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कानपुर देहात पुलिस की इस वायरल तस्वीर का सच क्या है?

सोशल मीडिया में एक फोटो वायरल है. इस तस्वीर में दिख रहा है एक पुलिसवाला,जो एक महिला पर बैठा दिखाई दे रहा है. इस तस्वीर को शेयर कर यूपी पुलिस पर तमाम सवाल खड़े किए जा रहे हैं. विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सवाल उठाए हैं. वहीं कानपुर देहात जहां का ये मामला है, पुलिस ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है.

यूपी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लिखा,

“प्रधानमंत्री जी, योगी आदित्यनाथ सरकार की इस उपलब्धि को बताना भूल गए थे. उप्र में पुलिस – प्रशासन सरकार महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करता है, कानपुर का यह बेलगाम दरोगा बता रहा है. निकम्मी सरकार की निर्लज्जता उप्र की जनता देख रही है.”

वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,

“उप्र में भाजपा सरकार के कृपापात्र बने कुछ पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार से प्रदेश की समस्त पुलिस की छवि धूमिल होती है. भाजपा के शासन में दुशासन की कमी नहीं. घोर निंदनीय!”

मामला क्या है?

कानपुर देहात के पुखरायां चौकीक्षेत्र के एक गांव दुर्गदासपुर में पुलिस 17 तारीख को एक आरोपी की तलाश में पहुंची थी. इस दौरान शिवम यादव नाम के एक शख्स की पुलिसवालों से किसी बात पर नोंकझोंक हो गई. पुलिस शिवम को अपने साथ ले जाने लगी तो उसके परिवार की महिलाओं ने हंगामा कर दिया. वायरल फोटो इसी दौरान का है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवम के छोटे भाई विवेक का कहना है कि पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर 50 हजार रुपये की मांग कर रही थी. कई दिन से चौकी इंचार्ज गांव आकर रुपये की मांग कर रहे थे. मांग पूरी न होने पर अभद्रता करने लगे जिसको लेकर विवाद हुआ. विवेक ने आरोप लगाया कि भाभी के साथ भी चौकी इंचार्ज ने अभद्रता की.

पुलिस का क्या कहना है?

कानपुर पुलिस ने इस मामले में एक वीडियो जारी किया है जिसमें महिला पुलिसवाले का गिरेबान पकड़े दिखती है. वीडियो देखिए.

इस पूरे मामले में कानपुर देहात पुलिस ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा है

“चौकी इंचार्ज और महिला से संबंधित वायरल फोटो के बारे में अवगत कराना है कि चौकी प्रभारी गांव में एक आरोपी की तलाश में गए थे. वहां एक अन्य युवक द्वारा पुलिस टीम के साथ बदतमीजी करने का प्रयास किया गया जिसके बाद पुलिस द्वारा उस युवक को हिरासत में लेकर थाने लाया जा रहा था. इसी क्रम में उक्त युवक के परिजनों द्वारा जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस टीम पर आक्रमक होकर युवक को भगा दिया गया.

महिला द्वारा चौकी इंचार्ज का गिरेबान पकड़ खींचा गया जिससे महिला और चौकी इंचार्ज दोनों गिर गए. जिसका वीडियो संलग्न है. इसी वीडियो से स्क्रीनशॉट लेकर और वायरल कर घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश की जा रही है. महिलाओं द्वारा पुलिस पर मारपीट व बदतमीजी का आरोप लगाया जा रहा है. उपरोक्त प्रकरण की संपूर्ण व निष्पक्ष जांच के लिए चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए क्षेत्राधिकारी से जांच कराई जा रही है.”

कानपुर देहात के एसपी केशव कुमार चौधरी ने कहा,

एक फोटो वायरल है जिसमें चौकी इंचार्ज को महिला के ऊपर दिखाया जा रहा है. उसमें ये लग रहा है कि पुलिस द्वारा महिला के साथ बदतमीजी की जा रही है. लेकिन ये फोटो एक वीडियो से लिया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि महिला ने ही चौकी इंचार्ज का गिरेबान पकड़ रखा है. इसी क्रम में ही संभवत: वह गिरी है. जिसके ऊपर चौकी इंचार्ज भी गिरा है और लोग उसको छुड़ा रहे हैं. महिला के हाथ से कॉलर छूटा है तो चौकी इंचार्ज वहां से तत्काल हट गए हैं.

उन्होंने आगे बताया,

इस प्रकरण में जो महिलाओं का आरोप है वो ये कि पुलिस ने उनके साथ बदतमीजी की है, मारपीट की है. इस संदर्भ में जो कार्रवाई की जा रही है उसमें, जांच कराई जा रही है और जांच निष्पक्ष हो इसके लिए चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर किया जा रहा है. आगे जांच में जो भी फैक्ट्स आएंगे उसके आधार पर आगे विधिक या विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी.

आजतक के कानपुर संवाददाता रंजय सिंह का कहना है दोनों तरफ के अपने तर्क हैं. एक पक्ष का दावा है कि पुलिसवाले ने बदतमीजी की. दूसरे पक्ष का दावा है कि महिलाओं ने पुलिस के साथ अभद्रता की. सच्चाई तो जांच में सामने आएगी. लेकिन किसी ना किसी महिला कांस्टेबल को पुलिस के साथ होना चाहिए था.

राजनीति तेज

कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी का कहना है कि योगी सरकार में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गया है. उन्होंने कहा,

“जबसे सरकार आई है तभी से पुलिस का निरंकुश चेहरा देखने को मिल रहा है. प्रियंका गांधी जी लगातार ऐसे मामलों को उठा रही हैं और महिला सम्मान की बात कर रही हैं. बेटी बचाओ-बेटी बचाओ वाली सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं और पुलिस पूरी तरह से बेलगाम है.”

वहीं बीजेपी प्रवक्ता डॉक्टर चंद्रमोहन ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि  कानून सबके लिए बराबर है. चाहे वो कोई आम आदमी हो, नेता हो या फिर पुलिसवाला हो. जब से योगी सरकार आई है प्रदेश में कानून व्यवस्था सही हुई है और आम आदमी सुरक्षित महसूस कर रहा है. ये जो प्रकरण आप बता रहे हैं इसकी भी जांच होगी, नियम सभी के लिए हैं और कानून अपना काम करेगा.


वीडियो- कानपुर: प्रेम प्रसंग के शक में दलित युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, वीडियो वायरल

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