Submit your post

Follow Us

कहानी कम्युनिस्टों और RSS के 50 साल की खूनी लड़ाई की

4.31 K
शेयर्स

केरल. भारत का सबसे साक्षर राज्य. नॉर्थ के लोग इस राज्य को बड़ी श्रद्धा से देखते हैं. पर इस राज्य में वो खूंरेजी घटनाएं होती हैं जो किस्से-कहानियों में पाई जाती हैं. जहां राजनीति में बदले जान लेकर निपटाये जाते हैं. वो राज्य, जहां पर लोग डेमोक्रेसी और मानव अधिकारों पर किताबें लिखते हैं.

इस राज्य में खून की लड़ाई है RSS और कम्युनिस्टों के बीच. लगभग 50% वोट कम्युनिस्टों के हैं और 5-10% बीजेपी के.

10 अक्टूबर 2016. के मोहनन. 52 साल के लोकल कम्युनिस्ट लीडर. एक शराब दुकान में बैठे थे. 6 लोग आये तलवार लेकर. 14 बार घोंपा मोहन को. आरोप था कि ये 6 लोग RSS के थे.

12 अक्टूबर 2016. रेमिथ उथमन. 30 साल के RSS कार्यकर्ता. मां और प्रेग्नेंट बहन के सामने काट दिये गये. आरोप लगा कम्युनिस्टों पर. 

रेमिथ के पिता उथमन को भी 2002 में मार दिया गया था. वो बस ड्राइवर थे. उनकी बस पर बम फेंक दिये गये. फिर उनको उतार कर बाजार में सबके सामने मार दिया गया. इतना ही नहीं, जब उनकी शवयात्रा निकली तो उस पर भी बम फेंके गये. उसमें भी दो लोग मरे थे.

13 अक्टूबर 2016. फारूक नीरचल. 45 साल के सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के वर्कर. इनको भी काट दिया गया. ये रेडिकल मुस्लिम ग्रुप पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ा ग्रुप है. आरोप लगा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पर.

ये सारी हत्यायें हुईं मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन के गांव और चुनाव क्षेत्र में. मई 2016 में विजयन मुख्यमंत्री बने थे. तब से कुल 6 हत्याएं हो चुकी हैं. ये जिला कन्नूर है. यहां पुलिस चौकस रहती है. पर लाशें गिनने को ही मिलता है. रोक नहीं पाती हत्याएं. कैसे रुकेंगी हत्याएं. बस-स्टॉप पर बहस में जान जाती है. कहीं बात-चीत में किसी कमेंट के लिये चाकू घुसेड़ दिया जाता है. किसी पार्टी का झंडा गुम हो जाए तो जान चली जाती है. 1972 में अजित डोभाल इसी जिले के एसपी हुआ करते थे.

25 लाख की आबादी वाले इस जिले में 1969 से लेकर अब तक 300 से ऊपर लोग मारे जा चुके हैं. ये सारी हत्याएं राजनीतिक हैं. पर क्या है ऐसा इस जिले में, जो इसे किसी कुख्यात गैंगवार शहर के रूप में बदल देता है?

1930-40 में कम्युनिज़म भारत में फैल रहा था. नॉर्थ केरल के इस जिले में उसको पनपने की जगह मिली. मध्यकाल की सामंतवादी व्यवस्था ने यहां पर पर्याप्त ग्राउंड बना दिया था. बल्कि कहें कि केरल में ही जगह मिली थी, इस जिले में थोड़ी ज्यादा थी.

communist

कम्युनिजम के आने से सबसे ज्यादा दिक्कत हुई व्यापारियों को. मैंगलोर के व्यापारी यहां पर अपनी जगह बनाना चाहते थे. फर्नीचर और फिश व्यापार में. पर हो नहीं पा रहा था. क्योंकि इस व्यापार पर मुस्लिम कोया समुदाय की पकड़ थी. कम्युनिस्ट लोकल लोगों को सपोर्ट करते थे. 1960 के आस-पास RSS को व्यापारियों ने यहां प्रमोट करना शुरू कर दिया. अब दोनों एंगल थे. हिंदू-मुस्लिम और कम्युनिस्ट-कैपिटलिस्ट. खून-खराबे की शुरुआत हो गई. और फिर ये आदत में बदल गई.

