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कोई बीमारी नहीं फिर भी रहता है शरीर में दर्द? ये है वजह

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

आज मैं आपसे पांच सवाल पूछूंगी. आपको इन सवालों के जवाब हां या न में देने हैं.

पहला सवाल. क्या आपके कुछ ख़ास जोड़ों में दर्द रहता है?

दूसरा सवाल. मांसपेशियों में दर्द रहता है?

तीसरा सवाल. ऐसा लगता है जैसे मांसपेशियों में जान ही नहीं है?

चौथा सवाल. बॉडी पेन रहता है?

आख़िरी सवाल. क्या आपको लगता है आपके दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता दूसरों से कम हो गई है?

अगर आपने सारे सवालों के जवाब हां में दिए हैं तो आज आपको ये मालूम चलेगा कि ऐसा क्यों है. अगर आपको कोई बीमारी नहीं है, फिर भी शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द रहता है तो इसकी वजह है फाइब्रोमायल्जिया. अब हो सकता है आप ये शब्द पहली बार सुन रहे हों, पर ये बहुत ही आम समस्या है. ख़ासतौर पर कोविड के बाद. जो लोग कोविड से ठीक हो गए हैं, उन्होंने नोटिस किया होगा कि ठीक होने के महीनों या साल बाद उनके शरीर के जोड़ों, मांसपेशियों में दर्द उठता है. दर्द का एहसास पहले से ज़्यादा होता है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड के बाद फाइब्रोमायल्जिया के केसों में बढ़त हुई है. पिछले कुछ महीनों के अंदर 15-20 केस तो सामने आए ही हैं. तो सबसे पहले ये जान लेते हैं फाइब्रोमायल्जिया क्या होता है और ये अचानक क्यों बढ़ रहा है?

फाइब्रोमायल्जिया क्या होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर नितिन कुमार राय ने.

Dr Nitin Kumar Rai | Yatharth Hospitals
डॉक्टर नितिन कुमार राय, कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, फ़ोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला, नई दिल्ली

-फाइब्रोमायल्जिया एक बहुत ही आम मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है.

-जिसमें मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होता है.

-पेशेंट इस दर्द से काफ़ी परेशान हो जाता है.

लक्षण

-फाइब्रोमायल्जिया का डायग्नोसिस करने से पहले ये देखना पड़ता है कि कोई और बीमारी तो नहीं है.

-जैसे थायरॉइड, रूमेटाइड आर्थराइटिस या विटामिन बी 12, विटामिन डी की कमी.

-या कोई ऑटोइम्यून डिसऑर्डर.

-अगर इनमें से कोई भी बीमारी नहीं है तब कहा जा सकता है कि पेशेंट को फाइब्रोमायल्जिया है.

-फाइब्रोमायल्जिया में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द होता है.

-ये दर्द शरीर के कुछ ख़ास हिस्सों में होता है, जो नाज़ुक होते हैं.

-ये पॉइंट्स हैं गर्दन के नीचे वाले हिस्से में.

-सिर के पीछे.

-कंधे.

-सेकंड रिब्स के पास.

-कंधे की हड्डियों में.

-हिप के आसपास की हड्डियों में दर्द होता है.

Body Ache: Symptoms, Causes and Management - Combiflam
फाइब्रोमायल्जिया का डायग्नोसिस करने से पहले ये देखना पड़ता है कि कोई और बीमारी तो नहीं है

-अगर इन पॉइंट्स को आप छूते हैं, तो भयानक दर्द होता है.

रिस्क फैक्टर

-अगर किसी को डिप्रेशन की हिस्ट्री है.

-एंग्जायटी की हिस्ट्री है.

-लाइफ में बहुत स्ट्रेस है.

-ये सारी चीज़ें फाइब्रोमायल्जिया के दर्द को बढ़ाती हैं.

कारण

-फाइब्रोमायल्जिया एक क्रोनिक पेन डिसऑर्डर है.

-जिसमें मांसपेशियों, जोड़ों, लिग्मेंट्स में दर्द होता है.

-इसमें पेन पाथवे यानी जो चीज़ें शरीर को दर्द महसूस करवाने का काम करती हैं वो हाइपर सेंसिटिव हो जाती हैं.

-इसमें दर्द महसूस करने की फीलिंग बढ़ जाती है.

-देखा गया है कि फाइब्रोमायल्जिया में हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है.

-जैसे सेराटोनिन, ग्रोथ हॉर्मोन, कोर्टिसोल.

Body Pain: What Does It Mean When Your Whole Body Aches?
फाइब्रोमायल्जिया एक क्रोनिक पेन डिसऑर्डर है

-न्यूरो हॉर्मोनल बैलेंस बिगड़ने के कारण ये दर्द होता है.

इलाज

-सबसे पहले ये पक्के तौर पर पता कर लें कि फाइब्रोमायल्जिया ही है.

-कोई ऐसी बीमारी तो नहीं है जिससे मांसपेशियों में दर्द होता है.

-जब कोई और कारण न मिले तो फाइब्रोमायल्जिया को कारण माना जाता है.

-फाइब्रोमायल्जिया के पीछे स्ट्रेस, नींद की कमी बड़े कारण हैं.

-लाइफस्टाइल में बदलाव करना ज़रूरी है.

-योग करें.

-एक्सरसाइज करें.

-मेडिटेशन करें.

-जिन पेशेंट्स को इन चीज़ों से आराम न मिले तो उन्हें दवाइयां देनी पड़ती हैं.

-ये दवाइयां फाइब्रोमायल्जिया के दर्द को कम करती हैं.

-एंटी डिप्रेशन दवाइयां दी जाती हैं.

-कई बार पैरासिटामोल और आईबुप्रोफेन भी दर्द को कम करने के लिए दी जाती हैं.

Shaking with chills, muscle pain: New symptoms of coronavirus identified by US Medical Body | Shaking News – India TV
जब कोई और कारण न मिले तो फाइब्रोमायल्जिया को कारण माना जाता है

-ये दवाइयां उन्हीं पेशेंट्स को दी जाती हैं जिनको लाइफस्टाइल बदलने के बाद भी आराम नहीं मिलता.

कोविड पेशेंट्स में फाइब्रोमायल्जिया क्यों बढ़ रहा है?

-पोस्ट कोविड में देखा गया है कि फाइब्रोमायल्जिया के केसेस काफ़ी बढ़ गए हैं.

-इसका कारण है कि कोई भी स्ट्रेस, बुखार, दर्द फाइब्रोमायल्जिया के पेन को ट्रिगर करता है.

-कोविड के दौरान लोगों को काफ़ी स्ट्रेस रहा है.

-पोस्ट कोविड सिंड्रोम के तौर पर फाइब्रोमायल्जिया एक बहुत ही आम लक्षण है.

-कुछ स्टडी में पाया गया है कि फाइब्रोमायल्जिया लगभग 30 प्रतिशत तक लोगों को हो जाता है.

-ये वायरल इन्फेक्शन के ट्रिगर होने के कारण हो सकता है.

-या स्ट्रेस, दर्द के कारण हो सकता है.

-लंग्स को होने वाले नुकसान, बीमारी के कारण भी ऐसा होता है.

जिन लोगों को कोविड के बाद अचानक शरीर में दर्द शुरू हो गया, पर उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है, उम्मीद है उनको उनके सवालों के जवाब मिल गए होंगे. अगर आपको भी फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें. सही जांच कर के पता लगाया जाएगा कि आपको फाइब्रोमायल्जिया है या नहीं. अगर है तो इसका इलाज मुमकिन है.


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