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'घर बैठे पैसे कमाएं', ऐसे मैसेज को खोलने के पहले इनकी घिनौनी सच्चाई जान लीजिए

पहले हम ‘वर्क फ्रॉम होम’ टर्म सुनते थे, तो लगता था कि कितनी लग्ज़री मिलती होगी न इस काम में. लेकिन कोरोना वायरस के आगमन के साथ ही हम सबने देखा कि असल में वर्क फ्रॉम होम होता क्या है. खैर, कोरोना के आने के बाद से ही ये टर्म काफी ज्यादा सुनने में आया. और घर से काम करने का चलन भी बढ़ गया. अब तो ऐसा आलम है कि आए दिन हमें टेक्स्ट मैसेज आते हैं कि घर बैठे करें ये काम और कमाएं दिन के 1000 रुपए या 2000 रुपए. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी हमें इस तरह के मैसेजेस देखने को मिलते हैं. जिनमें दावा किया जाता है कि आपको ज्यादा काम नहीं करना होगा. बस घर बैठकर थोड़ा-बहुत काम करें और पैसे कमाएं. हमने सोचा कि इन वायरल मैसेज की सच्चाई का थोड़ा पता लगाने की कोशिश की जाए. तो आज की हम आपको यही बताएंगे कि इन मैसेजेस पर आपको किस हद तक भरोसा करना चाहिए, खासतौर पर महिलाओं को.

शुरू से शुरुआत करते हैं

आज के टाइम पर नौकरी पाना कितना मुश्किल है, ये हम सब जानते ही हैं. सरकारी नौकरी की तो बात ही छोड़िए, प्राइवेट नौकरियों के भी क्या हाल हैं, हमने पिछले डेढ़ साल में देख ही लिया है. ऐसे में अगर आपके सामने एक ऐसा ऐड आए, जिस पर ये लिखा हो कि दिन में केवल दो से तीन घंटे काम करें और घर बैठे रोज़ाना कमाएं हज़ार-दो हज़ार रुपए. तो ज़ाहिर है इसकी तरफ ध्यान जाएगा ही. ऐसे भी कई ऐड आते हैं, जिनमें सीधे तौर पर औरतों को एड्रेस किया जाता है. उनसे कहा जाता है कि घर के काम के साथ ही रोज़ाना पैसे भी कमाएं. ये इसलिए कहा जाता है क्योंकि आज भी ज्यादतर घरों में औरतें ही घरेलू काम करती हैं. हां औरतें नौकरियां भी कर रही हैं, लेकिन उनकी संख्या होममेकर औरतों से काफी कम है. ऐसे ही कुछ विज्ञापनों की लिस्ट हमने बनाई. चूंकि हमारे पास भी कई टेक्स्ट मैसेज आते हैं और कुछ पोस्टर्स हमें फेसबुक पर भी दिखते हैं. तो हमने सोचा कि क्यों न इन वायरल मैसेजेस की सच्चाई पता लगाने की कोशिश की जाए.

एक टेक्स्ट मैसेज आया था हमें. लिखा था-

“पार्ट टाइम काम करें, रोज़ाना तीन हज़ार रुपए कमाएं. कोई टाइम लिमिट नहीं है, कोई फीस नहीं है. प्लीज़ इस नंबर पर वॉट्सऐप करें.”

इसी के साथ एक नंबर भी दिया गया था. हमने जब उसे वॉट्सऐप पर सर्च किया, तो वो नंबर हमें वहां दिखा ही नहीं. फिर हमने उस पर कॉल लगाया, जिन्होंने फोन उठाया, उन्होंने कहा कि वो नौकरी देने का काम नहीं करते.

इसके बाद हमने एक और टेक्स्ट मैसेज पर काम किया. मैसेज में लिखा था-

“एमेज़ॉन पार्ट टाइम नौकरी के लिए रिक्रूट कर रहा है. आप रोज़ाना तीन से सात हज़ार कमा सकते हैं. इस लिंक पर क्लिक करें.”

