Submit your post

Follow Us

इन 'नौटंकीबाज़' लड़कियों के ओवरएक्टिंग के 50 रुपये कटवाने से पहले ये पढ़ लीजिए

आरती सिंह. टीवी एक्ट्रेस हैं. उन्होंने कोरोना वैक्सीन का पहला डोज़ लगवाया. इसकी फोटोज़ इंस्टाग्राम पर डालीं. फोटोज़ में आरती डरी हुई दिख रही हैं. कैप्शन में उन्होंने लिखा भी है कि उन्हें इंजेक्शंस से डर लगता है. लेकिन Corona Virus से लड़ना ज़रूरी है और उसके लिए वैक्सीन ज़रूर लगवाएं.

पहले आप फोटो देख लीजिए.

Aarti Singh
Aarti Singh ने वैक्सीनेशन की ये तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की है.

आरती की फोटोज़ को लेकर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे. कुछ कमेंट्स देखिएगाः

“इंजेक्शन लग रहा था, कुत्ता थोड़ी काट रहा था. “

“जब हाथ पर टैटू बनवाया था तब डर नहीं लगा था? ओवरऐक्टिंग की दुकान”

“सबका यही ड्रामा चल रहा है, फोटो डालनी है अब वैक्सीन लेते हुए और यहां भी एक्टिंग करनी है. “

आरती से पहले अंकिता लोखंडे ने वैक्सीनेशन का एक वीडियो पोस्ट किया था. इसमें वैक्सीन लगाने वाली नर्स अंकिता को समझा रही है कि वैक्सीन लगाते वक्त उसे कैसे रहना है. अंकिता वैक्सीनेशन से डरती हुई दिख रही हैं.

इस पर भी तमाम लोगों आरती सिंह की फोटो वाले ही कमेंट्स किए. हेरा-फेरी वाला राजू होता तो कमेंट करता,

 ‘ओवरएक्टिंग के 50 रुपये काटो इसके.’

अब आरती सिंह या अंकिता लोखंडे ओवरऐक्टिंग कर रही थीं या ऐक्टिंग या फिर उन्हें सच में इंजेक्शन से डर लगता है, ये तो वो ही जानती हैं. पर सुई से डर लगना एक मेडिकल कंडीशन है. कई लोगों में इसका डर बहुत ज्यादा हावी रहता है. ऐसे लोग 20-20 किलो के डंबल उठा लेंगे, पूरे दिन कड़ी धूप में मेहनत कर लेंगे. मेहनत क्या पहाड़ तोड़ने बोलो तो शायद वो भी कर दें, लेकिन उनमें fear of Injection या needle phobia /injection phobia इतना ज्यादा होता है कि इससे बचने के लिए वो खुद को कमरे में बंद तक कर लेते हैं.

इसीलिए जब आपके सामने कोई इंजेक्शन से बहुत ज्यादा घबराता दिखे. उससे बचने के लिए इधर-उधर छुपता दिखे. तो उसे नौटंकी समझकर उसका मज़ाक न बनाएं. बल्कि उसकी मनोदशा समझने की कोशिश करें.

इस दिक्कत को डिटेल में समझने के लिए हमने बात की सायकायट्रिस्ट डॉक्टर प्रवीण त्रिपाठी से. सुई से लगने वाले डर को लेकर हमारे कुछ सवालों के जवाब उन्होंने दिए.

Dr Praveen Tripathi
डॉक्टर प्रवीण त्रिपाठी.

क्या सुई से लगने वाला डर कोई मेडिकल कंडीशन है?

ये एक मेडिकल कंडीशन होती है. इसे हम लोग स्पेसिफिक फोबिया कहते हैं. स्पेसिफिक फोबिया मतलब किसी ऐसी चीज़ से बेवजह बहुत ज्यादा डर लगना. ऐसी चीज़ जो असल में बिल्कुल भी खतरनाक न हो. जिस चीज़ से डर लगता है उसके होने की संभावना से ही पेशेंट को पैनिक अटैक आ सकता है.

स्पेसिफिक फोबिया के कई टाइप हैं. इनमें से एक है BII. ब्लड इंजेक्शन इंजरी टाइप ऑफ स्पेसिफिक फोबिया. इसमें लोगों को खून से, मेडिकल प्रोसीजर से और सुई से बहुत ज्यादा डर लगता है. इनमें कई बार ये भी पाया जाता है इंजेक्शन लगाने पर ये लोग बेहोश हो जाते हैं.

क्यों होता है Specific Phobia?

स्पेसिफिक फोबिया का कोई एक कारण नहीं होता है. कई चीज़ें मिलकर काम करती हैं. जेनेटिक फैक्टर्स होते हैं. कई बार अपब्रिंगिंग के दौरान ऐसी कोई घटना हो जाती है, जिसकी वजह से आपके मन में उस खास चीज़ के प्रति डर बैठ जाता है.

Vaccination
Vaccination से होने वाला डर स्पेसिफिक फोबिया के BII टाइप में आता है. इसमें खून, इंजेक्शन और मेडिकल प्रोसीजर से लोगों को डर लगता है. फोटो- PTI

क्या इसका इलाज पॉसिबल है?

कई बार पैनिक की वजह से आपका ब्लड फ्लो तेज़ी से बढ़ता है और अचानक से डाउन हो जाता है. इसकी वजह से कई बार आपके ब्रेन में ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता. और इससे बेहोशी आती है. सुई से डरने वाले कई लोगों में इसी वजह से बेहोशी आती है. अब एक बार बेहोश होने के बाद पेशेंट के मन में डर बैठ जाता है कि वो दोबारा वैक्सीन लगवाएगा तो फिर बेहोश हो जाएगा. इसके चलते वो वैक्सीन नहीं लगवाता है.

