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रिया चक्रवर्ती की मां ने बताया, किस हाल में है पूरा परिवार

अब इस एक्ट्रेस ने मजहब के लिए बॉलीवुड को कहा- बाय

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर पहली बार नज़र रखेगी कोई महिला

बेटी के खेलने के लिए खिलौने बनवाए थे, अब बिजनेस खड़ा कर लिया

इन सबके बारे में जानेंगे ऑडनारी के स्पेशल न्यूज बुलेटिन WIN, यानी विमन इन न्यूज में. जहां हम बात करते हैं महिलाओं की, उनसे जुड़ी खबरों की और ख़बरों में महिलाओं की. बढ़ते हैं पहली खबर की ओर.

# अमेरिका की इस पोएट को मिला साहित्य का नोबेल प्राइज़

साहित्य के फील्ड में नोबेल पुरस्कार अमेरिका की जानी-मानी पोएट लुईस ग्लिक को देने का ऐलान हुआ है. ‘नोबेल प्राइज़’ वेबसाइट के मुताबिक, अवॉर्ड देने वाली स्वीडिश एकेडमी ने लुईस के लिए कहा-

लुईस ग्लिक की कविताओं में ऐसी आवाज़ है, जिसमें कोई गलती नहीं है. और जो सादगी भरी खूबसूरती के साथ व्यक्तिगत अस्तित्व को यूनिवर्सल बनाती है.

Louise Gluck
लुईस की पहली पोएट्री सीरीज फर्स्टबोर्न 1968 में आई थी. (फोटो- AP)

लुईस का जन्म 1943 में न्यू यॉर्क में हुआ. अभी वह कैम्ब्रिज में रहती हैं. येल यूनिवर्सिटी में इंग्लिश की प्रोफेसर हैं. कविताओं की दुनिया में लुईस ने 1968 में डेब्यू किया था, पोएट्री सीरीज़ ‘फर्स्टबोर्न’ के साथ. जल्द ही फेमस हो गईं. पुलित्ज़र और नेशनल बुक अवॉर्ड समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार इन्हें मिल चुके हैं.

लुईस साहित्य का नोबेल पाने वाली दुनिया की 16वीं महिला हैं. ये भी जान लें कि सबसे पहला नोबेल प्राइज़ साल 1901 में दिया गया था.

# इस एक्ट्रेस ने बॉलीवुड को कह दिया टाटा-बाय

सना खान. एक्ट्रेस हैं. ‘वजह तुम हो’, ‘जय हो’ और ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों में नज़र आई थीं. बिग बॉस-6 की रनरअप भी हैं. उन्होंने शोबिज़ की चकाचौंध से खुद को दूर कर लिया है. सना ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि वह बॉलीवुड छोड़ रही हैं. पोस्ट लिखकर इसकी वजह भी बताई. कहा,

कुछ दिन से मुझ पर ये एहसास कब्जा जमाए हुए है कि क्या इंसान का इस दुनिया में आने का मतलब सिर्फ ये है कि वो केवल दौलत और शोहरत कमाए? …ये ज़िंदगी, मरने के बाद की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए है. वो तभी बेहतर होगी, जब बंदा अपने पैदा करने वाले के हुकुम के मुताबिक ज़िंदगी गुज़ारेगा. गुनाह की ज़िंदगी से बचकर इंसानियत की खिदमत करेगा. इसलिए मैं शोबिज़ की ज़िंदगी को छोड़ने का ऐलान करती हूं.

सना ने आगे कहा कि मैं चाहती हूं कि अब उन्हें शोबिज़ के किसी काम के लिए न बुलाया जाए.

My happiest moment
May Allah help me n guide me in this journey.
Aap sab mujhe dua Mai Shamil rakhe#sanakhan #2020 #8thoct #thursday pic.twitter.com/8DIJJ2lCSC

इससे पहले, फिल्म ‘दंगल’ से चर्चित हुईं एक्ट्रेस ज़ायरा वसीम ने भी साल 2019 में धर्म-ईमान का हवाला देकर बॉलीवुड छोड़ दिया था. ज़ायरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा था-

मुझे मेरा रास्ता मिल गया है. मैं अल्लाह की तरफ लौट रही हूं. यह दुनिया सिवाय एक छलावा और गुमराही के कुछ नहीं है. हालांकि मुझे इस इंडस्ट्री में जितना प्यार मिला है, उससे मैं खुश हूं, लेकिन इसकी वजह से मैं अपने ईमान से भटक गई थी. अगर मैं इस माहौल में काम करना जारी रखती तो मैं अपने धर्म-ईमान से और भी दूर चली जाती.

# अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की देखरेख पहली बार कोई महिला करने वाली है

WTO यानी वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन, जिसका काम देशों के बीच होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर नज़र रखना है. वह इस वक्त अपना नया डायरेक्टर जनरल (DG) खोज रहा है. और ये खोज फाइनल स्टेज पर पहुंच भी गई है. दो महिलाओं के नाम फाइनल किए गए हैं. पहली हैं, नाइजीरिया की पूर्व वित्त मंत्री नगोज़ी ओकोंजो-उवेला (Ngozi Okonjo-Iweala). दूसरी हैं साउथ कोरिया की ट्रेड मिनिस्टर यू म्यूंग-ही (Yoo Myung-hee). दोनों उम्मीदवार महिलाएं ही हैं. ज़ाहिर है कि WTO को अब एक महिला लीड करने वाली है. ऐसा पहली बार होगा.

नगोज़ी की बात करें, तो वह वर्ल्ड बैंक में इकॉनमिस्ट रह चुकी हैं. मैनेजिंग डायरेक्टर पद भी संभाला है. इस वक्त इंटरनेशनल वैक्सीन अलायंस GAAVI के बोर्ड की अध्यक्ष हैं. उन्होंने सीधे तौर पर ट्रेड पॉलिसी के फील्ड में करियर का ज्यादा समय नहीं बिताया, लेकिन डेवलपमेंट इकॉनमिस्ट और वित्त मंत्री रहते हुए कई बार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में डील किया है. वो व्यापार को ‘एक मिशन और जुनून’ मानती हैं.

Yoo Myung And Ngozi Okonjo
यू म्यूंग-ही और नगोज़ी ओकोंजो-उवेला, दोनों में से कोई एक WTO की DG बन सकती है. (फोटो- AP)

यू म्यूंग-ही की बात करें, तो व्यापार के फील्ड में उन्हें अच्छा-खासा एक्सपीरियंस है. 1995, जिस बरस WTO बना, तभी से यू ने व्यापार में अपने करियर की शुरुआत की थी. वो साउथ कोरिया की कुछ प्रमुख व्यापारिक वार्ताओं में भी शामिल रहीं. इनमें भी जो चीन और अमेरिका के साथ बातचीत हुई, वो अहम है.

# अमेरिका की इस गवर्नर का अपहरण होने वाला था

अमेरिका में एक स्टेट है मिशिगन. यहां की गवर्नर हैं ग्रेचेन व्हिटमर. FBI का दावा है कि ग्रेचेन का अपहरण होने वाला था. FBI ने 13 लोग पकड़े हैं. इनमें से छह पर ग्रेचेन की किडनैपिंग की साजिश रचने का आरोप है. ये सभी राइटविंग मिलिशिया ग्रुप से जुड़े हैं. सात अन्य लोगों पर स्टेट कैपिटल बिल्डिंग पर हमले की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं. ये सातों मिलिशिया ग्रुप वॉल्वरीन वॉचमेन से जुड़े बताए जा रहे हैं. FBI का कहना है कि जून से ही 13 लोगों का ये ग्रुप प्लानिंग कर रहा था. करीब 200 लोगों को और जोड़ने की योजना थी.

Gretchen Whitmer
अमेरिका के मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर प्रेजिडेंट ट्रंप की विरोधी रही हैं. (फोटो- इंस्टाग्राम)

ग्रेचेन डेमोक्रेटिक पार्टी की मेंबर हैं. कोरोना वायरस के मुद्दे पर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से उनकी तनातनी की खबरें अक्सर आती रही हैं. ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव भी होने वाले हैं. जब FBI ने कथित किडनैपिंग की साजिश का खुलासा किया, तब ग्रेचेन ने न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रंप के शब्द चरमपंथियों को प्रेरित करते हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए भी ग्रेचेन ने कई कड़े प्रतिबंध लागू किए थे. ऐसी अटकलें हैं कि इन नियमों से नाराज़ होकर उनके अपहरण की प्लानिंग की गई. हालांकि अधिकारियों ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है.