अब जिस लिंक पर क्लिक करने की बात हो रही थी, वो कोई वॉट्सऐप नंबर था. हमने इस नंबर पर कॉल किया, स्विच ऑफ आया. हमने वॉट्सऐप भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया. एमेज़ॉन का एक और इसी तरह का टेक्स्ट मैसेज हमें आया था, जिसमें एक दूसरा वॉट्सऐप नंबर दिया गया था. वॉट्सऐप पर ये नंबर हमें मिला ही नहीं, कॉल करने पर पता चला कि ये एग्जिस्ट ही नहीं करता.

Work From Home Messages (2)
एमेज़ॉन में काम करने का ऑफर.

ये तो हो गई टेक्स्ट मैसेजेस की बात. हमने रेंडमली कुछ फेसबुक पोस्ट पर भी छानबीन की. एक पोस्ट हमें दिखा था, जिसमें लिखा था-

“घर बैठे पंद्रह हज़ार से बीस हज़ार रुपए कमाएं. आप वॉट्सऐप पर जॉइन लिखकर मैसेज कीजिए या नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.”

हमारे साथी नीरज ने दिए गए नंबर पर कॉल किया. उन्होंने जब पूछा कि क्या और कैसे काम करना होगा, तो सामने वाले ने कहा-

“इसके लिए फेसबुक और वॉट्सऐप की जानकारी होनी चाहिए. फेसबुक पर हमने जो लिंक दिया है उस पर क्लिक करते ही आपकी आईडी बन जाएगी फिर उस आईडी से और लोगों को जोड़ना होगा जिसके लिए पैसा मिलेगा. जितने जोड़ेंगे उतना मिलेगा. मान लीजिए आपने किसी को जोड़ा और जो शख्स आपसे जुड़ा उसने भी किसी को जोड़ा तो पैसा आपको भी मिलेगा.”

हमसे कहा गया कि बस हमें एक लिंक डाउनलोड करना होगा. हालांकि हमने कोई लिंक डाउनलोड नहीं की. पहला हमारे दिमाग में ये सवाल आया कि केवल लोगों की चेन बनाने से कैसे पैसे मिलेंगे. दूसरा हमने कई ऐसी खबरें देखी हैं, जिनमें लोगों ने ये शिकायत की है कि लिंक पर क्लिक करते ही उनके अकाउंट से पैसे कट गए थे. ‘पंजाब केसरी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो हफ्ते पहले इसी तरह का एक मामला पंचकूला से सामने आया था. यहां एक महिला ने पुलिस में शिकायत की थी कि उसे एक मैसेज आया था, जिसमें कहा गया था कि घर बैठे पैसे कमाने हैं तो लिंक पर क्लिक करें. महिला उस लिंक को खोलकर काम करती रही और इसी दौरान उसके अकाउंट से 4 लाख 71 हज़ार रुपए निकाल लिए गए.

इसी तरह के दो-तीन और फेसबुक मैसेजेस पर हमने काम किया. सबमें यही लिखा था कि घर बैठे पैसे कमाने हैं तो फला नंबर पर ‘Join’ लिखकर वॉट्सऐप कर दीजिए. हमने ऐसा किया. लेकिन कुछ नंबर तो हमें वॉट्सऐप पर मिले ही नहीं, कुछ मिले तो उन तक मैसेज ही नहीं पहुंचा और जिन तक पहुंचा तो उनका कोई जवाब शो लिखने तक तो नहीं आया था.

फेसबुक पर वायरल होने वाले एक और पोस्टर पर हमारी नज़र पड़ी थी. उसमें लिखा था-

“क्या आपका भी सपना है, एक अच्छा सा घर, एक अच्छी सी गाड़ी, कर्ज मुक्त जीवन और बैंक बैलेंस. बिना पैसे लगाए हमारे साथ जुड़ें और घर बैठे लाखों कमाएं अपने एंड्रॉयड फोन से.”

