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शादी की जल्दी मची है तो ये गलती बिलकुल न करें, इस लड़की जैसा हाल न हो!

कुछ महीने पहले एक महिला को सोशल मीडिया पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है. वो उसे एक्सेप्ट कर लेती है. फिर अपने नए दोस्त से उसकी बातचीत शुरू होती है. देखते ही देखते अच्छी जान पहचान हो जाती है. फिर आता है महिला का बर्थडे. उसका नया दोस्त उससे कहता है कि उसने विदेश से बर्थडे गिफ्ट में महंगा वाला फोन भेजा है, जो कि दिल्ली एयरपोर्ट पर है, और इस गिफ्ट को पाने के लिए कस्टम क्लीयरेंस चार्ज देना होगा. तब से लेकर आज तक महिला ने कथित तौर पर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर तीन करोड़ 98 लाख रुपए गवां दिए हैं. इस तरह का ये कोई पहला केस नहीं है, जहां पर औरतें इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुई हों. कई सारे मामले पहले भी आ चुके हैं. ऐसा क्यों होता है, कि अक्सर औरतें ही इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होती हैं? क्या औरतों में टेक लिटरेसी दर कम है? कैसे औरतें इस तरह की धोखाधड़ी से खुद को बचा सकती हैं. सबके जवाब एक-एक करके देंगे.

अभी जिस केस के बारे में हमने आपको बताया, वो घटना महाराष्ट्र के पुणे की है. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकार होने वाली महिला 60 बरस की है. एक प्राइवेट फर्म में काम करती है. जिस फ्रेंड रिक्वेस्ट की वजह से उसके साथ ये धोखाधड़ी हुई, वो उसे अप्रैल 2020 में आई थी. यूज़र ने खुद को ब्रिटेन का रहने वाला बताया था. पांच ही महीने में आईफोन सेंड करने का दावा किया और इसी चक्कर में महिला हो गई इस धोखाधड़ी का शिकार. पुलिस ने बताया कि महिला ने 27 अलग-अलग अकाउंट्स में 207 बार ट्रांजेक्शन्स करते हुए 3 करोड़ 98 लाख रुपए गवां दिए. यानी करीब चार करोड़ रुपए. जब महिला को ये अहसास हुआ कि वो धोखाधड़ी का शिकार हो रही है, तब उसने साइबर सेल से शिकायत की. पुलिस ने IPC और IT एक्ट की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है.

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

12 जनवरी 2021 का दिन. दिल्ली और गोवा की जॉइंट साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने दिल्ली से दो गिरफ्तारियां कीं. समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार हुए आदमियों पर आरोप था कि उन्होंने मैट्रिमोनियल साइट के ज़रिए गोवा की एक महिला से 37 लाख रुपए ठगे हैं. दोनों आरोपी अफ्रिकन्स हैं और दिल्ली के महरौली इलाके में रहते हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ दिन पहले महिला ने गोवा पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट में एक शिकायत की थी. बताया था कि एक आदमी ने खुद को विदेश में काम कर रहा डॉक्टर बताते हुए मैट्रिमोनियल साइट के ज़रिए उससे दोस्ती की. शादी का प्रस्ताव रखा. और फिर कहा कि विदेश से एक महंगा गिफ्ट भेज रहा है. फिर इसी गिफ्ट के कस्टम क्लीयरेंस, यानी एयरपोर्ट पर क्लीयरेंस के नाम पर महिला से 37 लाख रुपए ठग लिए गए. जब महिला को ये समझ आया कि कोई गिफ्ट-विफ्ट असल में नहीं आया है, बल्कि वो ठगी का शिकार हुई है, तब उसने पुलिस में शिकायत की.

जांच में पता चला कि आदमी ने जो प्रोफाइल मैट्रिमोनियल साइट पर बनाई थी, वो फेक थी. और इस ठगी के पीछे एक संगठित गैंग काम कर रहा था. गैंग की लोकेशन दिल्ली में मिली. फिर गोवा और दिल्ली पुलिस की जॉइंट टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. दोनों के पास से कई सारे मोबाइल फोन, सिम कार्ड्स मिले, जो सब फेक आईडी कार्ड पर जारी किए गए थे. करीब 650 लोगों के डाटाबेस भी मिले, इसलिए ये अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि अब तक ये गैंग 650 लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना चुका है.

