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देश में सामने आए रेप के इतने केस, आंकड़े शर्म से सिर झुकाने वाले हैं

हाथरस के बाद अब बलरामपुर से आया भयावह रेप केस

जाति की बेड़ियां तोड़ इस महिला ने बनाया समाज में रुतबा

कोच्चि की लड़की ने किया लॉकडाउन का सबसे सही इस्तेमाल

इन सबके बारे में जानेंगे ऑडनारी के स्पेशल न्यूज बुलेटिन WIN, यानी विमेन इन न्यूज में. जहां हम बात करते हैं महिलाओं की, उनसे जुड़ी खबरों की, और ख़बरों में महिलाओं की. बढ़ते हैं पहली खबर की ओर.

# बलरामपुर में सामने आया भीषण गैंगरेप का मामला

हाथरस मामले को लेकर हालात गरमाए हुए हैं. इसी बीच यूपी के ही बलरामपुर में कथित गैंगरेप के बाद लड़की की मौत का मामला सामने आया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की की मां ने बताया कि 29 सितंबर यानी मंगलवार को उनकी बेटी कॉलेज में एडमिशन के लिए घर से निकली थी. लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आई. फोन भी नहीं लगा. शाम को एक रिक्शेवाला लड़की को घर लेकर आया. उसकी हालत बहुत खराब थी. मां ने आगे कहा,

“दस मिनट बाद मेरी बेटी कहने लगी कि पेट में बहुत जलन हो रही है. हम उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टर ने कहा कि या तो लखनऊ ले जाओ या बलरामपुर ले जाओ, हालत गंभीर है. फिर जब हम उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तो रास्ते में उसने दम तोड़ दिया.”

मां ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाए-

कॉलेज से लौटते वक्त मेरी बेटी को रास्ते में तीन-चार लड़कों ने जबरन एक गाड़ी में बैठा लिया था. कमरे में ले गए. हाथ में इंजेक्शन लगाया. गैंगरेप किया.बेटी के पैर और कमर भी तोड़ दी.

पुलिस ने हालांकि इस बात से इनकार किया-

थाना को0गैसड़ी में युवती के साथ सामुहिक दुष्कर्म व हत्या के प्रकरण में मृतका के भाई की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत कर नामजद दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है । हाथ, पैर व कमर तोड़ने वाली बात असत्य है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। https://t.co/bIuHybQ0ya pic.twitter.com/eGiX2Sy1BK
— BALRAMPUR POLICE (@balrampurpolice) October 1, 2020

पुलिस का कहना है कि उनकी जांच में ये बात सामने आई कि कथित रेप के बाद लड़की के इलाज के लिए आरोपियों ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एक डॉक्टर जिया उर्रहमान को बुलाया था. लेकिन लड़की के साथ किसी महिला या बड़े के न होने की वजह से उन्होंने इलाज नहीं किया. डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने लड़कों से लड़की के पिता का नंबर मांगा, लेकिन नहीं मिला. डॉ. जिया उर्रहमान ने बताया,

मैंने कहा कि लड़की के घरवालों को सूचना दी जाए. उन लोगों ने कहा कि वो मोटरसाइकिल से जाकर लड़की के पिता को बुलाकर लाएंगे, फिर लड़की को क्लीनिक लेकर आएंगे. फिर मैं भी वापस क्लीनिक आ गया. उसके बाद लड़की को कहां लेकर गए, ये मुझे नहीं पता. हालांकि जब मैं कमरे में पहुंचा था तो लड़की कह रही थी कि पेट में बहुत दर्द हो रहा है.

लड़की की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ और उसके घंटे भर बाद ही अंतिम संस्कार कर दिया गया. स्थानीय लोगों का दावा है कि अंतिम संस्कार परिवारवालों की सहमति से हुआ था. ‘इंडिया टुडे’ से जुड़े सुजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने परिवार की शिकायत पर शाहिद और साहिल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. डीएम और एसपी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर 6 लाख 18 हज़ार रुपए की मुआवज़ा राशि का अनुमति पत्र दिया. पूरा मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग है.

