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महिला सांसदों ने राज्यसभा के मार्शल्स पर बदसलूकी के आरोप लगाए, पर पूरी कहानी क्या है?

संसद के दोनों सदन 11 अगस्त को भारी हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए. इसके बाद विरोधी पार्टी की कुछ महिला सांसदों ने आरोप लगाया कि राज्य सभा में तैनात पुरुष मार्शल्स ने उनके साथ बदसलूकी की. दरअसल, पेगासस जासूसी कांड को लेकर विपक्ष के सांसद पार्लियामेंट में लगातार विरोध जता रहे थे. सभा के वेल तक ये सांसद पहुंच जा रहे थे. जमकर हंमागा हो रहा था. इसी बीच 11 अगस्त को राज्य सभा में भारी मात्रा में मार्शल्स तैनात किए गए. जिनमें पुरुष मार्शल्स भी थे और महिला मार्शल्स भी थीं. राज्यसभा की कार्यवाही ओबीसी आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन के पास होने के बाद स्थगित हो गई. शाम छह से सात के बीच. उसी दौरान सभा में जमकर हंगामा भी हुआ. इसी हंगामे के बाद विरोधी पार्टी की महिला सांसदों ने पुरुष मार्शल्स के ऊपर गंभीर आरोप लगाए.

क्या आरोप लगाए गए?

राज्यसभा की तीन महिला सांसदों ने पुरुष मार्शल्स के ऊपर मारपीट के आरोप लगाए हैं. ये सांसद हैं- कांग्रेस की फूलो देवी नेताम, अमी यागनिक और छाया वर्मा. विपक्ष का ये भी आरोप है कि राज्यसभा में जब ज़बरन इंश्योरेंस बिल पास किया जा रहा था, तब बाहर से कुछ मार्शल आए जिन्होंने सांसदों के साथ बदसलूकी की. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि 11 अगस्त को राज्य सभा में मार्शलों और सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई.

12 अगस्त को विपक्षी पार्टी के सांसदों ने संसद से लेकर विजय चौक तक मार्च निकाला, सरकार के विरोध में. जहां फूलो देवी नेताम भी पहुंची थीं, उनके हाथ में पट्टी बंधी हुई थी. फूलो ने ‘आज तक’ की रिपोर्टर मौसमी सिंह से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, यहां तक कि संसद की सदस्य महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं. सवाल उठाए कि मार्शल्स को क्यों सामने किया गया? फूलो का कहना है कि मार्शल्स ने उन्हें धक्का दिया था, जिसकी वजह से कंधे में, हाथ में उन्हें चोट आई. उनका कहना है कि वो संसद में महंगाई पर चर्चा करना चाहती थीं, लेकिन BJP की सरकार ने अनसुना कर दिया. फूलो ने कहा-

“मोदी जी की सरकार में आम महिला से लेकर एक सांसद महिला तक कोई भी सुरक्षित नहीं है. सरकार को पता नहीं किस बात का घमंड है. एक महिला सदस्य के सामने सभी पुरुष मार्शल खड़े हो गए, और फिर हमें धक्का भी दिया. जिसके चलते हमको कंधे, हाथ, कमर, पसली हर जगह बहुत चोट आई है. हम केवल महंगाई, कृषि कानून पर चर्चा करने गए थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने बात अनसुनी कर दी.” 

छाया वर्मा ने भी ‘आज तक’ की रिपोर्टर से बातचीत में कहा कि संसद के अंदर जितने सांसद थे, उससे तीन गुना मार्शल्स उपस्थित थे. खड़े होने की भी जगह नहीं थी, वेल में जाने की भी जगह नहीं थी. उसी बीच ऐसा हुआ कि पुरुष मार्शल्स धक्का-मुक्की करने लग गए. छाया ने कहा-

“सदन में खड़े होने तक की जगह नहीं थी. उसी बीच पुरुष मार्शल्स धक्का-मुक्की करने लग गए. आज तक के इतिहास में ऐसा सदन कभी नहीं चला होगा. एक तरह से पूरी उनकी मनमानी चल रही थी. डेमोक्रेसी का मर्डर हो रहा है. किसी भी विपक्षी दल को अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया. 5 मिनट में तीन बिल पास करवा दिए गए. BJP बस अपने हिसाब से सदन चलाना चाहती है.”

छाया वर्मा
छाया वर्मा

अमी यागनिक का भी ये कहना है कि उन्होंने इतना फोर्स मार्शल्स का कभी संसद में नहीं देखा था. वो पहले से मौजूद थे, राज्यसभा में फोर्स लाई गई, ऐसा क्यों किया गया. अमी ने कहा-

“मार्शल्स का इतना फोर्स पहले से ही वहां मौजूद था. इसका मतलब है कि आप किसी को बोलने ही नहीं दोगे. राज्यसभा में डीबेट और चर्चा करते हैं. वहां फोर्स की ज़रूरत ही नहीं थी. और जिस तरह से किसी को बोलने नहीं दिया बहुत गलत है. पीयूष गोयल को एक एमपी होकर झुठ नहीं बोलना चाहिए. और उनको तो बनता ही नहीं है कि वे कोई स्टेटमेंट दें. क्योंकि जब BJP के एक एमपी ने महिलाओं के लिए अभद्र शब्द का प्रयोग भी किया. वे कुछ बोल सकते थे, मगर वे चुपचाप देख रहे थे.”

