर्फ जीते, बल्की इस तरह जीते कि लोग डायरी में नोट करके रखेंगे. ये वो विधायक हैं जो एक लाख से ज़्यादा की लीड लेकर जीते. तो ये हैं भाजपा के ‘लाखों में एक विधायक’ –

#1 सुनील कुमार शर्मा

सुनील कुमार शर्मा
सुनील कुमार शर्मा

गाज़ियाबाद की साहिबाबाद सीट से सुनील  कुमार शर्मा यूपी चुनावों में पहले नंबर पर रहे हैं. पूरे प्रदेश में ये सबसे ज़्यादा मतों से जीते. सुनील 2012 में जब इस सीट से लड़े थे तो इस बार दूसरे नंबर पर रहे अमरपाल शर्मा से 24,348 वोटों से हार गए थे. अमरपाल शर्मा तब बसपा में थे. बाद में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया तो वे कांग्रेस में चले गए और टिकट भी ले आए. लेकिन इस बार सुनील जीते और वो भी अमरपाल की लीड से छह गुना ज़्यादा मतों के साथ. गिनती खत्म होने पर सुनील की लीड 1,50,785 थी. कह सकते हैं कि सुनील ने पिछली हार का बदला ले लिया.

साहिबाबाद अंतिम नतीजेः

सुनील कुमार शर्मा (भाजपा) 262741
अमरपाल (कांग्रेस) 112056
जलालुद्दीन (भाजपा) 41654

#2 मनीषा अनुरागी

मनीषा अनुरागी. (फोटो मनीषा के गूगल प्लस अकाउंट से)
मनीषा अनुरागी. (फोटो मनीषा के गूगल प्लस अकाउंट से)

दूसरी सबसे बड़ी लीड रही मनीषा अनुरागी की. पूरे 1,04,643 मतों की. मनीषा ने एमफिल किया है. पीएचडी करके बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनना चाहती थी. लेकिन पति की सलाह पर राजनीति में आईं. 2012 में राठ के नगरपालिका चुनावों में निर्दलीय जीत गईं. राठ में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें पार्टी में शामिल किया था. और भाजपा का दांव सही निकला. मनीषा की लोकप्रियता और मोदी लहर मिल कर इस सीट पर बाकी कैंडिडेट्स के लिए सुनामी बन गई.

राठ अंतिम नतीजेः

मनीषा अनुरागी (भाजपा) 147526
ज्ञानदीन अनुरागी (कांग्रेस) 42883
अनिल कुमार अहिरवार (बसपा) 38710

#3. पंकज सिंह

पंकज सिंह (फोटोःट्विटर)
पंकज सिंह (फोटोःट्विटर)

पंकज भाजपा में 10 साल से हैं लेकिन आज भी इनका सबसे बड़ा परिचय यही है कि ये राजनाथ सिंह के बेटे हैं. इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर टिकट वितरण पर बवाल कटा, उनमें नोएडा भी थी. यहां से पंकज के खड़े होने पर मामला इतना बढ़ा कि यूपी भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को मामला रफा-दफा करने के लिए बयान देना पड़ा. बोले कि दस साल से सक्रिय लोगों को टिकट नहीं मिलेगा तो किसे मिलेगा. पंकज का जीतना राजनाथ की हस्ती का लिटमस टेस्ट हो सकती थी, शायद इसीलिए उन्हें नोएडा से टिकट मिला. ये सीट भाजपा के लिए एक सेफ सीट मानी जा रही थी. पंकज जीत गए हैं. और उनके साथ राजनाथ भी. पंकज सपा के सुनील चौधरी से पूरे 1,04,016 वोट ज़्यादा लाए.

नोएडा अंतिम नतीजेः

पंकज सिंह (भाजपा) 162417
सुनील चौधरी (सपा) 58401
रविकांत (बसपा) 27365

#4.  श्रीकांत शर्मा

श्रीकांत शर्मा अपने विजय जुलूस में (हाथ उठाए हुए) फोटोः ट्विटर
श्रीकांत शर्मा अपने विजय जुलूस में (हाथ उठाए हुए) फोटोः ट्विटर

श्रीकांत शर्मा बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं. अमित शाह के खास माने जाते हैं. प्रवक्ता के तौर पर पार्टी की लाइन मीडिया के सामने रखते हैं. मथुरा के गोवर्धन में पैदा हुए, मथुरा के डीएवी कॉलेज से स्कूल की पढ़ाई की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी चले गए. वहीं एबीवीपी के रास्ते राजनीति में आए. इनकी उम्मीदवारी को महेश शर्मा के बाद पश्चिम यूपी में एक बड़ा ब्राह्मण चेहरा स्थापित करने की बीजेपी की दूसरी कोशिश बताया गया था. लेकिन चुनाव के दौरान मथुरा में कई लोग उन्हें ‘बाहरी’ बताते रहे. कहा गया कि चार दिन पहले दिल्ली से लौटकर विधायकी नहीं जीती जा सकती. लेकिन मोदी लहर का जादू कहिए या कुछ और, 1,0,1161 की लीड के साथ जीते. वो भी कांग्रेस के प्रदीप माथुर को हराकर जिनके जीतने पर कम लोगों को शक था.

मथुरा सीट के अंतिम नतीजेः

श्रीकांत शर्मा (भाजपा) 143361
प्रदीप माथुर (कांग्रेस) 42200
योगेश कुमार (बसपा) 31168


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