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जब लड़की की तबीयत बिगड़ी तो डॉ. जिया उर रहमान को बुलाकर ले गए थे लड़के. (तस्वीर: इंडिया टुडे)

# हर रोज़ दस दलित महिलाओं का हो रहा रेप.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB. देश में अपराधों का लेखा-जोखा रखने वाली संस्था. इसके साल 2019 के आंकड़ों की मानें तो देश में हर दिन 95 बलात्कार रिपोर्ट किए जा रहे हैं. यानी हर घंटे कम से कम चार महिलाओ के साथ रेप हो रहा है.

इसी डेटा के अनुसार, 2019 में लगभग 3500 दलित महिलों के साथ बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई गईं. यानी रोज लगभग दस दलित महिलाएं बलात्कार का शिकार हुईं. इनमें एक तिहाई मामले राजस्थान और उत्तर प्रदेश से हैं.

2019 में करीब 32 हजार बलात्कार के मामले सामने आए. इनमें लगभग 16 हजार मामले सिर्फ राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल से हैं. बता दें कि ये ऐसे मामले हैं, जो रिपोर्ट किए गए. जो पुलिस तक पहुंच नहीं पाए, उनका कोई लेखा-जोखा नहीं है.

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राज्यवार दलित महिलाओं से रेप केसों की ऐसी है तस्वीर (इंडिया टुडे DIU)

# कोच्चि की इस लड़की ने लॉकडाउन में कमाल का काम कर दिया

आरती रघुनाथ. केरल से हैं. MSc सेकंड इयर की पढ़ाई कर रही हैं. खबरों में हैं क्योंकि लॉकडाउन के दौरान एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. इन्होंने तीन महीने के भीतर 350 ऑनलाइन कोर्स कर डाले. ऐसा करके यूनिवर्सल रिकॉर्ड फोरम में नाम दर्ज करा लिया. न्यू इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया,

मेरे कॉलेज के प्रोफेसर्स ने मुझे ऑनलाइन कोर्सेज की दुनिया से परिचित कराया. ऑनलाइन बहुत सारे कोर्स उपलब्ध हैं. अलग-अलग समयसीमा और सिलेबस वाले. मैंने अपने कॉलेज के प्रिंसिपल अजिम्स पी मुहम्मद, कोऑर्डिनेटर हनीफा केजी और क्लास ट्यूटर नीलिमा टीके के सपोर्ट से सारे कोर्सेज पूरे किए.

आरती ने कई मशहूर और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज़ से कोर्स किए. जैसे जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क, यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहैगन इत्यादि.

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आरती के इस अनोखे रिकॉर्ड की चर्चा है. (तस्वीर: फेसबुक)

# एंटी-रोमियो स्क्वॉड की महिला कांस्टेबल ने यौन शोषण के आरोप लगाए

बुलंदशहर के महिला थाना में पोस्टेड एक महिला कांस्टेबल ने गुलावठी पुलिस स्टेशन के SHO पर यौन शोषण और हैरेसमेंट के आरोप लगाए हैं. बता दें कि ये महिला कांस्टेबल एंटी-रोमियो स्क्वाड में तैनात हैं. ये स्क्वाड साल 2017 में बनाया गया था. राह चलते लड़कियों को छेड़ने और उनका यौन शोषण करने वाले लड़कों से सुरक्षा देने के लिए. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री के पोर्टल के साथ-साथ अपने सीनियर अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की है. उन्होंने लिखा,

‘जब महिला सुरक्षा के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं तो मैं सरकार से दरख्वास्त करती हूं कि मेरे साथ हुए गलत बर्ताव का संज्ञान ले और उचित कार्रवाई करे’.

इस मामले पर SSP संतोष सिंह ने क़हा कि मुझे इसकी जानकारी मिली है. मैंने जांच के लिए ख़ास निर्देश भी दिए हैं. रिपोर्ट हफ्ते भर में मांगी है. आरोपी दोषी मिला तो सख्त कार्रवाई होगी.

