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सोशल मीडिया पर मुस्लिम लड़कियों की बोली लग रही, पर शिकायत का कोई असर नहीं

कभी-कभी हमारे पास खबरें आती हैं कि 25 लड़कों ने मिलकर रेप किया, भाइयों ने मिलकर रेप किया, बाप-बेटे ने मिलकर रेप किया. हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि ये लोग हैं कौन जो ऐसा कर सकते हैं. हमारे आस-पास जो भी पुरुष हैं, भले ही वो हमारे परिवार के कोई सदस्य हों, या दोस्त या कलीग हों, हम उनकी इज्ज़त करते हैं. एक औसत लड़की ये सोच भी नहीं सकते कि इन्हीं पुरुषों में से किसी के दिमाग में किसी तरह की गंदगी पनप रही होगी. ये सारी चीज़ें हमारी कल्पना से भी परे है. तो क्या फिर इन लोगों को ऐसी हरकत करते हुए शर्म नहीं आती? इसके बाद हम आते हैं पब्लिक प्लेस में. हम देखते हैं कि इस तरह के अपराध को अंजाम देने वालों के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग होती है. लोग कहते हैं कि इनके तो सिर काट देना चाहिए, या फिर लिंग काटकर ‘नामर्द’ बना देना चाहिए. फिर सवाल आता है कि इन सारे अपराधों की जड़ आखिर कहां फंसी हुई है? तो इसका जवाब हम आपको उदाहरण के ज़रिए देंगे.

13 मई को इंडिया के ‘लिबरल डॉग लाइव (Liberal Doge Live)’ नाम के एक यूट्यूब चैनल से एक वीडियो लाइव स्ट्रीम हुआ. स्क्रीन पर एक-एक करके कई सारी पाकिस्तानी लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो आ रहे थे. ये वो फोटो और वीडियो थे, जिन्हें पाकिस्तान की लड़कियों ने ईद के मौके पर अपलोड की थी. बैकग्राउंड से दो लड़कों की आवाज़ आ रही थी, जो आपस में बात कर रहे थे. दोनों लड़के इन लड़कियों की शारीरिक बनावट पर कमेंट कर रहे थे, और इस हिसाब से उन लड़कियों को रेटिंग दे रहे थे. फिर इन्हें वर्चुअली नीलाम कर रहे थे. इस यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग के डिस्क्रिप्शन में लिखा था-

“आज अपनी ठरकभरी आंखों से लड़कियां ताड़ेंगे”

हालांकि अब ये वीडियो यूट्यूब पर आपको नहीं मिलेगा, इसे हटा लिया गया है. लेकिन इसका एक हिस्सा वायरल हो गया है, जिसे सुनकर साफ पता चल रहा है कि ये दोनों लड़के पाकिस्तानी लड़कियों के ब्रेस्ट साइज़ पर भी कमेंट कर रहे थे. एक लड़का ये कहते हुए सुनाई आया कि-

‘इसकी आंख देख रहे हैं, कतई बवाल एकदम’

इस बात को सुनकर दूसरे लड़के ने कहा-

“आंख के लिए तो इसका फ्लेट भी चलेगा”

Online Bidding (4)
इस चैनल से लाइव स्ट्रीम हुआ था.