1इसमें पहली हत्या हुई थी रामाकृष्णन की. भारतीय जनसंघ के वर्कर. उनकी हत्या हुई बीड़ी फैक्ट्री के मजदूरों के साथ झड़प में. मजदूर मेनली कम्युनिस्ट थे. फिर थालासेरी में दंगे हुये थे. कम्युनिस्ट पार्टी के यू के कुन्हीरमन को एक मस्जिद को बचाते समय तथाकथित RSS कार्यकर्ताओं ने मार डाला. आरोप लगा था कि RSS को कम्युनल एंगल दिखना शुरू हुआ क्योंकि मुस्लिम लीग ने कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन किया था. 48 साल हो गए. पर जंग जारी है. आइडियोलॉजी लोगों को जिद्दी और ढीठ बना देती है.

ये जिला राजधानी त्रिवेंद्रम से 500 किलोमीटर दूर है. पर विकास बहुत नहीं है. गरीबी-अमीरी का अंतर बहुत बड़ा है. इस चीज पर ध्यान नहीं है. ध्यान है अपना कैडर बढ़ाने में. लोग अपने संगठन के लिए दूसरे संगठन के गांव तोड़ते हैं. इस बात पर झगड़ा होता है. क्योंकि ये प्रतिष्ठा का विषय है. कहीं पर जाति होती है, कहीं लड़कियां. यहां कैडर है. इस चीज में यहां का इतिहास भी बड़ी मदद करता है. मालाबार के इस क्षेत्र में वीर-बांकुरों की कहानियां बड़ी चलती हैं. तो यहां लड़ने वाला हर लड़ाका अपने आप को उन्हीं वीरों की संतान समझता है. इस लड़ाई में मरने वाले लोगों को बलिदानी माना जाता है. इस जिले के हर गांव में उन शहीदों की मूर्तियां लगी हैं. उनके बलिदान दिवस पर फंक्शन होता है. लोग इमोशनल स्पीच देते हैं. मरने-मारने की कसमें खाते हैं.

communist 1

अभी राज्य के राज्यपाल हैं सदाशिवम, जो सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस हुआ करते थे. और मुख्यमंत्री हैं विजयन, जिनका अपनी कम्युनिस्ट पार्टी पर कंट्रोल बहुत है. तो सरकार पर दबाव भी बहुत है. क्योंकि कोई नहीं चाहेगा कि सरकार को बर्खास्त कर दिया जाए लॉ एंड ऑर्डर को मुद्दा बनाकर. कम्युनिस्ट कहते हैं कि ये BJP और RSS की साजिश है कम्युनिस्ट सरकार को गिराने की. कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार देशाभिमानी में लगातार स्टोरी की जा रही है कि RSS माहौल को कम्युनल बना रहा है. वहीं BJP के लोग कहते हैं कि 50% से ऊपर वोट है कम्युनिस्टों का. सरकार है उनकी. वो जब चाहें हत्याएं रोक सकते हैं. 2014 के चुनाव के बाद अब केरल में BJP का कैडर भी बढ़ रहा है. इससे तनातनी बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

अलग हाव-भाव के चलते हिजड़ा कहते थे लोग, समलैंगिक लड़के ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सुसाइड कर लिया

'मैं लड़का हूं. सब जानते हैं ये. बस मेरा चलना और सोचना, भावनाएं, मेरा बोलना, सब लड़कियों जैसा है.'

ब्लॉग: शराब पीकर 'टाइट' लड़कियां

यानी आउट ऑफ़ कंट्रोल, यौन शोषण के लिए आमंत्रित करते शरीर.

औरतों को बिना इजाज़त नग्न करती टेक्नोलॉजी

महिला पत्रकारों से मशहूर एक्ट्रेसेज तक, कोई इससे नहीं बचा.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.