Corona का नया वेरिएंट Omicron आपके मेल में भी घुस सकता है. मालवेयर या वायरस केसहारे ओमिक्रॉन आपकी डिजिटल दुनिया में सेंध लगाने को तैयार हैं. साइबर सुरक्षा परनजर रखने वाली एक कंपनी ने इसको लेकर आगाह किया है. पिछले दो सालों में साइबर ठगोंने कोरोना महामारी का सहारा लेकर लोगों को खूब चूना लगाया है और अब तीसरी लहर भीइससे बच नहीं पाई है. एक फर्जी "कोविड 19 ओमिक्रॉन स्टेट्स काउंटर" ऐप के नाम परलोगों को लिंक भेजी जा रही है. लिंक पर क्लिक करते ये मालवेयर क्या गुल खिलाने वालाहै वो आप अच्छे से जानते हो. एक बार क्लिक किया नहीं और आपकी निजी जानकारी से लेकर,बैंक अकाउंट डिटेल्स सब इन ठगों के हाथ लग जाता है. जानकारी के लिए बताते चलें किमालवेयर गिरोह के इस सदस्य का नाम "रेड लाइन" है. "रेड लाइन" नाम का मालवेयर खतरनाकतो है लेकिन इसको डेवलप करने वाले अपराधी भी बहुत एक्टिव हैं. इस मालवेयर में नए-नएटूल्स भी ऐड किए जा रहे हैं, जैसे कि "मल्टीपल डिस्ट्रब्यूशन मेथड ". कई बार ऐसेमालवेयर किसी एक संस्थान या व्यक्ति विशेष को टारगेट करने के उद्देश्य से डेवलप किएजाते हैं लेकिन रेड लाइन मालवेयर अभी तक 12 देशों में मिल चुका है. मतलब साफ है,रेड लाइन किसी विशेष संस्थान या व्यक्ति को टारगेट नहीं करता, क्योंकि इन ठगों कानिशाना दुनियाभर में महामारी से परेशान लोगों को मोटी चपत लगाना है. रिसर्च फर्मFortiGuard को रेड लाइन मालवेयर की एक फ़ाइल Omicron States.exe का पता चला है जोविंडोज (Windows) यूजर को टारगेट कर रही है. अभी अन्य प्लेटफ़ॉर्म जैसे iOS और Linuxपर इसका असर देखने को नहीं मिला है. फिलहाल में सिर्फ विंडोज इस्तेमाल करने वालेइसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं कि अन्य प्लेटफ़ॉर्म में सेंधनहीं लग सकती. रेड लाइन मालवेयर नया नहीं है. भले फ़ाइल का नाम ओमिक्रॉन हो. मार्च2020 में कोरोना की पहली लहर के समय भी ये मालवेयर एक्टिव था और लोगों को ठग रहाथा. साइबर ठगों का ये धंधा तो चलता ही रहता है लेकिन आप सावधान रहिए. ओमिक्रॉन याकिसी भी नाम पर आने वाले मेल, मैसेज पर क्लिक मत कीजिए. आपको कोरोना से जुड़ी कोई भीजानकारी चाहिए तो केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों ने कई हेल्पलाइन नंबर जारीकिए हैं. उनको इस्तेमाल में लाइए.