इस लाइव स्ट्रीम का सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर विरोध भी किया. एक यूज़र ने ट्वीट कर जानकारी दी कि इस वीडियो में इन लड़कों ने मास्टरबेशन पर भी इशारों-इशारों में बात की थी. जब बहुत विरोध हुआ, तो इस वीडियो को यूट्यूब से हटा दिया गया. लेकिन जब इसे पोस्ट किया गया था, तब वीडियो के टाइटल में ‘केशू X’ नाम के यूज़र का नाम भी लिखा था. ट्विटर पर जिन लोगों ने विरोध किया था, उनमें से भी कई सारे यूज़र्स ने यूज़र आईडी @Keshu__10 को मेंशन किया था. हालांकि अब ये ट्विटर अकाउंट एग्जिस्ट नहीं करता है. वहीं हमने ‘लिबरल डॉग लाइव’ चैनल को खंगाला, तो पता चला कि इसके करीब 15 हज़ार सब्सक्राइबर हैं. और ये चैनल अभी भी मौजूद है, हालांकि पाकिस्तानी लड़कियों वाला वीडियो अब इसमें उपलब्ध नहीं है. सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने जानकारी दी कि इस चैनल को झारखंड के साहिबगंज में रहने वाले अंकित कुमार झा और रितेश कुमार झा मिलकर चलाते हैं. इसके बाद जर्नलिस्ट रोहिणी सिंह ने झारखंड सीएम हेमंत सोरेन को टैग कर ट्वीट किया और मामले की शिकायत की. इस पर हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस को टैग करके लिखा-

“मामले का संज्ञान लेते हुए जांच करें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें.”

वहीं यूपी की जौनपुर पुलिस ने भी ट्वीट कर कहा-

“आईडी की जानकारी एवं विधिक कार्यवाही हेतु साइबर सेल को निर्देशित किया गया है.”

भारत की लड़कियां भी हो रही हैं शिकार

ये तो हो गई पाकिस्तानी लड़कियों की बात. अब आते हैं भारतीय लड़कियों पर. तो मेरे प्यारे दोस्तों, हमारे देश की लड़कियां भी इस तरह के साइबर अटैक का शिकार हो रही हैं.

“मैं कल रात से सोई नहीं. बीपी हाई हो गया. बहुत परेशान रही. ये सब चीजें बहुत मानसिक तनाव देती हैं.”

यह बात हमें इंडिया टुडे के साथ काम करने वालीं सानिया अहमद ने बताई. बताते हुए उनकी आवाज में गुस्सा, परेशानी और दुख एक साथ महसूस हो रहा था. आखिर क्यों कहा उन्होंने ऐसा?

दरअसल, तमाम महिलाओं की तरह ही सानिया अहमद को भी सोशल मीडिया पर परेशान किया जा रहा है.हमें बताया कि इन लोगों का एक बड़ा नेटवर्क है. इनके निशाने पर मुस्लिम महिलाएं रहती हैं. ये उनकी बोली लगाते हैं. सानिया अहमद ने पिछले साल एक ऐसे ही अकाउंट को उनकी खुद की बोली लगाते हुए पकड़ा था. इस बारे में सानिया ने ट्वीट भी किया है-

Online Bidding (2)
सानिया का ट्वीट. इस हैंडल ने उन्हें ब्लॉक किया था.

उन्होंने बताया कि इस अकाउंट से बहुत पहले से इस तरह की हरकतें हो रही थीं. यही नहीं ये लोग पाकिस्तान की लड़कियों की भी बोली लगाते हैं. जब उन्होंने उनकी खुद की बोली लगाने वाले अकाउंट को पकड़ा, तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया.

ऐसे ही एक अकाउंट से हसीबा अमीन की बोली लगाई गई. हसीबा कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय संयोजक हैं. गियू नाम के अकाउंट से हसीबा अमीन को पिनाकीशिव नाम के ट्विटर हैंडल को बेच दिया गया. बोली लगी 77 पैसे की. ये सब काम ट्विटर पर खुले आम होता रहा. इसके बारे में हसीबा ने गुस्से में ट्वीट करते हुए लिखा-

“यह सब क्या है ट्विटर! ये लोग मुझे खरीदने बेचने के लिए बोली लगा रहे हैं. ये हैंडल दावा कर रहा है कि मैं किसी को बेच दी गई हूं. वो कह रहा कि भाई अब एंजॉय करो. इस ट्वीट में जो रिप्लाई आ रहे हैं उनमें कहा जा रहै कि मैं पोछे या किसी और तरीके से यूज की जा सकती हूं. ये हरासमेंट है!”