इसमें एक मोबाइल नंबर भी दिया हुआ था. हमने उसमें कॉल लगाया तो किसी ने उस वक्त तो पिक नहीं किया, लेकिन हमें रिटर्न कॉल आया ज़रूर. सामने वाले व्यक्ति ने एक कंपनी का नाम बताया और कहा कि उसका हेड ऑफिस चंडीगढ़ में है और वर्क फ्रॉम होम के लिए जो ट्रेनिंग होगी वो मध्य प्रदेश के रीवा में होगी. हमसे कहा गया कि हम अपना आधार कार्ड लेकर रीवा जाएं, और वहां इसी नंबर पर कॉल करें, एक व्यक्ति हमें लेने आएगा. रीवा में उनका जो ऑफिस है वहां ले जाएगा. फिर हमें रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, जिसके अलग से 500 रुपए लगेंगे और वो पैसे हम ही देंगे. फिर चार दिन की ट्रेनिंग होगी. ट्रेनिंग किस तरह की होगी इसे अच्छे से वो भाईसाहब एक्सप्लेन नहीं कर सके. खैर, गूगल पर सर्च करने पर हमें पता चला कि जिस कंपनी का नाम उन्होंने लिया था, वो वाकई है. लेकिन फिर भी हम दावे के साथ ये नहीं कह सकते कि जिस व्यक्ति का कॉल आया था, वो वाकई उस कंपनी से जुड़ा हुआ है या नहीं. क्योंकि उसका नंबर हमें कंपनी की साइट पर नहीं मिला था. इसलिए हम आपको ये भी कहेंगे कि ऐसे मामलों में भी संभलकर रहें.

जैसा कि हमने पहले ही बताया कि ज्यादातर मैसेजेस घर की औरतों को एड्रेस करते हुए वायरल होते हैं. किसी में साफ तौर पर लिखा होता है कि औरतें घर के काम के साथ पैसे कमाएं, तो किसी में लिखा होता है कि घर बैठे कमाएं. और ऐसा इसलिए लिखा जाता है क्योंकि आज भी ज्यादातर औरतें घरों में ही रहती हैं. हमने खुद ही देखा है कि हमारी मम्मियां इस तरह के मैसेज हमें फॉर्वर्ड करके पूछती हैं कि क्या उन्हें ये काम करना चाहिए. हम तो खैर मना कर देते हैं, क्योंकि हमें पता है कि इनमें से ज्यादातर तो फेक ही होंगे. औरतें ऐसे मैसेजेस को देखकर इसलिए आकर्षित हो जाती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वो घर के काम के साथ दिन के दो से तीन घंटे तो निकाल ही सकती हैं. और अगर चार पैसे भी वो कमा लेंगी घर बैठे ही तो थोड़ी मदद हो जाएगी या फिर उन्हें एक-एक रुपए के लिए घर के आदमियों के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा. इसी वजह से इन मैसेजेस का विज्ञापन ही इस लाइन के साथ किया जाता है कि घर बैठे पैसे कमाएं.

हम ये नहीं कह रहे कि ऐसे सारे मैसेज फेक ही होते हैं. हो सकता है कि कुछ वाकई जेनुइन हों. लेकिन हमें पता है कि उनकी संख्या काफी कम ही होगी. कई बार क्या होता है कि कुछ स्कीम्स को इस तरह से शुरुआती स्टेज में पेश किया जाता है, जिससे हमें लगता है कि वो सच्चे होंगे, लेकिन आगे चलकर उनकी सच्चाई पता चलती है. जैसे एक फेमस यूट्यूबर हैं कार्ल रॉक. न्यूज़ीलैंड से हैं, हरियाणा की मनीषा मलिक से उन्होंने शादी की है. दोनों ने पिछले साल एक वीडियो बनाया था. जिसमें उन्होंने ‘वर्क फ्रॉम होम’ का लालच देने वाली एक कंपनी का भंडाफोड़ किया था. कंपनी हाउसवाइव्स को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का दावा करती थी. मनीषा ने उस कंपनी से वो जॉब लिया. बेसिकली ये डिजिटाइजेशन का काम था. जिसे उन्हें एक हफ्ते में पूरा करना था. और इसके लिए उन्हें दिन के आठ घंटे देने ही पड़ रहे थे. मनीषा ने एक हफ्ते बाद बताया कि वो काम पूरा नहीं कर सकीं. तो कंपनी की तरफ से उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया और कहा गया कि वो 6 हज़ार रुपए भरें. हालांकि मनीषा और कार्ल दोनों ही जानते थे कि ये स्कैम है. तो उन्होंने कोई पैसे नहीं चुकाए. इस वीडियो के ज़रिए वो ये बात सामने लाना चाहते थे कि हाउसवाइव्स को घर से काम का लालच देकर कई कंपनियां पैसे कमा रही हैं. इतना टफ काम देती हैं कि उसे करने में काफी वक्त लगता है, जो हाउसवाइव्स के लिए पॉसिबल नहीं है. और अगर वो कर भी दें किसी तरह से, तो उनके काम में किसी न किसी तरह की गलती निकालकर उनसे पैसे मांगे जाते हैं.

