रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर करने के लिए लाया गया ब्रॉन्को टेस्ट?
रोहित शर्मा काफी समय से इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेल पाए हैं. रोहित के लिए टीम में वापसी की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है. उनको इसके लिए एक मुश्किल टेस्ट से गुजरना होगा.
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रोहित शर्मा. इंडियन टीम के ODI कैप्टन काफी समय से इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेल पाए हैं. क्योंकि वो पहले T20 और फिर टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का एलान कर चुके हैं. ऐसे में वो अब सिर्फ ODI मुकाबले में टीम के साथ नजर आने वाले हैं. लेकिन रोहित के लिए टीम में वापसी की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है. उनको इसके लिए एक मुश्किल टेस्ट से गुजरना होगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो रोहित शर्मा दो से तीन दिन तक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रहेंगे. इस दौरान उन्हें फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा, जिसमें ब्रॉन्को टेस्ट (Bronco Test) भी होगा. जहां वो 13 सितंबर को ब्रॉन्को टेस्ट देंगे. यानी Rohit ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के लिए अपनी फिटनेस साबित करने वाले हैं. वहां रहते हुए रोहित प्रैक्टिस सेशन्स में भी हिस्सा लेंगे, ताकि करीब तीन महीने तक मैदान से दूर रहने के बाद वो अपनी लय हासिल कर सकें.
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मनोज तिवारी ने उठाए सवालवहीं, ब्रॉन्को टेस्ट को लेकर काफी सवाल भी उठाए जा रहे हैं. खासकर उसकी टाइमिंग को लेकर. पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी इसकी टाइमिंग और मंशा को लेकर सवाल उठाए हैं. तिवारी के मुताबिक ब्रॉन्को टेस्ट की वजह से रोहित के लिए टीम में जगह बना पाना काफी मुश्किल होगा. उन्होंने CricTracker से बात करते हुए कहा,
‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की टीम से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा. लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है कि टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा को लेकर कुछ सोच रहे हैं. मुझे ऐसा लगता है कि यह ब्रॉन्को टेस्ट जिसे कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस किया गया है, यह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है. मुझे लगता है कि कोई ऐसा है जो नहीं चाहता कि वह भविष्य में टीम का हिस्सा रहें और इसलिए ही इस टेस्ट को इंट्रोड्यूस किया गया है.’
तिवारी ने आगे कहा,
क्या होता है ब्रॉन्को टेस्ट?‘सवाल ये है कि ये टेस्ट अभी क्यों लाया गया? तब क्यों नहीं जब नए हेड कोच आए? ये किसका आइडिया है? किसने कुछ दिन पहले इस ब्रॉन्को टेस्ट को लागू किया? ये वो सवाल हैं जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल रहा है. लेकिन मेरा ऑब्जर्वेशन कहता है कि रोहित शर्मा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. क्योंकि रोहित अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करते और मुझे लगता है कि इस टेस्ट के जरिए उन्हें टीम में आने से रोक दिया जाएगा.’
ब्रॉन्को टेस्ट मूल रूप से रग्बी प्लेयर्स के लिए होता है. इसमें एक प्लेयर को एक बार में पहले 20 मीटर की छोटी दौड़ लगानी होती है, इसके बाद 40 मीटर और फिर 60 मीटर की. जब प्लेयर इसे पूरा कर लेता है तो इसे एक सेट माना जाता है. एक प्लेयर को ऐसे 5 सेट्स लगाने होते हैं, वो भी बिना रुके. यानी बिना रुके एक प्लेयर को इस तरह कुल 1200 मीटर दौड़ना होता है. इस टेस्ट को पूरा करने के लिए एक प्लेयर के पास कुल 6 मिनट का समय होता है. रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि टीम के कुछ टॉप प्लेयर्स ने BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु (CoE) में ब्रॉन्को टेस्ट दे भी दिया है. BCCI पहले ही यो-यो टेस्ट कराती है, जिसमें टॉप क्रिकेटर्स के लिए 2 किलोमीटर की टाइम ट्रायल होती है.
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