और मामले जानिए-

आए दिन मैट्रिमोनियल साइट के ज़रिए होने वाली धोखाधड़ी की खबरें देश के कई हिस्सों से सामने आती रही हैं. जैसे-

– करीब दो साल पहले भोपाल की एक महिला को एक गैंग ने साढ़े तीन लाख रुपए का चूना लगाया था. ये घटना भी गोवा वाले मामले की तरह ही थी. ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की मैट्रिमोनियल साइट पर एक आदमी से दोस्ती हुई. आदमी ने खुद को NRI बताया. शादी का प्रस्ताव रखा. फिर वही बात कही कि विदेश से महंगा गिफ्ट भेज रहा हूं. एयरपोर्ट से क्लीयरेंस के नाम पर महिला से अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में करीब 3.65 लाख रुपए जमा करवा लिए. गिफ्ट तो कछू न मिला, उल्टा महिला को बड़ा नुकसान हो गया. पुलिस के पास मामला पहुंचा. जांच हुई तो पता लगा कि ग्वालियर और भिंड में रहने वाले चार आदमियों का एक गैंग है, जिसने इस ठगी को अंजाम दिया. जांच में ये भी सामने आया कि ये गिरोह सवा सौ लोगों को 50 लाख का चूना लगा चुका है.

– ऐसी ही ठगी जून 2019 में जबलपुर की एक महिला डॉक्टर के साथ हुई. मैट्रिमोनियल साइट पर फेक प्रोफाइल बनाकर एक आदमी ने खुद को NRI बताया. महंगे गिफ्ट के कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर करीब ढाई लाख रुपए ठग लिए. फिर महिला का फोन उठाना बंद कर दिया. पुलिस ने जब छानबीन की, तो पता चला कि ग्वालियर में रहने वाले एक आदमी ने फेक प्रोफाइल बनाकर ठगी की थी. फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट के पूर्व ASP संदेश जैन ने इस मुद्दे पर ‘दी लल्लनटॉप’ से बात की. बताया कि ऐसी ठगी को अंजाम देने वाले लोग पहले अपने शिकार के बारे में सारी ज़रूरी जानकारी जुटा लेते हैं. फिर ‘सूटेबल शिकार’ चुनते हैं. ये काम एक तरह से सोशल इंजीनियरिंग कहलाता है. यानी शिकार के बारे में सारी ज़रूरी जानकारी किसी न किसी तरीके से इकट्ठा कर लेना. संदेश जैन ने आगे बताया कि ऐसे गैंग के लोग मैट्रिमोनियल साइट या किसी सोशल मीडिया साइट के ज़रिए ही शिकार को अप्रोच करते हैं, फिर जान-पहचान होने के बाद बातचीत के लिए वॉट्सऐप पर शिफ्ट हो जाते हैं. ऐसे में शिकार का फोन नंबर मिल जाता है, और फिर पार्सल वगैरह भेजने के नाम पर आपको ठगते हैं. संदेश जैन ने बताया कि अक्सर महिलाएं ही ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होती हैं. ठगी करने वाले लोग ऐसी ही महिलाओं को शिकार बनाते हैं, जो अच्छा-खासा पैसा कमा रही हों. अक्सर तलाकशुदा या विधवा औरतें इस तरह की ठगी का शिकार होती हैं.

Matrimonial Site
मैट्रिमोनियल साइट्स के ज़रिए होने वाले फ्रॉड्स की संख्या लगातार बढ़ रही है.

