Submit your post

Follow Us

क्या एक कोरोना पॉजिटिव मां को डिलिवरी के बाद उसके बच्चे से मिलने देते हैं?

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज के लिए अस्पताल तैयार हो रहे हैं. सरकार ने कुछ ख़ास अस्पताल भी मार्क किए हैं जिनमें COVID 19 के पेशेंट्स को ट्रीट किया जाएगा. या जिनके लक्षण हैं कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के, उनको रखा जाएगा. अब इन पेशेंट्स में कुछ प्रेगनेंट महिलाएं भी होंगी. जिनकी डिलीवरी नज़दीक है. ऐसे में अस्पताल उनके लिए कितना रेडी हैं. क्या बंदोबस्त है. क्या प्रोटोकॉल है. इन सबके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हमने बात की एक्सपर्ट्स से. पढ़िए उनका क्या कहना है.

सबसे पहले बात प्रेगनेंसी के रेगुलर केसेज की.

हॉस्पिटल जाने पर क्या होगा?

सबसे पहले अन्दर आते ही प्रेगनेंट महिला का चेकअप होगा. जांच की जाएगी कि कहीं COVID 19 के लक्षण तो नहीं हैंअगर लक्षण नहीं हैं तो ठीक. अगर हैं तो क्या?

आज तक से जुड़ी पूनम शर्मा ने दिल्ली के सीताराम भरतिया अस्पताल की गायनकॉलजिस्ट स्वाति सिन्हा और नियो-नैटलॉजिस्ट (नवजात बच्चों के हेल्थ एक्सपर्ट) डॉक्टर जितेंद्र नागपाल से बात की. उन्होंने बताया कि जांच के बाद अगर लक्षण पाए जाते हैं. या कोई कन्फर्म COVID 19 केस आता है, तो उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा.

Doc Swati
डॉक्टर स्वाति सिन्हा ने बताया कि संक्रमण एक पेशेंट से दूसरे पेशेंट तक न फैले, इसको सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है. (तस्वीर: आजतक)

क्या इंतजाम हैं आइसोलेशन वार्ड में?

# इसे पूरी तरह से सील रखा गया है.

# AC वगैरह की हवा जिन वेंट्स से निकलती है, उन्हें भी पूरी तरह से अलग रखा गया है.

# लेबर रूम अलग कर दिए गए हैं. ताकि किसी संदिग्ध या कन्फर्म COVID 19   पेशेंट का सम्पर्क किसी स्वस्थ महिला से न हो.

# नर्सों को ट्रेन किया गया है. उन्हें पूरी जानकारी दी गई है कि ऐसे किसी भी पेशेंट का ध्यान रखने में क्या क्या सावधानी बरती जाएगी.

Post Delivery Isolation
डिलिवरी के बाद महिला को इस आइसोलेशन रूम में रखा जाएगा. ये पूरी तरह से अलग और सीलबंद हैं ताकि इंफेक्शन बाहर न फ़ैल सके. (तस्वीर: आजतक)

डिलिवरी के समय किन बातों का ध्यान रखा जाएगा?

इसकी जानकारी के लिए ऑडनारी ने बात की डॉक्टर साधना काला से. ये मूलचंद हॉस्पिटल के गाइनकॉलजी डिपार्टमेंट में सीनियर कंसल्टेंट हैं. इन्होंने बताया,

# डिलिवरी के लिए हमारी गाइनी-ओब्स्टेट्रिक्स सोसाइटी ने प्रोटोकॉल भेजा है. हम उसी के हिसाब से चलते हैं. अभी तक हमारे पास ऐसा कोई पेशेंट आया नहीं है, लेकिन हमारी तैयारी पूरी है.

Doctor Kala 700x400
डॉक्टर साधना काला देश से लेकर विदेशों तक में गाइनकॉलजी पर पेपर पढ़ चुकी हैं. दिल्ली के सबसे भरोसेमंद डॉक्टर्स में से एक मानी जाती हैं. (तस्वीर: फेसबुक)

# इस प्रोटोकॉल में  अगर किसी COVID 19 पॉजिटिव महिला की डिलिवरी करनी है, तो उस एक पेशेंट की देखभाल में जितने लोग इन्वॉल्व होंगे, सबके लिए PPE (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) पहनना अनिवार्य होगा. सिस्टर, वार्डबॉय, एनिस्थीसिया देने वाले, हमारे असिस्टेंट, सभी उसे ज़रूर पहनेंगे. बच्चे के जन्म के बाद उसे फ़ौरन आइसोलेशन में रखा जाएगा.

क्या COVID 19 पॉजिटिव मां बच्चे को जन्म के बाद गोद में ले सकती है?

डॉक्टर काला ने बताया कि किसी भी महिला की डिलिवरी के बाद बच्चे को कब गोद में देना है या नहीं देना है, ये नियो नैटोलॉजिस्ट तय करेंगे. चाहे वो COVID 19 से संक्रमित हों, या फिर स्माल पॉक्स/चिकन पॉक्स से संक्रमित हों. किसी भी हाल में बच्चे को कब तक ऑब्जरवेशन में रखना है, ये एक्सपर्ट के ओपिनियन पर निर्भर करता है.

अभी तक क्या कोई ऐसा केस आया है जिसमें संक्रमित मां से बच्चे को इन्फेक्शन गया हो?

