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नीरज चोपड़ा को जीतता देखने के लिए साइकल से तय किया हजारों किमी का सफर, फैयस जैसा फैन नहीं देखा

फैयस ने 15 अगस्त, 2022 को केरल से अपनी यात्रा शुरू की थी. चार जोड़ी कपड़े, एक टेंट, एक स्लीपिंग बैग और एक चटाई लेकर निकले थे. वैसे तो भारत से लंदन की यात्रा के लिए, मगर एक कॉल ने उनकी यात्रा बढ़ा दी.

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30 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 30 जुलाई 2024, 12:06 AM IST)
Fayis Asraf Ali neeraj chopra
नीरज चोपड़ा से मिलने पहुंचे फ़ैयस असरफ़ अली. (फ़ोटो - एजेंसी/सोशल)
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हर भारतीय को इंतज़ार है कि कब उनका स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा Paris Olympics में भाला फेंकेगा. तारीख़ होगी, 8 अगस्त. उस दिन पूरा देश उनके (Neeraj Chopra) साथ होगा. लेकिन पेरिस में उनका एक ख़ास समर्थक भी होगा. केरल का एक साइकलिस्ट, जिसने कोझिकोड से पेरिस का सफ़र साइकल पर किया. 30 देशों को पार करते हुए 22,000 किलोमीटर की यात्रा.

द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़, साइकलिस्ट का नाम फ़ैयस असरफ़ अली है. उन्होंने 15 अगस्त, 2022 को अपनी यात्रा शुरू की थी. चार जोड़ी कपड़े, एक टेंट, एक स्लीपिंग बैग और एक चटाई लेकर निकले थे. ये सब मिलाकर साइकल का कुल वज़न 50 किलो हो जाता है. अली वैसे तो भारत से लंदन की यात्रा के लिए निकले थे, लेकिन एक कॉल ने उनकी यात्रा बढ़ा दी.

न्यूज़ एजेंसी PTI से बात करते हुए उन्होंने कहा,

"मैं लंदन पहुंचा, तो कुछ भारतीय एथलीट्स से मेरी बात हुई. तब नीरज से भी बात हुई. उन्होंने मुझसे कहा कि चूंकि आप लंदन जा रहे हैं, तो ओलंपिक के लिए पेरिस क्यों नहीं आ जाते? मुझे लगा कि पेरिस में उन्हें फिर से देखने को मिलेगा. इसलिए मैंने अपनी यात्रा बढ़ा ली.

मैं उनसे फिर से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हूं. मैंने पीटी उषा मैम [भारतीय ओलंपिक की प्रमुख] से अनुरोध किया है कि उनसे मिलवा दें. मैं उन्हें फिर से इतिहास बनाते देखने के लिए यहां आया हूं."

फ़ैयस असरफ़ अली पेशे से इंजीनियर हैं. उनकी पत्नी एक मेडिकल प्रोफ़ेशनल हैं और दोनों के दो बेटे हैं. 2015 में जब उनके पिता को दिल की बीमारी का पता चला, तब वे सऊदी अरब में इंजीनियरिंग कर रहे थे. इकलौते बेटे थे, तो वापस लौटना पड़ा. कोझिकोड में अपने घर पर रहने लगे. तीन साल बाद 2018 में उनके पिता की मृत्यु हो गई. अली बताते हैं,

“उन तीन सालों ने मुझे एहसास दिलाया कि जीवन में पैसा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सबसे ज़रूरी चीज़ है… एक सुबह मैंने कुछ साइकलिस्ट्स को देखा और बस…”

साइकल चलाने की आदत पड़े, इसके लिए उन्होंने पहले 13 हज़ार की एक साइकल ख़रीदी. फिर अपनी पहली सोलो राइड के लिए निकले: कोझिकोड से सिंगापुर. इसके बाद उन्होंने लंबी यात्राओं के लिए एक लाख रुपये की साइकल ख़रीदी.

पेरिस यात्रा के लिए जो साइकल उन्होंने चलाई, वो ₹2.5 लाख से ज़्यादा की है. 22,000 किलोमीटर की इस यात्रा के लिए हर रोज़ वो सूर्योदय के साथ शुरू करते हैं और औसतन 150 किलोमीटर चलते हैं. अली कहते हैं कि यात्रा के दौरान वो कभी किसी होटल में नहीं रुके. बीच में वीज़ा के लिए उन्हें दो बार केरल जाना पड़ा था, क्योंकि सीमा पार करने के लिए आपको बस वीज़ा की ज़रूरत होती है.

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