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मुंबई के वो धमाके जिनमें 250 से अधिक लोग मारे गए, कब, क्या हुआ?

दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा ढहा दिया गया था, जिसके बाद मुंबई में बड़े पैमाने पर दंगे हो गए थे. इसके बाद दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेनन, मोहम्मद दोसा और मुस्तफा दोसा ने ‘बाबरी मस्जिद ढहाए जाने का बदला लेने के लिए’ मुंबई में ब्लास्ट कराने का प्लान बनाया था. साल था 1993. एक के बाद एक धमाके. मुंबई दहल गई थी.

उसी मामले में अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, फिरोज़ अब्दुल राशिद खान, रियाज़ सिद्दीकी, ताहिर मर्चेंट और करीमुल्लाह खान को सज़ा सुनाई गई. करीमुल्लाह और अबू सलेम को आजीवन कैद और दो लाख रुपए का जुर्माना लगा था. फ़िरोज़ अब्दुल राशिद खान और ताहिर सिद्दीकी को फांसी की सज़ा सुनाई गई.

अबू सलेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया था. पुर्तगाल के साथ हुई संधि में अदालत सलेम को फांसी या आजीवन कारावास की सजा नहीं दे सकती थी. 1993 में मुंबई में हुए ब्लास्ट के बाद अबतक क्या हुआ जानिए :

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कब क्या हुआ?

1. मुंबई में पहला धमाका स्टॉक एक्सचेंज की 28 मंज़िला इमारत के बेसमेंट में हुआ था. घड़ी में डेढ़ बजे थे. 50 लोग मारे गए थे. अभी यहां की चीख पुकार थमी नहीं थी कि आधे घंटे बाद एक कार धमाका और हुआ. जगह थी नरसी नाथ स्ट्रीट. अगले दो घंटे से कम वक़्त में ही सिलसिलेवार 12 धमाके हो चुके थे. धमाकों के बाद शरद पंवार ने बयान दिया कि 12 नहीं 13 ब्लास्ट हुए हैं, एक मुस्लिम इलाके में भी हुआ है.

मुंबई बम ब्लास्ट को ‘बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद भड़के दंगों का बदला' कहा गया.
मुंबई बम ब्लास्ट को ‘बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद भड़के दंगों का बदला’ कहा गया.

2. ये धमाके शिव सेना भवन, एयर इंडिया बिल्डिंग, रॉक होटल, प्लाजा सिनेमा, जुहू सेंटूर होटल, सहार हवाई अड्डा जैसी जगहों पर हुए. एयर इंडिया के ऑफिस पर जो धमाका हुआ उसमें 20 लोगों की जान गई, 87 ज़ख्मी हुए.

मुंबई
मुंबई में हुए इन धमाकों में 257 लोग मारे गए, 713 ज़ख़्मी हुए थे.

3. इन धमाकों में 257 लोग मारे गए थे जबकि 713 लोग घायल हुए थे. यह दुनिया भर में सीरियल बम विस्फोटों का पहला मामला था. करीब 27 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. इन धमाकों के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. पुलिस के मुताबिक धमाके भारत से बाहर रहने वाले दाऊद ने कराए थे.

मुंबई ब्लास्ट में करीब 27 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था.
मुंबई ब्लास्ट में करीब 27 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था.

4. साल 1993 नवंबर की 4 तारीख. 189 लोगों के खिलाफ 10,000 पन्ने की प्राथमिक चार्जशीट दायर की गई थी. 19 नवंबर 1993 में केस सीबीआई को मिला. अप्रैल 1995 को मुंबई की टाडा अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई. अगले दो महीनों में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए.

मुंबई ब्लास्ट
प्राथमिक चार्जशीट 10 हज़ार पन्ने की दायर की गई थी. 19 नवंबर 1993 को केस सीबीआई को सौंप दिया गया था.