अमी यागनिक
अमी यागनिक

शिवसेना सांसद संजय राउत का कहना है कि बाहर के लोगों को मार्शल्स के कपड़ों में पार्लियामेंट में बुलाया गया, उन्होंने महिला सांसदों पर हमला किया. ये लोकतंत्र की हत्या है. NCP नेता शरद पवार का कहना है कि उन्होंने ये कभी नहीं देखा था कि पार्लियामेंट के अंदर महिला सासंदों पर हमला किया गया हो.

इस मुद्दे पर BJP क्या कह रही?

BJP सांसद प्रहलाद जोशी का कहना है कि मार्शल्स ने किसी को नहीं पीटा, बल्कि उनके साथ ही धक्का-मुक्की की गई. वो वहां चुपचाप खड़े थे. उन्हें मेनहैंडल किया गया. प्रहलाद जोशी ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. कहा है कि CCTV फुटेज में सबकुछ दिखेगा. उन्होंने कहा-

“मैं चेयरमेन साहब से आग्रह करता हूं, आज जो कुछ भी हुआ. उसकी CCTV फुटेज पब्लिक डोमेन में छोड़ दीजिए. इस बार विपक्ष ने सभी हदें पार कर दी. मार्शल्स पर हमला किया, उनका गला दबाया. फिर भी मार्शल्स ने संयम से खड़े हुए थे. मुझे और पीयूष जी को भी धक्का दिया गया. अंदर घुसकर फाइल फेंकने की कोशिश की. अगर सरकार कुछ गलत कर रही है, तो आप सीधा जनता को बताएं. जनता ने खुद इस सरकार को चुना है. इस तरह से झूठ कहना, हंगामा करना निंदनीय है. जिससे वेंकैया नायडू जी को बहुत ठेस पहुंची है.”

प्रहलाद जोशी
प्रहलाद जोशी

हंगामे को लेकर राज्य सभा में लीडर ऑफ द हाउस पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि मार्शल्स ने किसी से धक्का-मुक्की नहीं की, बल्कि मार्शल्स के ऊपर हमला किया गया. गोयल ने 18 पुरुष औऱ 12 महिला मार्शल्स की तैनाती की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को जमकर हंगामा हुआ था, ऐसे में चेयर की रक्षा करना ज़रूरी था, इसलिए इन मार्शल्स को तैनात किया गया था. साथ ही ये भी कहा कि ये मार्शल्स कोई बाहर के लोग नहीं हैं, ये पार्लियामेंट के स्टाफ ही हैं, इनका काम ही पार्लियामेंट की रक्षा करना है. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि उनके सांसदों ने विपक्ष से कहा था कि वो संसद को सुचारू रूप से चलने दें, लेकिन विपक्ष की तरफ से कहा गया कि 9 अगस्त को जो हुआ था, वही 11 अगस्त को भी होगा. इसलिए उन्होंने ज्यादा मार्शल्स को तैनात किया था. पीयूष गोयल ने कहा-

“सिक्योरिटी स्टाफ तो किसी पार्टी का नहीं होता. उनका तो काम ही है टेबल, चेयर और सदन की सुरक्षा करना है. सदन में मात्र 12 महिला और 18 पुरुष मार्शल्स तैनात थे. जो 9 तारिख के हमले के बाद बेहद ज़रूरी थे. सभी पार्लियामेंटरी सिक्योरिटी सर्विसेस के मार्शल थे. जिनपर विपक्ष ने मार्शल्स पर झूठे आरोप लगाए हैं. विपक्ष को इस बात का डर है कि उनके ऊपर कोई एक्शन न ले. इसलिए उन्होंने ये नाटक किया. विपक्ष शुरू से ही इस सेशन को चलने नहीं देना चाहता था. ओबीसी बिल के दौरान शायद उन्होंने राजनीतिक मजबूरी के चलते सदन चलने दिया. आगे भी ऐसा होता तो चर्चा के बाद सभी बिल पास होते. विपक्ष सिर्फ हंगामा करना चाहता था. उनके इस माई वे ऑर द हाई वे वाले रवैये की हम घोर निंदा करते हैं.”

पीयूष गोयल
पीयूष गोयल

संसद का ये सत्र आधे से कहीं ज्यादा केवल और केवल हंगामे में निकला. न ज्यादा किसी बिल पर चर्चा हो पाई और न ज्यादा बिल पास हो पाए. वहीं संसद के स्थगित होने के बाद अब मार्शल्स वाले मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है, तो वहीं सरकार के नेता विपक्ष पर. इस पूरे मामले में एक्शन लेने की भी बात की जा रही है.


वीडियो देखें: राज्य सभा में हुए हंगामे पर वेंकैया नायडू से मिलने के बाद विपक्ष ने क्या कहा?

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