# रिया चक्रवर्ती की मां ने बताया- कैसे कट रहे हैं दिन

रिया चक्रवर्ती की मां संध्या चक्रवर्ती. उन्होंने बताया कि उनके दिमाग में सुसाइड करने का विचार कई बार आया था. रिया को ज़मानत मिलने की खबर के बाद उन्होंने TOI से बातचीत में कहा,

मैं सो नहीं पाती. खा नहीं पाती. रात में कई बार नींद खुलती है. इस डर से कि अगली क्या चीज़ गलत होने वाली है. मेरा परिवार तबाह कर दिया गया है. एक पॉइंट पर मैंने सोचा था कि इन सबको खत्म करने का एक ही तरीका है, खुद की ज़िंदगी खत्म कर लो. मैं इस तरह की इंसान नहीं हूं. मुझे इसकी थैरपी भी लेनी पड़ी. अब जब भी ऐसे ख्याल आते हैं, मैं खुद को याद दिलाती हूं कि मेरे बच्चों को मेरी ज़रूरत है, जो और भी बुरे दौर से गुज़र रहे हैं.

Rhea Chakraborty Sandhya Chakraborty
रिया और उनकी मां संध्या. (फोटो- रिया का सोशल मीडिया अकाउंट)

संध्या ने आगे कहा कि मैं यही सोच रही हूं कि रिया पर जेल में क्या बीती होगी? वो इस सबसे कैसे बाहर आ पाएगी? संध्या कहती हैं-

रिया फाइटर है. वो स्ट्रॉन्ग है. इस ट्रॉमा से निकलने के लिए मैं उसकी थेरपी कराऊंगी. और उसकी ज़िंदगी वापस लाऊंगी.

बता दें. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान ड्रग्स का एंगल सामने आया था. NCB यानी नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने सुशांत के लिए ड्रग्स अरेंज करने के आरोप में रिया और उनके भाई शौविक को गिरफ्तार किया था. NCB का आरोप था कि रिया ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा बनकर सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदती थीं. लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस आरोप को फिलहाल दरकिनार कर दिया है.

# आज की ऑडनारी

अब हमारा आखिरी सेक्शन आज की ऑडनारी. इसमें हम आपको मिलवाते हैं एक ऐसी आम महिला या लड़की से, जो कोई सिलेब्रिटी नहीं होती. लेकिन उससे देश की सभी महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं.

आज की ऑडनारी हैं निशा रामासामी. चेन्नई में रहती हैं. पहले स्कूल में टीचर थीं, अब लकड़ी के खिलौने बनाने का काम करती हैं. कारोबार की शुरुआत ज़रूरत से हुई थी, अब काम बन गया है. हुआ ये कि साल 2016 में निशा मां बनीं. जब उनकी बेटी तीन महीने की हुई, तो उन्हें पता चला कि बच्ची को एटॉपिक डर्मेटाइटिस कंडिशन है. इसमें बच्चों के शरीर में खुजली होती है. लाल निशान पड़ जाते हैं. निशा को ये भी पता चला कि उनकी बेटी को प्लास्टिक से एलर्जी है. ऐसे में बच्ची के लिए निशा के पास खिलौने नहीं थे. तब उन्होंने एक कारपेंटर की मदद से बच्ची के लिए लकड़ी के खिलौने बनवाए.

Nisha Ramasamy
निशा रामासामी पहले स्कूल में टीचर थीं, अब लकड़ी के खिलौने बनाने का काम करती हैं. (फोटो- फेसबुक)

उनके कई दोस्तों को ये खिलौने इतने पसंद आए कि उन्होंने निशा से अपने बच्चों के लिए बनवाने को कहा. निशा बनवाती गईं. और इस तरह वो आ गईं लकड़ी के खिलौनों के कारोबार में. 2018 में अपने पति के साथ मिलकर एक कंपनी खोल ली. वे जिस भी देश घूमने जाते, वहां से खिलौनों का आइडिया लेकर आते और बनाते. ‘योर स्टोरी’ के मुताबिक, निशा कहती हैं,

पैदा होने के बाद से तीन साल तक की उम्र बच्चों को लिए बहुत ज़रूरी होती है. ये वो वक्त होता है, जब बच्चा बोलना सीखता है. ऐसे में ये बड़ों की ज़िम्मेदारी है कि वो बच्चों की ज़रूरतों को देखें.

निशा अब एक सफल आंत्रप्रेन्योर बन चुकी हैं.

तो ये थीं आज की ख़बरें. कल फिर मिलेंगे विमन इन न्यूज़ में. अगर आप भी जानते हैं ऐसी महिलाओं को, लड़कियों को, जो दूसरों के लिए मिसाल हैं, तो हमें उनके बारे में बताइए. मेल करिए lallantopwomeninnews@gmail.com पर.


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