Online Bidding Hasiba
हसीबा का ट्वीट

 

पोटेंशियल रेपिस्ट हैं ये लोग!

नफरत से भरे ये अकाउंट मुस्लिम महिलाओं को ‘सुल्ली’ शब्द से संबोधित करते हैं, जो कि एक अपमानजनक शब्द है. मुस्लिम औरतों के प्रति इतने हिंसा से भरे हैं कि उन्हें सरेआम रेप की धमकी देते हैं. जिस अकाउंट से हसीबा अमीन की बोली लगाई गई, उसकी शिकायत हुई, तो उस अकाउंट का नाम बदलकर मुहम्मद आलम कर दिया गया. शिकायत सानिया अहमद ने की थी, तो उनके साथ एक और मुस्लिम लड़की की तस्वीर लगाई गई. फिर पोल चलाया गया. सानिया अहमद ने इस पोल के बारे में हमें बताया-

“इस अकाउंट से एक पोल चलाया गया. जिसमें मेरे साथ एक और लड़की की फोटो लगाई गई. लिखा गया कि इन दोनों में से किसके साथ सोना चाहोगे? यह पोल पूरे दिन चला. 24 घंटे. हम रिपोर्ट करते-करते थक गए. लेकिन ट्विटर ने कोई कार्रवाई नहीं की.”

इसी पोल वाले ट्वीट को रीट्वीट करते हुए एक दूसरे नफरती अकाउंट से लिखा गया कि मुस्लिम लड़कियों का पहले बलात्कार करना चाहिए और फिर उन्हें मार देना चाहिए. इसमें गुजरात 2002 दंगो की एक मुस्लिम पीड़िता का भी जिक्र किया गया. इस ट्वीट को हसीबा ने रीट्वीट करते हुए ट्विटर पर सवाल उठाए.

Online Threats
हसीबा का ट्वीट.

 

क्या कार्रवाई हुई?

सानिया अहमद ने हमें बताया कि इस संबंध में उन्होंने पिछले साल दिल्ली साइबर सेल में शिकायत की थी. लेकिन तब से लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. हमने इस संबंध में दिल्ली साइबर सेल को कई बार फोन मिलाया. लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला. हालांकि, दूसरी तरफ इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्रवाई की बात कही है. दूसरी तरफ, सानिया ने हमें यह भी बताया कि अब वे अपने वकील के जरिए ट्विटर को नोटिस भेजने जा रही हैं. क्योंकि बार-बार शिकायत करने पर भी ट्विटर इन अकाउंट पर कोई कार्रवाई नहीं करता. जबकि दूसरे देशों में कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि ये सब चीजें बहुत मानसिक तनाव देती हैं. घरवाले भी परेशान हो जाते हैं. जबकि हमारी कोई गलती भी नहीं होती. जिनकी होती है, वो बेखौफ ट्विटर पर लगातार यही सब करते रहते हैं. वहीं हसीबा अमीन ने भी पुलिस में शिकायत कर दी है. ‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के मानें, तो पुलिस का कहना है कि शिकायत पोर्टल में दर्ज हो गई है और जांच चल रही है.