# भारत से प्यार करने वाली ब्रिटिश महिला, जिसने लगातार भारत की आज़ादी की मांग की

1 अक्टूबर 1847 को लंदन में जन्मीं एनी बेसेंट जब पांच साल की थीं, तभी उनके पिता गुज़र गए. उसके बाद वह फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में गईं. 17 साल की उम्र में अपनी मां के पास वापस लौटीं. 20 साल की उम्र में चर्च से जुड़े एक व्यक्ति फ्रैंक बेसेंट से ब्याह हुआ. लेकिन दोनों के विचार मेल नहीं खाते थे. इसलिए अलग होने का फैसला किया. एनी बेसेंट ने महिलाओं और कामगारों के अधिकार के लिए लगातार काम किया. भारत में अपनी रिसर्च के लिए आई थीं. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने भारत में सेल्फ रूल की मांग की. 1917 में कांग्रेस की अध्यक्ष भी बनीं. उसके बाद से लगातार भारत की आज़ादी की मांग करती रहीं. इन्होंने सेंट्रल हिन्दू कॉलेज की शुरुआत की, और ये बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के शुरूआती कॉलेजों में से एक बना. आज़ादी से पहले के मद्रास में अद्यार नाम की जगह थी. यहीं थी थियोसॉफिकल सोसाइटी. एनी बेसेंट इसकी अध्यक्ष भी रहीं. साल 1933 में इनका देहांत हुआ.

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एनी धर्म निरपेक्षता की भी बड़ी पैरोकार थीं.

# आज की ऑडनारी

जिसमें हम आपको मिलवाते हैं एक ऐसी आम महिला या लड़की से, जो कोई सिलेब्रिटी नहीं होती. लेकिन उससे देश की सभी महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं.

‘आज की ऑडनारी’ हैं किरुबा मुनुसामी. लॉयर हैं. सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं. तमिलनाडु से हैं. वहां की डॉक्टर आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त सालेम के सेंट्रल लॉ कॉलेज से इन्होंने कानून की पढ़ाई की. मद्रास हाई कोर्ट में भी प्रैक्टिस कर चुकी हैं. किरुबा ने हमें बताया,

‘मैं एक ‘अनटचेबल कास्ट’ से आती हूं. अपने परिवार की पहली ऐसी पीढ़ी से हूं, जो ग्रेजुएट हुई. मेरे माता-पिता स्कूल गए थे, लेकिन आगे की पढ़ाई नहीं की. उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को इसलिए पढ़ा-लिखाकर प्रोफेशनल बनाया, ताकि हम समाज में आगे बढ़ सकें. मेरी सबसे बड़ी बहन डॉक्टर है, उससे छोटी वाली बहन इंजीनियर है, और मैं लॉयर हूं.’

हाल में जातिगत हिंसा के मामलों पर किरुबा ने कहा कि जाति एक अहम मुद्दा है महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा में. अगर एक अपर कास्ट महिला के साथ यौन हिंसा या हिंसा के चांस 100 फीसद हैं, तो दलित महिलाओं के मामले में ये 500 फीसद हो जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यौन हिंसा जातिगत और सामाजिक रूप से अपना दबदबा जताने का एक तरीका है. इसे नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता.

किरुबा ने वर्कप्लेस पर काफी डिस्क्रिमिनेशन भी झेला. कुछ समय पहले किरुबा ने पीरियड लीव पर हुई बहस के दौरान ट्वीट करके कहा था कि हेल्थकेयर फैसिलिटीज़ दलित महिलाओं के लिए अब भी दूर की कौड़ी है. उन्हें अपने पीरियड्स के लिए छुट्टी लेने पर नौकरी से निकाल दिया गया था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज दिल्ली में रहकर शोषित और पिछड़े समाज के लोगों के केस लड़ रही हैं.

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किरुबा ने भेदभाव के बावजूद समाज में अपनी जगह बनाई. (तस्वीर: स्पेशल अरेंजमेंट)

तो ये थीं आज की ख़बरें. कल फिर मिलेंगे विमेन इन न्यूज़ में. अगर आप भी जानते हैं ऐसी महिलाओं को, जो दूसरों के लिए मिसाल हैं, तो हमें उनके बारे में बताइए. मेल करिए lallantopwomeninnews@gmail.com पर.


वीडियो: हाथरस मामला: अब पुलिस का दावा है लड़की के साथ रेप नहीं हुआ

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