इसके लिए कुछ टेक्नीक्स का इस्तेमाल किया जाता है. इसे अप्लाइड टेंशन कहते हैं. इसके लिए पेशेंट को चेयर पर बैठाया जाता है. और कहा जाता है कि वो अपने हाथ-पैर के मसल्स को टेंस करे. पूरे शरीर को जकड़ने की कोशिश करे. ऐसा करके 10-15 सेकंड तक रहे. फिर रिलैक्स हो जाए 10-15 सेकंड के लिए. फिर रिपीट करे. ऐसा चार से पांच बार करे. मसल टेंस होने से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और उससे इंजेक्शन लगने के बाद बेहोशी नहीं आती.

डॉक्टर प्रवीण ने बताया कि ये टेक्नीक डॉक्टरों की गाइडेंस में ही इस्तेमाल की जानी चाहिए.

नीडल फोबिया होते हुए भी लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं. और ये अच्छी बात है कि अपने डर के ऊपर लोगों ने कोरोनावायरस महामारी से बचाव को रखा है. इससे हम सब को प्रेरणा लेनी चाहिए. और मौका मिलने पर वैक्सीन लगवाने ज़रूर जाना चाहिए.


सेहत: कोरोना से बचने के लिए ‘डबल मास्किंग’ का सही तरीका क्या है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

रेमडेसिविर के नाम पर ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस ने कैमरून की महिला को अरेस्ट किया

रेमडेसिविर के नाम पर ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस ने कैमरून की महिला को अरेस्ट किया

लोगों से पैसे लेकर फोन स्विच ऑफ कर लेती थी आरोपी महिला.

बठिंडा: विधवा महिला को ब्लैकमेल कर रेप करने के आरोप में ASI गिरफ्तार, रंगे हाथ पकड़ा गया

बठिंडा: विधवा महिला को ब्लैकमेल कर रेप करने के आरोप में ASI गिरफ्तार, रंगे हाथ पकड़ा गया

महिला के बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप.

टिकरी बॉर्डरः बेटी से गैंगरेप के आरोप लगाने वाले पिता के गायब होने की खबर का सच ये है

टिकरी बॉर्डरः बेटी से गैंगरेप के आरोप लगाने वाले पिता के गायब होने की खबर का सच ये है

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा- पुलिस को सबूत देने से पहले ही लापता हो गए पीड़िता के पिता.

पति ऑक्सीजन सपोर्ट पर था, पत्नी पास खड़ी थी, पीछे से नर्सिंग स्टाफ उसका दुपट्टा खींच रहा था

पति ऑक्सीजन सपोर्ट पर था, पत्नी पास खड़ी थी, पीछे से नर्सिंग स्टाफ उसका दुपट्टा खींच रहा था

पटना की महिला का आरोप, अस्पताल बदला तो वहां डॉक्टर गंदे इशारे करता था.

किसान आंदोलनः टिकरी बॉर्डर पर युवती से रेप का आरोप, कोरोना से मौत के 9 दिन बाद FIR हुई

किसान आंदोलनः टिकरी बॉर्डर पर युवती से रेप का आरोप, कोरोना से मौत के 9 दिन बाद FIR हुई

पिता का आरोप, 'मुझ पर दबाव बनाया - बेटी का शव चाहिए तो स्टेटमेंट दो कि वो कोरोना से मरी.'

महिला थाना प्रभारी की मौत के बाद हंगामा, परिवार ने साथी सब-इंस्पेक्टर पर टॉर्चर के आरोप लगाए

महिला थाना प्रभारी की मौत के बाद हंगामा, परिवार ने साथी सब-इंस्पेक्टर पर टॉर्चर के आरोप लगाए

आत्महत्या या हत्या? जानिए पूरा मामला

कोरोना ग्रस्त लड़कियों का रेप करने वालों को अपनी जान का डर क्यों नहीं लगता?

कोरोना ग्रस्त लड़कियों का रेप करने वालों को अपनी जान का डर क्यों नहीं लगता?

ये महज़ सेक्शुअल उत्तेजना का मामला नहीं, बात और गहरी है.

असम: परिवार से दूर रहकर दूसरे के घर में 'झाड़ू-पोछा' करती थी, अब इस बच्ची का जला हुआ शव मिला

असम: परिवार से दूर रहकर दूसरे के घर में 'झाड़ू-पोछा' करती थी, अब इस बच्ची का जला हुआ शव मिला

रेप, सेक्शुअल असॉल्ट और प्रेग्नेंसी के आरोपों पर पुलिस चुप क्यों?

आठ महीने की प्रेग्नेंट 'ड्रग क्वीन' साइना को उसके पति ने गोलियों से क्यों भून डाला?

आठ महीने की प्रेग्नेंट 'ड्रग क्वीन' साइना को उसके पति ने गोलियों से क्यों भून डाला?

जुड़वा बच्चों की मां बनने वाली थी साइना.

कपड़ा फैक्ट्री में 19 महिलाओं से जबरन काम कराया जा रहा था, पुलिस ने बचा लिया

कपड़ा फैक्ट्री में 19 महिलाओं से जबरन काम कराया जा रहा था, पुलिस ने बचा लिया

तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए बुलाया, फिर बंधक बना लिया.