इन मामलों में हमने देखा कि ज्यादातर मुस्लिम औरतें ही टारगेट हो रही हैं. क्यों? क्योंकि कुछ लोगों के अंदर अनगेटेबल, यानी जिसे पाया नहीं जा सकता, उन्हें लेकर एक अलग ही फितूर होता है. अलग नस्ल को लेकर अलग ही सोच होती है. लोगों को अपने धर्म की औरतें बहन-बेटी लगती हैं, दूसरे धर्म की औरतों के सिर पर चढ़ना चाहते हैं. आपमें से कुछ लोगों के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि ऑनलाइन डिस्कशन ही तो किया है, कौन सा फिज़िकली अब्यूज़ किया है. तो जान लीजिए कि इस तरह की कोई भी हरकत अपराध की कैटेगिरी में ही आएगी. पहला, तो आप किसी लड़की की तस्वीर डाउनलोड कर रहे हैं, ये राइट टू प्राइवेसी का हनन है. दूसरा- आप उसकी मर्ज़ी के बिना उसकी तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे हैं, ये भी अपराध है. तीसरा- जो सबसे अहम पॉइंट है, वो ये है कि इस तरह के लोग, जो वायलेंट बातें कह सकते हैं, उनके अंदर पूरा पोटेंशियल होता है कि वो आगे जाकर इस तरह का अपराध भी करें. इस पर और अच्छे से जानने के लिए हमने बात की मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अखिल अग्रवाल से. उन्होंने कहा-

“ऐसी हरकत करने वाले लोग पोटेंशियल क्रिमिनल हैं. क्योंकि जो आज सायकोलॉजिकल रेप कर रहे हैं, वो कल फिज़िकल रेप भी कर सकते हैं. और ऐसे ही लोग दूसरों की लाइफ बर्बाद करते हैं. ऐसा भी हो सकता है कि अपनी शादी के बाद ये अपनी पत्नी पर घरेलू हिंसा करें. इनके बर्ताव के कारण इनकी पत्नियों की ज़िंदगी भी नर्क की तरह हो जाती है. इस मामले को भी हमें रेप काउंट करना चाहिए. इसमें रेप की जो धाराएं होती हैं, उसके तहत केस दर्ज होना चाहिए.”

इतने गंभीर साइबर क्राइम होने के बाद भी विडंबना देखिए कि ज्यादातर मामलों में तो अपराधी पकड़ाई ही नहीं आते, वो बड़ी चालाकी से बच निकलते हैं. और इसके लिए वो इंटरनेट के इतने बिखरे हुए जाल का बड़े अच्छे से इस्तेमाल करते हैं. कैसे? इस पर हमें डिटेल में जानकारी दी आज तक के टेक एक्सपर्ट मुंज़िर अहमद ने. उन्होंने कहा-

“ऐसे पोस्ट करने वाले लोग सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गाइडलाइन्स जानने के बाद ही ऐसे पोस्ट करते हैं. चूंकि उन्हें पता है कि उनकी कौन-सी बात गाइडलाइन्स के तहत उल्लंघन के दायरे में आएगी और कौन-सी नहीं. ऐसे में फिर हो सकता है कि उन यूज़र्स की कोई बात आपको आपत्तिजनक लगे, और आपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में शिकायत कर दी, जिस पर कई बार कार्रवाई करके उसे हटा दिया जाता है. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है, ऐसा इसलिए क्योंकि ये सब अपलोड करने वाले लोग कीवर्ड के साथ खेलते हैं. उस तरह की ही चीज़ वो लिखते हैं, जो प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी के तहत आपत्ति के दायरे में नहीं आतीं. इसके अलावा इन लोगों को पकड़ना भी बहुत मुश्किल होता है. क्योंकि कोई भी इस तरह के साइबर क्रिमिनल्स होते हैं, वो सीधे अपने कम्प्युटर से पोस्ट नहीं करते. प्रॉक्सी इस्तेमाल करते हैं, IP को बाउंस कराते रहते हैं. ऐसे में उन्हें ट्रैक करना ही बहुत मुश्किल होता है.”

मुंज़िर बताते हैं कि अगर बहुत कोशिश के बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ने में कामयाब हो जाती है, तो फिर उनके ऊपर IPC की धाराओं के तहत ही एक्शन लिया जाता है. लेकिन फिर भी कई बार इन मामलों का फॉलो-अप न होने की वजह से आरोपी जल्दी छूट भी जाते हैं.


वीडियो- पाकिस्तानी मुस्लिम औरतों को रेटिंग दे रहे, ट्विटर पर बोली लगाकर बेच रहे लीचड़ लोग

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