ठगी के और तरीके

इस सवाल का जवाब जानने के लिए ‘दी लल्लनटॉप’ ने बात की अनिल रचामल्ला से. ये इंटरनेट एथिक्स को प्रमोट करने वाले फाउंडेशन ‘एंड नाऊ’ के फाउंडर हैं. जाने-माने इंटरनेट वेलनेस एक्सपर्ट हैं. इन्होंने बताया कि भारत में सबसे पहले मैरिज फ्रॉड्स की शुरुआत कुछ नाइजीरियन्स ने की थी. बाद में फिर यहां के लोगों ने भी इसे सीख लिया. अभी ज्यादातर फ्रॉड्स के मामले ऐसे आ रहे हैं, जिसमें नाइजीरियन्स के बाद कोलकाता के लोग ज्यादा शामिल होते हैं. अनिल रचामल्ला बताते हैं कि इस तरह के फ्रॉड्स को अंजाम देने के लिए कई सारे फेक कॉल सेंटर्स भी खोले जा चुके हैं. और लगभग सभी मैट्रिमोनियल साइट्स में इस तरह के फ्रॉड्स हो रहे हैं. और ज्यादातर लड़कियां इसका शिकार हो रही हैं. उन्होंने आगे कहा,

“मैट्रिमोनियल साइट्स पर हम नॉर्मली अपनी फोटो लगाते हैं, अपनी जानकारी वगैरह डालते हैं. मान लीजिए की श्रीदेवी के नाम से कोई मैरिज प्रोफाइल आ गया, तो पहले उस महिला के बारे में सोशल इंजीनियरिंग की जाएगी. यानी ये पता लगाया जाएगा कि वो कौन है, किस जात की है, क्या कमाती है, क्या पढ़ी है, उसका बैकग्राउंड क्या है. सोशल इंजीनियरिंग करने के लिए तो टूल्स तक होते हैं. ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के ज़रिए वो बैकग्राउंड वैरिफिकेशन करते हैं. अगल तलाकशुदा केस है तो उनके लिए तो बहुत अच्छा है. दो तरह के लोग ज्यादातर इस जाल का शिकार होते हैं. एक विधवा औरतें, जाल में फंसने वालों में 70 फीसद संख्या विधवा औरतों की होती है. 30 फीसद संख्या उन लोगों की है, जो विदेश जाना चाहते हैं. अगर उनके समुदाय में ठीक से कोई मैच नहीं हो रहा है, तो वो ऐसे व्यक्तियों से शादी करने का सोचते हैं, जो भारतीय हों और विदेश में रहते हों.”

इसके आगे अनिल रचामल्ला ने बताया कि किस तरह से विक्टिम्स की मानसिक स्थिति का फायदा उठाया जाता है. उन्होंने कहा,

“मान लीजिए कि आप विक्टिम हैं, तो आपके बारे में पूरा सोशल इंजीनियरिंग करके सारी जानकारी मैं ले लूंगा. फिर आपसे बात करना शुरू करूंगा. आपसे प्राइवेटली चैटिंग करूंगा. कोई वीडियो कॉल नहीं रहेगा. हमेशा वॉट्सऐप चैट ही रहेगा. अगर आप गलती से भी उस नंबर पर फोन करोगे, तब भी हम नहीं उठाएंगे. हम डॉक्टर-इंजीनियरिंग कहकर पोस्ट करेंगे. और US-UK वालों के लहजे में बात करूंगा. आपको किसी आलीशान बंगले की फोटो भेज दूंगा, अपने फेस को ब्लर करके. एक आलीशान कार की फोटो भेजूंगा, हर तरीके से आपको अपनी बातों में लाने की कोशिश करूंगा. आपको थोड़ा अकेलापन भी है, क्योंकि पहले ही एक शादी हो चुकी है, जो सही नहीं रही, ऐसे में आप पहले से ही डाउनग्रेडेड विचारों में रहते हैं. ऐसे में ये कहकर कि मैं NRI हूं. बहुत कुछ कमा चुका हूं, वापस आना चाहता हूं. दूसरी ‘भारतीयता’ वाली सोच का भी इस्तेमाल करूंगा. ये कहकर कि यहां बहुत लड़कियां मेरे से शादी करना चाहती हैं, लेकिन मैं ट्रेडिशनल भारतीय लड़की से ही शादी करना चाहता हूं.