5. सितंबर 2006 में अदालत ने फैसला सुनाना शुरू किया. मामले में 123 अभियुक्त थे, जिनमें से 12 को निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई. 20 लोगों को उम्रकैद और 68 लोगों को उससे कम की सजा सुनाई गई. 23 लोग निर्दोष पाए गए. नवंबर 2006 में संजय दत्त को अवैध रूप से पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने का दोषी पाया गया. संजय दत्त को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 18 महीने जेल में बिताने पड़े.

(Photo : Reuters)
अवैध रूप से राइफल रखने के जुर्म में संजय दत्त को 18 महीने जेल में बिताने पड़े.  (Photo : Reuters)

6. साल 2006 में मुंबई की अदालत ने जिन लोगों को धमाकों का दोषी पाया, उनमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल थे. याकूब मेमन, यूसुफ मेमन, ईसा मेमन और रुबिना मेमन को साजिश और आंतकवाद को बढ़ावा देने का दोषी पाया गया. धमाकों के वांटेड टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को इसी फैसले में सजा सुनाई गई थी. याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को महाराष्ट्र के यरवडा जेल में फांसी दे दी गई.

बम ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी दी जा चुकी है.
बम ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी दी जा चुकी है.

7. देश छोड़कर भागे मोस्टवांटेड सलेम को इंटरपोल लगातार तलाश कर रही थी. 18 सितंबर 2002 को अबू सलेम को उसकी प्रेमिका मोनिका बेदी के साथ इंटरपोल ने लिस्बन, पुर्तगाल में गिरफ्तार कर लिया था.

मोनिका बेदी को 18 सितंबर 2002 में अबू सलेम के साथ गिरफ्तार किया गया था.
मोनिका बेदी को 18 सितंबर 2002 में अबू सलेम के साथ गिरफ्तार किया गया था.

8. फरवरी 2004 में पुर्तगाल की एक अदालत ने उसका भारत में प्रत्यर्पण किए जाने को मंजूरी दे दी थी. उस पर भारत में मुंबई बम धमाकों का मामला चलाया जाना था. बताया जाता है कि डी कंपनी के छोटा शकील ने पुर्तगाल में उसके होने की ख़बर पुलिस को दी थी.

पुलिस की गिरफ्त में अबु सलेम
अबू सलेम पर हथियार बांटने का आरोप लगा था.

9. बम धमाकों के मामले में अबू सलेम की भूमिका के लिए मार्च 2006 को विशेष टाडा अदालत ने उसके और उसके सहयोगी रियाज सिद्दीकी के खिलाफ आठ आरोप दायर किए थे. उस पर हथियार बांटने का आरोप भी लगाया गया था. तभी से अबू सलेम को उच्च सुरक्षा के बीच मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया था.

10. विशेष टाडा अदालत ने 16 जून 2017 को अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, फिरोज़ अब्दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट और करीमुल्ला खान को धमाकों की साज़िश का दोषी माना. अब्दुल कय्यूम को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था.

अबू सलेम, वो क्रिमिनल जो कहता था ‘कैप्टन बोल रहा हूं’

अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम 1960 के दशक में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सराय मीर गांव में पैदा हुआ. इसकी जन्मतिथि को लेकर सीबीआई और मुंबई पुलिस के बीच मतभेद हैं. अबू सलेम का पूरा नाम अबू सलेम अब्दुल कय्यूम अंसारी है. मुंबई पहुंचने के कुछ माह बाद ही अबू सलेम की मुलाकात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लोगों से हुई. पहले मामला दुआ सलाम तक रहा, लेकिन जल्द ही उसने डी कंपनी में काम करना शुरू कर दिया.

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अबू सलेम उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सराय मीर गांव में पैदा हुआ.