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

हमने अब तक जितनी भी बातें आपको बताईं, उसमें एक बात कॉमन रही. ये कि ज्यादातर जॉब वाले वायरल मैसेजेस का मकसद लोगों से पैसे ऐंठना है. और इनका बड़ा शिकार औरतें हैं. ‘घर बैठे पैसे कमाएं’ वाले फ्रॉड के बारे में और भी ठीक से जानने के लिए हमने बात की मुन्ज़िर अहमद से. ‘आज तक डिजिटल’ में टेक जर्नलिस्ट और असिस्टेंट एडिटर हैं. उन्होंने बताया कि ये फ्रॉड आखिर होता कैसे है और क्यों औरतें ज्यादा वलनरेबल होती हैं. वो कहते हैं-

“लगातार लोगों को ऐसे मैसेज आते हैं कि घर बैठे पैसे कमाएं. खासतौर पर लॉकडाउन शुरू होने के बाद से. लोग सर्च करते थे कि घर बैठे कैसे पैसे कमाएं. इस पर फ्रॉड करने वालों ने लिंक भेजने शुरू कर दिए. कई बार ऐसा होता है कि जो लिंक भेजे जाते हैं वो स्पैम होते हैं. अगर आप ध्यान से देखेंगे तो https नहीं होता है. यानी सिक्योर नहीं है. और चांसेज होते हैं कि अगर आप ऐसे लिंक्स पर क्लिक करेंगे तो उसके बाद आपका अकाउंट हैक हो सकता है. या पूरा का पूरा स्मार्ट फोन हैक हो सकता है. आपकी यूज़र आईडी, पासवर्ड, जितने क्रेडेंशियल्स हैं वो चोरी किए जा सकते हैं. ये काफी आसान है. तो इन्हें चेक करने के लिए सबसे पहले आपको ये देखने की ज़रूरत है कि जो लिंक आई है आपके पास, उसमें कोई भी डमी वेबसाइट न बनी हो. क्योंकि कई बार होता है कि असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनकर आपके फोन पर आती है. दावा किया जाता है कि आपको नौकरी दिला देंगे. दूसरी चीज़ कई बार डेटा एंट्री करके पैसे कमाने का मौका दिया जाता है. होता क्या है कि उन्होंने एक बार लिंक भेजी और आपने अपनी सारी जानकारी भर दी. कई बार तो ऐसे लिंक आते हैं जिनमें कहा जाता है कि आप अपने बैंक अकाउंट को डालिए. कई बार OTP तक मांग लिया जाता है. और लोग दे भी देते हैं. ये काफी डरावना है. ज़ाहिर सी बात है कि अगर आपने अपना OTP दे दिया, तो कोई भी फ्रॉड वो आराम से आपके फोन का सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर, आपके बैंक अकाउंट तक को कॉम्प्रोमाइज़ कर सकता है. इससे बचने की ज़रूरत है. इन दिनों ये भी देखा गया है कि इस तरह की नौकरियों वाली जानकारी और फ्रॉड, ज्यादातर महिलाओं को टारगेट करते हैं. वो इसलिए क्योंकि टेक्नोलॉजी को लेकर कहीं न कहीं फ्रॉडस्टर्स को लगता है कि महिलाएं उतना रिसर्च नहीं करेंगी कि क्या है. ज्यादातर हाउसवाइव्स को टारगेट किया जाता है, जो टेक्नोलॉजी को लेकर वेल-वर्स्ड नहीं होती हैं. ऐसी स्थिति में क्या होता है कि आसानी से वो बैंक अकाउंट या दूसरे तरीके की जानकारी दे देती हैं. ये समझने की ज़रूरत है कि इस तरह की जो भी चीज़ें हों, पहले उसे वैरिफाई करना चाहिए. वैरिफिकेशन के लिए आप उस नंबर पर कॉल कर सकते हैं. आप गूगल पर जाकर सर्च कर सकते हैं कि जो जॉब दिलाने का दावा किया जा रहा है या घर बैठे पैसे कमाने का दावा किया जा रहा है वो कितना सही है, क्या दूसरे भी इस चक्कर में पहले पड़े हैं या नहीं. आप जैसे ही गूगल पर सर्च करेंगे तो इसके बारे में जानकारी मिल जाएगी कि वो साइट फ्रॉड है या सच में है.”