इसके अलावा आपसे बहुत इज्ज़त के साथ बात की जाएगी. आपको लेकर काफी केयर जताएंगे. इसके बाद शुरू होता है गेम. क्योंकि अब तक आप उनकी बातों में आ चुकी हैं. सुबह उठकर उनसे बात होती है, तो आप दिन भर मोटिवेटेड फील करती हैं. आपको महारानी की तरह ट्रीट किया जाता है. आप सारी बातें शेयर करने लग जाओगे. फिर वो कहेगा कि वो आपसे मिलना चाहता है. भारत वापस आना चाहता है. आपकी पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी ले ली जाएगी. फिर हो सकता है कि आपको गिफ्ट भेजने की बात भी करे. एक हीरे की अंगूठी की तस्वीर भेजी जाएगी. सारी फर्जी लिंक, पैकिंग वगैरह सब कुछ का फर्जी मैसेज भी आपको भेजा जाएगा. फिर ये भी मैसेज किया जाएगा कि आपका गिफ्ट भारत पहुंच चुका है. फिर आपको अचानक से एक कॉल आया, सामने वाला व्यक्ति आपको कस्टम अधिकारी बनकर बात करेगा. फिर आपसे कहा जाएगा कि आपको 60 हज़ार रुपए देने होंगे, नहीं तो वापस चला जाएगा. आप गिफ्ट की कीमत जानकर सोचेंगे कि अरे 60 हज़ार ही तो देने हैं, और फिर आप पैसे ट्रांसफर कर देंगे. आपसे मनी लॉन्ड्रिंग टीम, RBI टीम, GST टीम बात करेगी. सब आपसे पैसे लेंगे. ऐसा करके आप पैसे देते जाएंगे.

दूसरा तरीका ये है कि वो कहेगा कि वो खुद मिलने आ रहा है. फिर वही सारी प्रोसेस कस्टम फीस, RBI फीस ये सब का झांसा देकर आपसे पैसे ले लिए जाएंगे. ये दो तरीके नाइजीरियन्स ज्यादा करते हैं. तीसरा तरीका ज्यादातर भारतीय लोग करते हैं. आपको अपनी अच्छी-अच्छी तस्वीरें भेजकर सेड्यूस करेंगे, फिर आपसे आपकी न्यूड तस्वीरें मांगेंगे. उसके बाद वो तस्वीर के ज़रिए आपको पैसे मांगते हैं, ब्लैकमेल करते हैं.”

इसके अलावा एक चौथा तरीका, जिसे लोग इस्तेमाल करते हैं, उसके बारे में भी अनिल रचामल्ला ने जानकारी दी. घर पर कोई दिक्कत है, बिज़नेस में नुकसान हो गया है. ये सब कहकर भी पैसे ठगे जाते हैं.

Anil Rachamalla
टेक एक्सपर्ट अनिल रचामल्ला.

इन सबसे कैसे बचा जाए?

इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए अनिल रचामल्ला ने कुछ ज़रूरी टिप्स दिए हैं.

बैकग्राउंड चेक किया जाए- यानी जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे हो, उसकी प्रोफाइल में दी गई जानकारी को क्रॉस चेक करें. ये पता लगाएं कि जो कुछ उसने अपने बारे में, अपनी पढ़ाई, परिवार, जॉब के बारे में लिखा है, वो सही है या नहीं. जिस जगह का वो खुद को रहने वाला बताता है, या जिस कंपनी में काम करने वाला बताता है, उस कंपनी को अप्रोच करके सच का पता लगाने की कोशिश करिए. उनके काम की जगहों पर आप खुद जाने के बारे में सोचिए. अब अगर व्यक्ति खुद को NRI बता रहा है, तो उस कंपनी में कॉल करके पता करिए, जहां वो काम करता हो. उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल चेक करिए.

जानकारियों पर फोकस करें- जब आप उससे फोन पर बात करें, तो वो जो कुछ भी अपने और अपने परिवार के बारे में बताए, उसे नोट करते जाएं. क्योंकि अगर वो व्यक्ति ठग होगा, तो उसके द्वारा दी गई जानकारी में कहीं न कहीं आपको अनियमितता नज़र आएगी.

‘वैरिफाइड’ प्रोफाइल को अहमियत दें- कुछ मैट्रिमोनियल साइट्स में भी लोगों की प्रोफाइल्स को वैरिफाइड करने का ऑप्शन होता है. यानी वैरिफिकेशन एक्सपर्ट के ज़रिए उस प्रोफाइल का बैकग्राउंड चेक करके उसे वैरिफाइड किया जाता है, अक्सर ऐसी प्रोफाइल्स में दी गई जानकारियां सही होती हैं.

