Submit your post

Follow Us

बॉयज़ लॉकर रूम में फैली सड़ांध के ज़िम्मेदार टीचर भी हैं

साल 2005

गर्मी का मौसम था. उस समय क्लासरूम में AC का चलन नहीं था. कभी-कभी लाइट चली जाती थी, तो गर्मी के मारे बुरा हाल हो जाता था. ऐसे में एक दिन मैडम क्लास में पढ़ा रही थीं और बीच में लाइट गायब. पंखे बंद हो गए. एकसाथ सभी के मुंह से गुर्राहट निकली. दो तीन ‘अरे भाई’ भी सुनाई दिए हल्के से. पांच मिनट बीतते न बीतते सभी पसीने में तर थे. मेरे कंधों तक लंबे बाल भी पसीने-पसीने हो रहे थे. पोनीटेल ढीली हो गई थी, तो बाल मुंह पर आ रहे थे. सोचा, एक बार कसकर पोनीटेल बांध लेती हूं, तो शायद राहत मिलेगी. यही सोचकर बालों की तरफ हाथ बढ़ाया. अभी रबर बैंड खोला भी नहीं था ढंग से कि अचानक पूरी क्लास शांत हो गई. उस तरफ ध्यान जाता, उससे पहले बगल में बैठी लड़की ने कुहनी मारी. नज़र ऊपर उठी, तो मैडम जलती निगाहों से घूर रही थीं. जोर से कड़कीं-

‘आप ही से बात कर रहे हैं. ये कोई ग्रीन रूम है? बैठ कर बाल बना रही हैं. ये सब मेरे क्लास में मत करिए’.

पूरी क्लास में चुप्पी थी. मुझसे भी कुछ कहते नहीं बना. लेकिन आंखों में आंसू छलक आए थे. क्लास के बाद झुंड बनाकर बैठे लड़के इशारे कर खिलखिलाते नज़र आए. आंखें थोड़ी और झुक गईं. तब तक लाइट आ गई थी. पंखे भी चल रहे थे. लेकिन चेहरा तमतमा उठा था.

Girl 1145464 1920
उस समय मेरी उम्र मुश्किल से 11 साल थी. मुझे अगले कई साल तक ये बात समझ नहीं आई थी कि आखिर मुझे उस टीचर ने डांटा क्यों. (सांकेतिक तस्वीर: Pixabay)

साल 2007

हमारे हिंदी के टीचर कुछ पढ़ा रहे थे. मेरे पीछे बैठी लड़की से उन्होंने कोई सवाल पूछा. उसे जवाब नहीं आता था. सभी के सामने उन्होंने जोर से कहा-

‘कुछ आता नहीं है, तो क्लास में काहे आ के बैठ गई हैं? देह देखकर लगता है IA-BA (इंटरमीडिएट-ग्रेजुएशन) में पढ़ने लायक होंगी और पढ़ रही हैं नौवीं में.’

उस लड़की ने कुछ नहीं कहा. बस मुट्ठियां भींच लीं. और अपने होंठ चबा लिए.

13 साल बाद भी मुझे उस लड़की का चेहरा जस का तस याद है. और याद है उसके गालों पर आई वही तमतमाहट, जो मेरे लिए जानी-पहचानी थी. पीछे बेंच पर बैठे कुछ लड़कों की दबी हुई हंसी. इसके कुछ दिनों बाद ही दूसरे क्लासरूम के ब्लैकबोर्ड पर लड़कियों के जननांगों से जुड़ी तीन-चार गालियां लिखी हुई थीं. टीचर के आने से पहले लड़कियों ने ही उसे जल्दी-जल्दी साफ़ किया. वरना गाज उन्हीं पर गिरती, उन्हें मालूम था.

Girl 1149933 1280
स्कूल जाने वाली उन लड़कियों के चेहरे पर जो भाव था, वो गालियां देख लेने से निकली जुगुप्सा नहीं थी. वो भय था. कि टीचर ने देख लिया तो बात हम पर आएगी. (सांकेतिक तस्वीर: Pixabay)

लॉकर रूम में हंसते टीचर 

हाल में ‘बॉयज लाकर रूम’ में लड़कों द्वारा लड़कियों के लिए अश्लील बातें करने का मामला सामने आया. इसमें नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें शेयर की जाती थीं. उनकी नग्न फोटो बांटी जाती थीं. जब से ये मामला खुला है, तब से सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ है. कुछ भोले लोग शॉक में हैं कि उम्र में इतने छोटे लड़के ये कैसी बातें कर रहे हैं.

कोई उनको झिंझोड़ कर कह दे कि ये सवाल उन टीचरों से क्यों नहीं पूछा गया, जो सबके सामने लड़कियों को उनके अपने ही शरीर को लेकर शर्मिंदा महसूस कराते थे. वो टीचर, जो जींस पहनने वाली लड़कियों को ‘खराब लड़की’ करार दे दिया करती थीं?

