2020-21 में खेली गई बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट का सुनहरा इतिहास है.भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ऑस्ट्रेलिया को हराया और टेस्ट सीरीज़ अपने नाम की.ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुई इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ पर एक डॉक्यूमेंट्रीफिल्म रिलीज़ की गई है. जिसका नाम है 'बंदों में था दम'. इस डॉक्यूमेंट्री से हररोज़ नए-नए खुलासे हो रहे हैं. उस सीरीज़ में भारतीय टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणेने बताया है कि उन्होंने ऐतिहासिक ब्रिस्बेन टेस्ट में ऋषभ पंत से क्या कहा था. रहाणे ने बताया. उन्होंने कहा था, ‘टी ब्रेक होने में 15 मिनट बाकी है. ये 15 मिनट खेलते रहना. आउट मत होना. क्रीज परडटे रहना. अगर पिच पर लेटना पड़े तो लेट जाना. टी ब्रेक के बाद मैं कुछ नहींकहूंगा.’दरअसल जिस दिन की ये घटना है. वो टेस्ट मैच का आखिरी दिन था. भारत के सामने जीतनेके लिए 328 रन का लक्ष्य था. बैटिंग शुरू हुई. रोहित शर्मा सात रन बनाकर चलते बने.इसके बाद चेतेश्वर पुजारा और शुभमन गिल ने पारी को संभाला और 114 रन की अहमपार्टनरशिप की. 114 रन की पार्टनरशिप के बाद गिल और रहाणे आउट हो गए. रहाणे जब वापसलौट रहे थे तब ऋषभ पत बैटिंग करने बाहर आ रहे थे. उसी वक्त उन्होंने पंत से साफशब्दों में कह दिया कि टी ब्रेक तक अपना नहीं खोना है.उस सीरीज़ में टीम इंडिया के बोलिंग हीरो सिराज ने भी बताया कि जब पंत बैटिंग करनेगए तो पूरी टीम दबाव में थी. लेकिन पंत ने शानदार बैटिंग करते हुए इंडिया को ये मैचजिता दियाा. पंत ने उस मुकाबले में 89 रन की नाबाद पारी खेली. वाशिंगटन सुन्दर नेउनका साथ निभाया. इंडिया ने ये सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रचा था. ICC की ग्लोबलपोलिंग रिजल्ट्स ने इस सीरीज को क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार टेस्ट सीरीज़ बताया.भारत के लिए ये सीरीज़ इसलिए भी खास थी क्योंकि कप्तान विराट कोहली पहले ही टेस्टके बाद वापस घर लौट आए थे. जबकि इंडियन टीम के न जाने कितने प्लेयर्स इस टूर्नामेंटके दौरान इंजर्ड होकर बाहर हो गए थे. विराट के अलावा रविन्द्र जडेजा, उमेश यादव,रविचन्द्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह जैसे नामचीन प्लेयर्स सीरीज से बाहर हो चुकेथे. आलम यूं था कि एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट से सिर्फ दो ऐसे प्लेयर्स बचे थे.जो चौथे मैच का हिस्सा बन पाए थे. चौथे मैच से पहले सीरीज़ 1-1 से ड्रा थी. आखिरमें भारत ने टेस्ट जीत सीरीज़ को 2-1 से जीत लिया.