जब जल्दी प्यार जता दे- अक्सर फ्रॉड करने वाले लोग कुछ ही दिनों की बातों में प्यार का इज़हार कर देते हैं. और उन्हें शादी करने की भी जल्दी रहती है. ऐसे में आंख मूंदकर भरोसा न करें.

जब कोई प्रॉपर्टी के बारे में पूछे, तो डाउट ज़रूर करें- अगर सामने वाला व्यक्ति आपकी इनकम या प्रॉपर्टी के बारे में आपसे सवाल पूछने लगे, तो डाउट करें. कम से कम अपनी तसल्ली के लिए जितना हो सकते हैं उतना क्लैरिफिकेशन करें.

कभी भी पैसे न दें- कभी भी आपसे पैसे मांगे जाएं, तो पैसे न दें. भले ही फिल वो महंगे गिफ्ट के नाम पर कस्टम क्लीयरेंस फीस ही क्यों न मांगी गई हो. या फिर कोई भी दूसरा कारण बताकर भी अगर पैसे मांगे जाएं, तो न दें.

बैंक अकाउंट की जानकारी न दें- अपने बैंक अकाउंट की कोई भी जानकारी न दें. न पासवर्ड, न यूज़रनेम, आधारकार्ड नंबर भी नहीं. कुछ भी ऐसी जानकारी न दें, जो उसे आपके अकाउंट तक पहुंचाए.

व्यक्तिगत तौर पर मिलें- अक्सर फेक प्रोफाइल वाले लोग वीडियो कॉल पर नहीं आते, या व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिलना चाहते. लेकिन आप कोशिश करें कि व्यक्तिगत तौर पर आपकी उनसे मुलाकात हो. और जब भी मिलने जाएं किसी पब्लिक प्लेस में जाएं. या किसी को साथ लेकर जाएं.

गलती से भी न्यूड तस्वीर न भेजें- अगर आपसे मीठी-मीठी बातें करके आपकी न्यूड तस्वीरें मांगी जाएं, तो भले ही बातें शहद जैसी क्यों न हों, फोटो कतई न दें. कई बार होता है कि आप कोई न्यूड तस्वीर नहीं देते हो, लेकिन फिर भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके आपरी मॉर्फ्ड तस्वीर बना दी जाती है, तो ऐसे में डरें नहीं या खुद को चोट पहुंचाने वाला कोई कदम न उठाएं. पुलिस में शिकायत करें.

कोई दिक्कत आए, तो परिवार-दोस्तों से बात करें- अगर लाख सहूलियत बरतने के बाद भी आप किसी तरह की दिक्कत में फंस जाते हो, तो अपने किसी करीबी दोस्त या परिवार वालों को इस बारे में ज़रूर बताएं.

गूगल रिवर्स इमेज का इस्तेमाल करें- फ्रॉड करने वाले लोग मैट्रिमोनियल प्रोफाइल में अपनी असली तस्वीर नहीं लगाते हैं, मॉडल्स की तस्वीरें लगा देते हैं. ऐसे में जो तस्वीर प्रोफाइल में लगी होती है, उसे गूगल इमेज में कॉपी पेस्ट करके सर्च करें कि और कहां-कहां उसका इस्तेमाल हुआ है. इससे काफी हद तक आप फेक प्रोफाइल का पता लगा सकते हैं.

एक और बेहद ज़रूरी सावधानी ये है कि आप सेफ मैट्रिमोनियल साइट का ही इस्तेमाल करें. कई साइट्स भी फर्ज़ी होती हैं. इसके लिए जिस साइट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके अबाउट अस, कॉन्टैक्ट अस वाले ऑप्शन को ठीक से पढ़ें. उसकी हिस्ट्री जानने की कोशिश करें.

जब तक आप खुद से 100 फीसद सुरक्षित महसूस नहीं करते, आगे कदम न बढ़ाएं. ये सारे क्राइम ठग लोग पर्दे के पीछे रहकर करते हैं. वो आपके बारे में सब जानने की कोशिश करते हैं, लेकिन आप उनके बारे में जो भी जानते हैं, सब झूठ होता है. इसलिए सतर्क रहें.


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