एस हुसैन जैदी ने ‘अबू सलेम बोल रहा हूं’ नाम से अबू सलेम पर एक किताब लिखी है, जो पेंगुइन फिक्शन ने प्रकाशित की है. एस हुसैन ने अपनी किताब में लिखा है कि अबू सलेम का पहला शिकार मुंबई के प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप जैन थे. प्रदीप के भाई को सलेम ने कोलडोंगरी की प्रॉपर्टी छोड़ने या जान से हाथ धोने की धमकी दी. सलेम की धमकी को सीरियसली न लेना प्रदीप को महंगा पड़ा. 7 मार्च 1995 को सलेम के शूटर सलीम हड्डी ने प्रदीप जैन के दफ्तर में घुसकर गोली मार दी थी.

इसके बाद सलेम ने गुलशन कुमार से जब हर महीने 5 लाख रुपये देने के लिए कहा तो गुलशन कुमार ने इनकार कर दिया और सलेम ने उनको भी मरवा दिया. गुलशन कुमार की हत्या के बाद सलेम बॉलीवुड में डर पैदा करने में कामयाब साबित हुआ था.

सलेम ने फिल्मी हस्तियों को फोन करते वक्त कैप्टन नाम बताना शुरू कर दिया था. मुंबई पुलिस के फोन टैप शुरू कर देने की वजह से सलेम ने ये कूट नाम चुना था. अबू सलेम, दाऊद के गैंग में अपनी खास जगह बना चुका था. इसी दौरान मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए. जिसका इल्जाम दाऊद गैंग के सिर पर था, जिसके बाद दाऊद इब्राहिम और उसके गैंग ने दुबई में पनाह ली थी.

सलेम ने फिल्मी हस्तियों को फोन करते वक्त कैप्टन नाम बताना शुरू कर दिया था. (Photo : Reuters)
सलेम ने फिल्मी हस्तियों को फोन करते वक्त कैप्टन नाम बताना शुरू कर दिया था. (Photo : Reuters)

सलेम की जिंदगी में कैसे आईं मोनिका बेदी

ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई करने के बाद मोनिका बेदी ने मुंबई में डांस सीखा. मोनिका को मुकेश दुग्गल की फिल्म ‘सुरक्षा’ मिली. दुग्गल को सलेम से नजदीकियों के लिए जाना जाता था. साल 1998 में मोनिका पहली दफा फोन पर सलेम के संपर्क में आईं.

मोनिका दुबई में थीं, फोन पर उन्हें दुबई में एक स्टेज शो में करने के लिए ऑफर मिला था. वहां सलेम और मोनिका की मुलाकात हुई. अबू सलेम ने खुद को एक कारोबारी बताया था. उस पार्टी से शुरू हुआ रिश्ता कई देशों और जेलों में सलेम के साथ सजा काटने के बाद 4 जुलाई 2007 को आकर थमा. इस तारीख को लिस्बन में सलेम के साथ गिरफ्तार होने के 5 साल बाद भारत में मोनिका जेल से रिहा हुई थीं.

मोनिका
मोनिका साल 1998 में अबू सलेम के संपर्क में आई थीं. उन्हें भोपाल की जेल में रखा गया था.

मोनिका बेदी ने अक्सर अपने इंटरव्यू में कहा है कि वो अबू सलेम के साथ सालों तक रहीं जरूर, लेकिन उन्होंने अबू से कभी शादी नहीं की. वहीं, अबू सलेम ने मीडिया को बताया था कि मोनिका से उसकी शादी साल 2000 में लॉस एंजिल्स की एक मस्जिद में हुई थी. मोनिका से पहले सलेम को समीरा नाम की लड़की से प्यार हुआ था. दोनों ने भागकर शादी कर ली थी. नाबालिग होने की वजह से उसके घरवालों ने केस कर दिया था. लेकिन समीरा की वजह से सलेम बच निकला था. समीरा अपने बच्चों के साथ अमेरिका में आज भी रहती है.


 वीडियो- राकेश मारिया ने बुक में बताया है कि मुंबई ब्लास्ट में कैसे संजय दत्त का नाम आया था?

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