डॉक्टर काला ने बताया अभी तक तो ऐसा केस नहीं हुआ है. वहीं डॉक्टर जितेंद्र नागपाल ने बताया कि बच्चों को इन्फेक्शन का ख़तरा थोड़ा ज्यादा रहता है. इसलिए सावधानी बरतनी ज़रूरी है.

Dr Nagpal Neo Natalist
डॉक्टर जितेन्द्र नागपाल के अनुसार 15 साल से कम उम्र के बच्चों में COVID 19 के लक्षण नहीं दिखते और उन पर ज्यादा असर भी नहीं होता संक्रमण का, लेकिन नवजात शिशुओं को इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है. (तस्वीर: आजतक)

नॉर्मल डिलिवरी भी प्रभावित हुई है?

पूनम शर्मा से बातचीत में प्रेगनेंट कपल्स ने बताया कि उनके लिए रेगुलर चेकअप मुश्किल हो गया है. अभी तक बच्चे के लिए कोई ख़ास खरीददारी भी नहीं कर पाए हैं. सबसे बड़ी चिंता तो यही है कि मां और बच्चे को किसी तरह संक्रमण से बचाया जाए. हमने बात की डॉक्टर शिवानी चतुर्वेदी से.

अगर कोई ऐसा पेशेंट आता है जिसमें COVID 19 के लक्षण हैं, तो उसे सीधे उन अस्पतालों में भेजा जाता है जहां पर इससे निपटने की तैयारी है. लेकिन नॉर्मल डिलिवरीज में भी मौजूदा हालात का असर पड़ा है. पहले परिवार वाले साथ आते थे. बच्चे के जन्म पर उसकी नानी या दादी उसके साथ रहती थीं. उसका ध्यान रखती थीं. इस वक़्त विजिटर्स की संख्या कम कर दी गई है. कई मामलों में नए पेरेंट्स को कुछ पता नहीं होता कि बच्चे को कैसे हैंडल करें, और उनके परिवार से भी कोई साथ नहीं होता. ऐसे में हम अपने स्टाफ से ही कहते हैं कि नई मां की मदद कर दें वो लोग.

Doc Shivani
डॉक्टर शिवानी ने बताया कि किस तरह नए पेरेंट्स के ऊपर भी आजकल के हालात ने असर डाला है. भले ही वो COVID 19 से संक्रमित न हों. (तस्वीर: स्पेशल अरेंजमेंट)

कई बार ऐसा भी होता है कि पेशेंट के घरवाले साथ नहीं होते, तो वीडियो कॉल करके बच्चे को उन्हें दिखाते हैं. नानियां-दादियां वीडियो कॉल पर ही पैसे न्योछावर कर देती हैं. एक डिलिवरी करवाई मैंने अभी. तो बच्चे के पिता ने मुझसे कहा, डॉक्टर, जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा, सबसे पहले मैं आपके लिए मिठाई का डब्बा खरीद कर लाऊंगा.

कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को लेकर चिंता होना लाजिमी है. लेकिन अगर आप या आपकी जानकारी में कोई प्रेगनेंट है, तो उनसे ख़ास ध्यान रखने को कहें. उन्हें बताएं कि चिंता न करें. अस्पताल उनके लिए तैयार हैं. ज़रूरी ये है कि आप खुद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बंद न करें.


वीडियो: UP में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती औरत की अस्पताल ने मदद नहीं की और बच्चे की मौत हो गई

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

झारखंड में महिलाओं ने महिला को चप्पल की माला पहनाई, कपड़े उतारकर गांव में घुमाया

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई, 200 के खिलाफ केस दर्ज.

राजस्थान में कोरोना टेस्ट के नाम पर महिला से गैंगरेप, आरोपी अरेस्ट

राजस्थान के चुरु से अपने मायके पश्चिम बंगाल के हावड़ा जाने के लिए पैदल ही निकली थी.

छह लोगों ने सड़क किनारे महिला की बेरहमी से पिटाई की, पुलिस वाले देखते रहे

वीडियो वायरल होने के बाद दो पुलिसवाले सस्पेंड.

शादी में 5 लाख कैश मिला था, लेकिन स्कॉर्पियो के लिए ससुराल वालों ने बहू को मार डाला!

आखिरी बार खाने की थाली तक छीन ली.

नग्न फोटो भेजकर सेक्स चैट करने को कहता था लड़का, लड़के की उम्र मत पूछिए

टेलीग्राम इस्तेमाल करने वाले सतर्क हो जाएं.

दो लड़कियां रिलेशनशिप में थीं, घरवाले खिलाफ थे, तो मजबूर होकर भयानक फैसला कर लिया!

कुछ महीने पहले करीबी दोस्ती की वजह से काम से निकाल दिया गया था.

लड़के को किस करते हुए दो बहनों का वीडियो वायरल हुआ, परिवारवालों ने दोनों को मार डाला

पिता-चाचा पर सबूत छिपाने का आरोप.

एम्बुलेंस ड्राइवर ने पहले 'हेलो सिस्टर्स' कहकर रोका, फिर भद्दी बातें बोलने लगा

तमिलनाडु के कोयम्बटूर में मणिपुरी लड़कियों ने नस्लभेद की शिकायत की.

क्वारंटीन सेंटर में पहले महिला का वीडियो बनाया, फिर ब्लैकमेल करने की कोशिश की

गांव के ही दो आदमियों पर आरोप लगा है.

मंदिर के पुजारियों ने दो औरतों को बंधक बनाया, कई दिन तक लगातार रेप करते रहे

घटना अमृतसर के मंदिर के एक आश्रम की है.