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कोविड का पता लगाने के लिए CT स्कैन कराना कितना सही है?

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो भी सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित हैं. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लें. लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

इस बार कोविड के दौरान बहुत से लोग CT स्कैन करवा रहे हैं ताकि पता चला सके कोविड है या नहीं. ये भी पता चल जाए कि कोरोना से शरीर को कितना नुकसान हो रहा है. कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही ऐसा करवा ले रहे हैं. कुछ दिन पहले AIIMS के चीफ़ रणदीप गुलेरिया ने CT स्कैन को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कोविड के माइल्ड केसेस में CT स्कैन नहीं करवाना चाहिए. एक CT स्कैन 300 से 400 चेस्ट एक्सरे के बराबर होता है. कम उम्र में बार-बार CT स्कैन करवाने से कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है. अगर बॉडी में ऑक्सीजन लेवल नॉर्मल है तो CT स्कैन करवाने की ज़रुरत नहीं है. तो आज जानते हैं कोरोना वायरस के डायग्नोसिस में सी-टी स्कैन का क्या रोल है. और डॉक्टर इसे बार-बार करवाने से मना क्यों कर रहे हैं?

ये हमें बताया डॉक्टर अमित ने.

डॉक्टर अमित कुमार, एमडी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग मेडिकल सेंटर
डॉक्टर अमित कुमार, एमडी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग मेडिकल सेंटर

कोविड का पता लगाने में क्या CT स्कैन मदद करता है?

-CT स्कैन का कोरोना वायरस के इलाज में बहुत ही लिमिटेड रोल है

-कई पेशेंट्स खुद ही CT स्कैन करवा रहे हैं

-कोई भी डायग्नोस्टिक टेस्ट को दो पैमानों पर तोला जाता है- टेस्ट कितना स्पेसिफिक है या कितना सेंसिटिव है

-सेंसिटिव यानी किसी भी पेशेंट का कोई टेस्ट करवाया गया और वो नेगेटिव आया. उसके बाद क्या ये पुख्ता तरीके से कहा जा सकता है कि उसे ये बीमारी नहीं है

-वही टेस्ट पॉजिटिव आया तो क्या ये साबित हो जाता है कि उसे वो बीमारी है?

-कोरोनावायरस के केस में जो CT स्कैन है वो केवल 20 प्रतिशत स्पेसिफिक है

-RT-PCR 98 प्रतिशत तक सही होता है

-कोरोनावायरस के मैनेजमेंट में CT स्कैन का कोई रोल नहीं है

-अगर किसी पेशेंट का ऑक्सीजन लेवल 98 है, लेकिन CT स्कैन में उसके लंग्स खराब आते हैं तो उसे वेंटिलेटर पर नहीं रखेंगे

-अगर किसी की ऑक्सीजन 50 प्रतिशत है, लेकिन CT स्कैन ठीक है तो ऐसे इंसान को भी वेंटिलेटर पर डालने की जरूरत पड़ सकती है

-मान लीजिए किसी पेशेंट का RT-PCR नेगेटिव है, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण हैं. ऐसे में एक अर्जेंट CT स्कैन किया जा सकता है

-CT स्कैन में एक्सरे का डोज़ ज़्यादा होता है, लेकिन 200, 300 गुना नहीं होता.

AI checks CT scans for COVID-19 – Physics World
कोरोनावायरस के मैनेजमेंट में सीटी स्कैन का कोई रोल नहीं है

-ये इकलौती वजह नहीं है CT स्कैन न करवाने की

-CT स्कैन की मशीनें लिमिटेड होती हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के न करवाएं

कुछ डॉक्टर CT स्कैन करवाने से क्यों मना कर रहे हैं, ये हमने समझ लिया. अब जानते हैं कि क्या वाकई सीटी स्कैन करवाने से कैंसर हो सकता है? साथ ही ये भी कि CT स्कैन के अलावा लोगों के पास और क्या विकल्प हैं?

क्या CT स्कैन से कैंसर हो सकता है?

-CT करवाने से मना किए जाने के पीछे कारण कैंसर नहीं है

-अगर लक्षण हैं, टेस्ट नेगेटिव है और रिस्क फैक्टर काफ़ी है, तभी CT स्कैन करवाना चाहिए

-अगर RT-PCR पॉजिटिव है तो CT करवाने की ज़रुरत नहीं है

-CT या एक्सरे करवाने से एकदम से कैंसर नहीं होता है, लेकिन कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है

-इसके पीछे कारण है कि CT और एक्सरे की मशीन में जिन तरंगों का इस्तेमाल होता है, वो आयोनाइजिंग रेडिएशन हैं

-एटम बम से जो तरंगे निकलती हैं, वो भी आयोनाइजिंग रेडिएशन है

-जितने भी आयोनाइजिंग रेडिएशन हैं, वो सेल्स के अंदर पाए जाने वाले डीएनए को खराब कर देती हैं

-अगर कुछ देर के लिए आप इस रेडिएशन के संपर्क में आते हैं तो हमारे सेल्स उससे बचा सकते हैं

-बार-बार अगर रेडिएशन से सामना होता है तो सेल्स खुद को बचा नहीं पाते

-ये सेल्स कैंसर में परिवर्तित हो सकते हैं

-ऐसे में ज़रूरत न होने पर भी CT करवा रहे हैं तो कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है

COVID-19 pneumonia – Chest X-ray or CT?
अगर RT PCR पॉजिटिव हैं तो सीटी करवाने की ज़रुरत नहीं है

CT स्कैन का क्या विकल्प है?

-कोरोना के लक्षण दिखने पर RT-PCR टेस्ट करवाएं

-अगर पॉजिटिव हैं तो CT की ज़रूरत नहीं है

-ऑक्सीजन लेवल देखते रहें

-अगर ऑक्सीजन 94 से कम है तो डॉक्टर को तुरंत बताएं

-सिर्फ़ उस केस में CT स्कैन की ज़रूरत पड़ती है, जब आपको कोरोना के लक्षण हैं और आपका RT-PCR नेगेटिव है

-अगर रिस्क फैक्टर हैं जैसे डायबिटीज, अस्थमा आदि तो आपको हॉस्पिटल की ज़रूरत पड़ सकती है. तब डॉक्टर CT स्कैन करवा सकते हैं

-अगर लक्षण हैं लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव है तो डॉक्टर कोरोना होने की संभावना पर यकीन रखते हैं

-अगर कोविड के लक्षण हैं तो CT में कुछ न कुछ तो दिखाई देगा, लेकिन उससे इलाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा

-इलाज वही होगा, जो ऑक्सीजन लेवल के हिसाब से डॉक्टर को सही लगेगा

उम्मीद है CT स्कैन को लेकर आपके मन में जो भी सवाल थे, उनके जवाब आपको मिल गए होंगे. अगर आपको माइल्ड कोविड है तो CT स्कैन करवाने न भागें. अपने डॉक्टर की सलाह लें.


वीडियो: Covid-19 के लक्षण होने पर भी RT-PCR Test Negative है तो करें ये काम

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