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अब अपने मन की तारीख पर भरिए क्रेडिट कार्ड का बिल, RBI का नियम मौज करवा देगा!

RBI ने क्रेडिट कार्ड बिलिंग की साइकिल को लेकर नया नियम बनाया है. इस नियम की वजह से अब आप तय कर पाएंगे की साइकिल कब चलेगी. तारीख पे तारीख वाला डायलॉग अब फिर से बोला जाएगा. कैसे काम करेगा नियम और क्या करना होगा. वो बताते लेकिन पहले क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल पर ब्रेक लगा देते हैं.

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4 अप्रैल 2024 (अपडेटेड: 4 अप्रैल 2024, 02:33 PM IST)
The latest amendment stipulates that the cardholder will be provided option to choose any date as the starting or closing date of the billing cycle at least once. Additionally, card-issuers may provide the option to modify the billing cycle through multiple channels, RBI’s rules state
क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल का नया रूल. (सांकेतिक फोटो)
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क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों से हमें एक जरूरी जानकारी साझा करनी है. आप पूछ सकते हैं कि जानकारी क्यों, खबर क्यों नहीं? क्योंकि जनाब, बात थोड़ी पुरानी है लेकिन बताना भी जरूरी है. कोई भी बात जिसका सीधा संबंध आपकी जेब से हो वो भले देरी से पता चले लेकिन पता होना चाहिए. RBI ने क्रेडिट कार्ड के लिए एक नया नियम (Credit card billing cycle) बनाया है. जिसकी वजह से आपको और हमें वाकई में बहुत मदद मिलेगी. एक बड़ा दर्द और चिंता दूर हो जाएगी. बिल भरने के टेंशन से थोड़ी राहत मिलेगी. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि,

RBI ने क्रेडिट कार्ड बिलिंग की साइकिल को लेकर नया नियम बनाया है. इस नियम की वजह से अब आप तय कर पाएंगे की साइकिल कब चलेगी. तारीख पे तारीख वाला डायलॉग अब फिर से बोला जाएगा. कैसे काम करेगा नियम और क्या करना होगा. वो बताते हैं, लेकिन पहले क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल पर ब्रेक लगा देते हैं.

क्या होती है क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल?

मोटा-माटी 45 से 50 दिन का कार्यक्रम. जो 30 और 15 दिन में बंटा होता है. 30 दिन खर्चा करने के लिए और फिर 15 दिन बिल भरने के लिए. उदाहरण के लिए अगर अगर बिलिंग साइकिल हर महीने की 15 तारीख है तो आपको 1 से 30 तारीख मिलती है खर्च करने के लिए.

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जैसे 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आप जितना भी खर्च करेंगे, उसका बिल 1 मई को जनरेट होगा और आपको 15 मई तक भुगतान करना होगा. कुछ संस्थान 15 की जगह 17 या 18 तारीख भी देते हैं मगर नॉर्मल कंडीशन में 15 मई ही रहेगा. बिलिंग साइकिल का आपकी लिमिट से कोई लेना देना नहीं है. बोले तो अगर लिमिट 1 लाख है और आपने 30 हजार ही खर्च किया तो बाकी बचा 70 हजार आप अगली 1 से 30 के बीच खर्च कर सकते हैं. लेकिन 15 तक बिल भरना ही होगा. बिल भरते ही वापस से 1 लाख लिमिट हो जाती है. हां जो, आपने बिल नहीं भरा या देरी की तो लेट पेमेंट से लेकर ब्याज तक का लंबा फटका लगेगा  

नया नियम क्या कहता है?

इस नियम के मुताबिक, आप अपना बिलिंग साइकिल खुद तय कर सकते हैं. जैसे अगर आपको 15 तारीख पर नहीं बल्कि 10 या 25 को भरना है तो अब ऐसा मुमकिन होगा. ये नियम तब बहुत काम आ सकता है जब बिल भरने की आखरी तारीख 28-29 होती है. माने जब आम इंसान के पास थोड़ी तंगी होती है. आप सोचते हैं कि काश 29 की जगह 3 तारीख आखिरी होती. अब हो पाएगा.

क्या करना होगा?

बहुत आसान है. सबसे पहले आपको अपनी टोटल आउटस्टैंडिंग क्लियर करना होगी. मतलब या तो बिल जनरेट होने का इंतजार कीजिए और फिर तुरंत बिल भर दीजिए. या फिर बिल जनरेट होने के बाद अगला बिल जनरेट होने तक उस कार्ड से कोई खर्च मत कीजिए.

अगर हाथ के हाथ बिल निपटाना है तो कस्टमर केयर को फोन घुमा लीजिए. वहां से उस तारीख तक की आउटस्टैंडिंग पता चल जाएगी. बिलिंग साइकिल बदलने के लिए भी आप यहां बोल सकते हैं या कई संस्थान तो अब ऐप पर भी ये फीचर उपलब्ध करवा रहे हैं. ईमेल करके भी काम हो जाएगा. वैसे अगर आप नया क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं तो चिंता की कोई बात ही नहीं. संस्थान को आपको बिलिंग साइकिल के बारे में पहले पूछना होगा.

अब आपकी मर्जी. जैसी मर्जी, वैसे साइकिल चला लीजिए.   

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