Munzir Ahmad
मुन्ज़िर अहमद, (टेक जर्नलिस्ट, असिस्टेंट एडिटर, आज तक डिजिटल)

चलिए मान लिया कि आपके पास कोई मैसेज आया और आपने उस लिंक पर क्लिक कर दिया. और आपके अकाउंट से पैसे भी कट गए. फिर क्या? अगला कदम आपका क्या होना चाहिए. और पुलिस क्या कदम उठाती है. ये भी हमें बताया मुन्ज़िर ने. उनका कहना है-

“मान लीजिए आप इस फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, अगर जॉब फ्रॉड में आपके बैंक से कुछ पैसे कट गए, तो सबसे पहले बैंक को जानकारी देनी होती है, फिर पुलिस में जाना होता है. पुलिस को लिखकर FIR करनी होती है, उसके बाद FIR की कॉपी बैंक में देनी होती है और बताना होता है कि हमारे साथ ये फ्रॉड हुआ है और पैसे कट गए हैं. ज्यादातर ये देखा गया है कि बैंक पैसे वापस कर देते हैं, क्योंकि उनका वो पैसा इन्श्योर्ड होता है. उसके बाद पुलिस ट्रेस करने का काम करती है कि किसने ये फ्रॉड किया. लेकिन आमतौर पर वो आसानी से बच जाते हैं और बचने की सबसे बड़ी वजह ये है कि वो आईपी कुछ और इस्तेमाल करते हैं. जैसे वो भारत में बैठकर फ्रॉड कर रहे होंगे, तो किसी और देश की आईपी इस्तेमाल करेंगे. साइबर क्रिमिनल्स का चेन होता है. कोई इंडिया में है तो कोई गल्फ में है, तो हर जगह से ये लोग काम करते हैं. क्योंकि डिजिटल होने का फायदा और नुकसान ये है कि आप कहीं से कुछ भी कर सकते हैं. इसलिए भी थोड़ा ट्रेस मुश्किल होता है. वो लोग वीपीएन भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि मेरा ये मानना है कि पुलिस के पास या फिर सरकारी एजेंसीज़ के पास अभी भी ऐसी तकनीक है जो वीपीएन को भी बाईपास करके ट्रेस कर सकती हैं कि कौन फ्रॉड कर रहा है. लेकिन उसके लिए पुलिस या एजेंसी की विल ज़रूरी है कि वो फ्रॉड को पकड़े. कई बार ऐसा होता है कि थाने में शिकायत कर दी और उसके बाद कोई खास ट्रेस नहीं मिल पाता है. मुझे लगता है कि इस तरह के फ्रॉड आगे भी होते रहेंगे और इनसे बचने का फिलहाल तरीका यही है कि आप सावधानी बरतें.”

हमारे पास इस तरह के फ्रॉड का शिकार हुई महिलाओं का एग्जेक्ट आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन ये सच है कि महिलाएं ज्यादा शिकार होती हैं. इसलिए अगर आपके पास भी इस तरह के कोई मैसेज आए, तो प्लीज़ उस पर एक्ट करने से पहले जितनी हो सके उतनी जानकारी जुटा लें. पैसे कमाने का या सफल होने का कोई भी शॉर्ट कट नहीं होता. इसलिए आसानी से पैसे कमाने वाले मैसेज को देखकर आपके दिमाग में शंका आनी ही चाहिए.


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