Submit your post

Follow Us

अज़ान के वक़्त मस्जिद में न जा सकीं, अब महिलाओं को एंट्री दिलाने के लिए लड़ रही हैं

फरहा शेख और अनवर शेख. पति-पत्नी हैं. इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में PIL (Public Interest Litigation ) यानी जनहित याचिका डाली कि महिलाओं को भी मस्जिद में जाकर नमाज़ पढ़ने का हक़ मिलना चाहिए. इस मुद्दे पर 20 मई को ऑनलाइन सुनवाई हुई. सुनवाई में जज, रजिस्ट्रार और मुद्दे के पक्ष-विपक्ष के वकील, सभी ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मौजूद थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को रखी है.

‘आज तक’ में एसोसिएट एडिटर पंकज खेलकर ने फरहा और अनवर से बात की. उनसे पूछा कि आखिर ये याचिका दायर करने का खयाल उनके मन में कहां से आया. इस सवाल पर फरहा ने बताया कि पिछले साल रमजान की शॉपिंग के लिए वो लोग बाहर निकले थे. तभी अजान हो गई. पास में मस्जिद थी, तो उनके पति वहां नमाज अदा करने चले गए. बच्चे और फरहा को एक जगह इंतज़ार करने को कहकर. बहुत तेज़ बारिश हो रही थी. फरहा और बच्चे बाहर इंतज़ार करते रहे. जब वो लोग घर लौटे, तब फरहा ने पति से पूछा कि आखिर महिलाओं को मस्जिद में जाकर नमाज क्यों नहीं पढ़ने देते?

फरहा ने बताया,

‘हमने कई किताबें पढ़ीं. कहीं पर भी ये नहीं लिखा था कि औरतों का मस्जिद में जाना मना है. कुरआन और हदीस में भी कहीं भी इस बात का ज़िक्र नहीं मिलता. इस्लाम में औरतों और पुरुषों को बराबर माना गया है.’

Farha 3
फरहा और उनके पति ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट तक जाने से पहले उन्होंने कई लोगों से संपर्क किया, कई किताबें पढ़ीं, और जब कहीं से जवाब नहीं आया, तब जाकर याचिका दायर की. (तस्वीर: पंकज खेलकर/आज तक)

फरहा ने बताया कि उन्होंने लोकल मस्जिद को भी इस बाबत चिट्ठी लिखी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. पुलिस से भी कोई जवाब नहीं मिला. फरहा के पति ने बताया कि कोई भी लिखकर देने को तैयार नहीं था कि आखिर औरतों को मस्जिद में एंट्री क्यों नहीं दी जाती है. आखिरकार फरवरी, 2020 में उन्होंने याचिका डाली.

क्या है मामला?

इस मामले में याचिका डालने वाली फरहा अकेली नहीं हैं. फरवरी, 2019 में यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा ने मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद के अंदर जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL डाली. इस पर जनवरी, 2020 में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को जवाब लिखा.

AIMPLB के सेक्रेटरी मोहम्मद फज़लुर्रहीम ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में कहा कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए महिलाओं की एंट्री पर कोई रोक नहीं है. वो पूरी तरह से स्वतंत्र हैं अंदर जाने के लिए. वो इस आज़ादी का उपयोग करती हैं या नहीं, ये उन पर निर्भर करता है. ये भी कहा गया कि AIMPLB इस मामले से जुड़े किसी भी दूसरे धार्मिक मत पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा. एफिडेविट में यह भी लिखा गया कि जुम्मे की सामूहिक नमाज़ में शामिल होने को लेकर महिलाओं पर कोई पाबंदी नहीं है. पुरुषों के ऊपर है. महिलाएं चाहे घर पर नमाज़ पढ़ें या मस्जिद में, उन्हें बराबर का सवाब (पुण्य) मिलता है.

Muslim Women
केरल के सबरीमाला मंदिर में जब सुप्रीम कोर्ग्त ने महिलाओं की एंट्री की इजाज़त दी थी, उस समय भी ये सवाल उठाया गया था कि मुस्लिम महिलाओं की मस्जिद में एंट्री पर भी बात होनी चाहिए और उन्हें भी इजाज़त मिलनी चाहिए. अब सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच दुबारा सुनवाई करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट में इस साल ऐसे ही तीन और मामलों पर सुनवाई चल रही है. धार्मिक प्रथाओं और महिलाओं के बीच उनकी जगह को लेकर. जैसे केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री, दाऊदी बोहरा समुदाय में लड़कियों का खतना और अगियारी (फायर टेम्पल- पारसियों का पूजास्थल जिसे दर-ए-मेहर भी कहा जाता है) में गैर-पारसियों से शादी करने वाली पारसी महिलाओं की एंट्री. इन सभी पर सुनवाई चल रही है.


वीडियो:सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा, आर्मी में महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन देना पड़ेगा

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

दो लड़कियां रिलेशनशिप में थीं, घरवाले खिलाफ थे, तो मजबूर होकर भयानक फैसला कर लिया!

कुछ महीने पहले करीबी दोस्ती की वजह से काम से निकाल दिया गया था.

लड़के को किस करते हुए दो बहनों का वीडियो वायरल हुआ, परिवारवालों ने दोनों को मार डाला

पिता-चाचा पर सबूत छिपाने का आरोप.

एम्बुलेंस ड्राइवर ने पहले 'हेलो सिस्टर्स' कहकर रोका, फिर भद्दी बातें बोलने लगा

तमिलनाडु के कोयम्बटूर में मणिपुरी लड़कियों ने नस्लभेद की शिकायत की.

क्वारंटीन सेंटर में पहले महिला का वीडियो बनाया, फिर ब्लैकमेल करने की कोशिश की

गांव के ही दो आदमियों पर आरोप लगा है.

मंदिर के पुजारियों ने दो औरतों को बंधक बनाया, कई दिन तक लगातार रेप करते रहे

घटना अमृतसर के मंदिर के एक आश्रम की है.

घरवालों के खिलाफ जाकर शादी की, अब कपल कह रहा- हमारी जान बचा लो

लड़की ने वीडियो जारी कर कहा- हम जैसे हैं, वैसे ठीक हैं. हमें छोड़ दो.

अश्लील फोटो फैलाने वालों पर कोई एक्शन नहीं हुआ, तो BJP की महिला नेता ने ट्विटर पर इंसाफ मांगा

ट्विटर पर जब महिला नेता का नाम ट्रेंड हुआ, तब पुलिस ने झटपट काम किया.

मां को बहाने से निर्वस्त्र करवा न्यूड तस्वीरें वायरल कर दीं

बुजुर्ग महिला को रिश्तेदारों से पता चला कि उसकी तस्वीरें वायरल हुई हैं.

यौन उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी मिलने से परेशान नाबालिग ने खुद को आग लगाई

पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की. पांच आरोपी गिरफ्तार.

राशन देने का झांसा देकर महिला मजदूर से रेप के आरोप में पुलिसवाला गिरफ्तार

मामला हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर का है.