बॉयज लाकर रूम में जिस ग्रुप में लड़कों की चैट होती थी, उस ग्रुप के एक लड़के को साइबर क्राइम सेल ने पकड़ा. दिल्ली के जिन स्कूलों के स्टूडेंट इस ग्रुप में जुड़े पाए गए, उनमें से एक के प्रिंसिपल से बात की गई. उनका कहना है-

‘ये पता चला है कि उस ग्रुप के कुछ लड़के हमारे स्कूल के हैं. जिस वक्त हमें इसके बारे में पता चला, पुलिस तक शिकायत पहुंच चुकी थी. हमें खुद हैरानी हुई. क्योंकि हमारे स्कूल में ऐसा माहौल है, जिसमें हम जेंडर से जुड़े मुद्दों और उनकी रिस्पेक्ट करने की बात करते हैं. साइबर क्राइम के बारे में भी बात होती है. हमने इस पर कई वर्कशॉप भी की थीं. मुझे लगता है कि स्कूल के साथ-साथ पैरेंट्स का भी उनके बच्चों की ज़िंदगी में थोड़ा भागीदार होना जरूरी है.’

कहने को तो हमारा स्कूल भी शहर के बेहतरीन स्कूलों में से एक था. लेकिन टीचर्स रूम में होने वाली गप्पों और कुत्त-कलेश से कोई अनजान नहीं था. खुद महिला टीचर कैरेक्टर सर्टिफिकेट बांटती फिरती थीं सभी के सामने. पुरुष टीचर दबी ज़बान में बात करते थे, लेकिन किसी भी मामले में उंगली सबसे पहले लड़की की तरफ ही उठाते थे. लड़कियां ब्लैकबोर्ड से गालियां मिटातीं, अपनी कुर्ती खींचतीं, दुपट्टे को और फैलातीं, चुपचाप कोने में दुबक जाती थीं. इन लड़कियों की उम्र 12 से लेकर 16 साल के बीच थी.

Girl 2330491 1920
नाबालिग लड़कियों का उम्र से पहले ही एक सेक्शुअल ऑब्जेक्ट की तरह ट्रीट किया जाना जिस मानसिकता की वजह से होता है, टीचर भी उसमें हिस्सा लेने से पीछे नहीं हटते. (सांकेतिक तस्वीर: Pixabay)

ताली एक हाथ से नहीं बजती?

एक लड़की को किसी लड़के ने लव लेटर दिया था. उसके पास बैठने वालों ने शिकायत कर दी. पूरी क्लास के सामने उस लड़की को खड़ा करके डांटा गया. हाथ में वो लव लेटर लेकर चीखतीं उस टीचर ने एक बार नहीं सोचा कि दोष लिखने वाले का है. उसका नहीं, जिसके बैग में उसे ठूंस दिया गया. लेकिन ‘बेस्ट टीचर’ का अवॉर्ड पाने वाली उस टीचर की नज़र में गलती सिर्फ लड़की की थी. गलती ये कि वो लड़की थी. ‘उसने ज़रूर ऐसा कुछ किया होगा. तभी तो लड़के की हिम्मत हुई. वरना बाकी किसी को तो नहीं मिलते लव लेटर.’

अपने लड़कों को जिम्मेदार बनाने को सब कहते हैं. लेकिन उन्हें सिखाने वाले ही जब ऐसे हों, तो सीखने को क्या बचेगा, आसानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं.


वीडियो:जामिया की सफ़ूरा के अजन्मे बच्चे को ‘नाजायज़’ कहने वालें, अब कार्रवाई होगी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

पति ने पत्नी को आग के हवाले कर परिवार वालों से कह दिया कि उसने आत्महत्या की कोशिश की

तीन साल के रिलेशनशिप के बाद दोनों ने शादी की थी.

'आप बच्चों से ये सब कैसे करवा सकती हैं?' रेहाना फातिमा के सेमी न्यूड वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रेहाना की अग्रिम ज़मानत याचिका भी खारिज की.

लड़की पसंद के लड़के से शादी की ज़िद पर अड़ी, तो पिता ने गुस्से में मार डाला

कुछ दिन पहले लड़की भागकर लड़के के घर भी चली गई थी.

चोरी करने के मकसद से घर में घुसा था, बच्ची मिली तो यौन शोषण कर उसे बुरी तरह चोटिल किया

आरोपी पर पहले से ही हत्या समेत चार गंभीर मामले दर्ज हैं.

75 बरस की महिला रेप का शिकार, शरीर के कई हिस्से चोटिल

महिला को भूलने की बीमारी, इसलिए ठीक से कुछ बता भी नहीं पा रहीं.

गाज़ियाबाद पुलिस ने जिस महिला को मरा हुआ माना था, वो ज़िंदा निकली

सूटकेस में मिला शव किसका था, कुछ पता नहीं.

पांच नाबालिग सहित छह पर आठ साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप

पिता ने जब एक आरोपी के घरवालों को बताया, तो उन्होंने हमला कर दिया.

कोरोना टेस्ट के लिए लड़की के वजाइना का सैम्पल लिया, टेक्नीशियन पर रेप का केस दर्ज

घटना महाराष्ट्र के अमरावती के सरकारी लैब की है.

कपल यूट्यूब स्टार है, घरेलू हिंसा का आरोप लगा तो पति ने सारे वीडियो डिलीट कर दिए

अस्पताल के सामने पत्नी को पीटने का आरोप लगा था.

तीन साल की बच्ची खून से लथपथ पड़ी रही, रातभर अस्पतालों ने भर्ती तक नहीं किया

बच्ची का कथित तौर पर उसके ताऊ ने रेप किया था.