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नाओमी ओसाका: टेनिस स्टार ने नियम तोड़े, पेनल्टी भरी, फिर भी मन में उनके लिए इज्जत बढ़ गई

नाओमी ओसाका. जापान की टेनिस खिलाड़ी हैं. सिंगल्स में पहली रैंक हासिल करने वाली पहली एशियाई महिला. फिलहाल नंबर दो पर हैं. चार ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर चुकी हैं. उन्होंने रोलां गैरौ यानी फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट से बाहर होने का फैसला किया है. नाओमी ने कहा है कि वो मानसिक परेशानियों से जूझ रही हैं, उनसे डील करने के लिए उन्हें समय चाहिए. उन्होंने ये भी लिखा कि इस टूर्नामेंट से उनका हटना उनके, टूर्नामेंट के और बाकी खिलाड़ियों के हित में है.

पर बात केवल इतनी नहीं है, नाओमी के इस फैसले से पहले कई और बातें हुई हैं. जिनकी वजह से नाओमी ने ये फैसला किया है. चलिए समझते हैं कि उनके इस फैसले से पहले क्या-क्या हुआ.

27 मईः प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होने की घोषणा

नाओमी ने 27 मई को ट्विटर पर एक नोट शेयर किया. इसमें लिखा था कि वो फ्रेंच ओपन के दौरान एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करेंगी. उन्होंने लिखा,

“मैंने कई बार महसूस किया है कि लोग खिलाड़ियों की मेंटल हेल्थ की रिस्पेक्ट नहीं करते. जब भी मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस देखती हूं या उसमें शामिल होती हूं, ये सच साबित हो जाता है. हम वहां बैठते हैं. हमसे सवाल पूछे जाते हैं, वो सवाल जो हमसे कई बार पूछे जा चुके हैं. वो सवाल पूछे जाते हैं जिनसे हमें खुद पर डाउट होने लगता है. और मैं खुद को ऐसे लोगों के सामने नहीं लाना चाहती जिन्हें मुझ पर भरोसा नहीं है. मैंने हार के बाद कई एथलीट्स को प्रेस कॉन्फ्रेंस में टूटते देखा है, मुझे पता है कि आपने भी देखा होगा. मुझे लगता है कि एक व्यक्ति जब बुरा महसूस कर रहा है तब ऐसे लम्हे उसे और चोट देते हैं. मुझे इसके पीछे की वजह समझ नहीं आती. मेरा प्रेस कॉन्फ्रेंस न करना टूर्नामेंट या पत्रकारों के खिलाफ उठाया कदम नहीं है. कई पत्रकार तो मेरा तब से इंटरव्यू कर रहे हैं जब मैं बहुत छोटी थी. ज्यादातर के साथ मेरे अच्छे रिश्ते हैं. पर अगर संस्थाएं ये कहती रहें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करो नहीं तो फाइन लगेगा और खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को इग्नोर करती रहें तो मुझे हंसी आती है. खैर, मैं उम्मीद करती हूं कि मुझ पर जो फाइन लगाया जाएगा, उसका ठीक-ठाक अमाउंट मेंटल हेल्थ चैरिटी की तरफ जाएगा.”

30 मईः 15 हज़ार डॉलर का फाइन लगा

30 मई को नाओमी ने फ्रेंच ओपन में पहले राउंड का मैच खेला. मैच रोमानिया की पैट्रिशिया मारिया टिक के खिलाफ था. जीत के साथ नाओमी ने फ्रेंच ओपन में एक बेहतरीन शुरूआत की. हर मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है. इसमें खिलाड़ियों का शामिल होना ज़रूरी होता है. नाओमी पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं जाने का फैसला कर चुकी थीं. तो वो नहीं शामिल हुईं. इसके बाद उनके ऊपर 15 हज़ार डॉलर यानी करीब 10 लाख 93 हज़ार रुपये का फाइन लगा दिया गया.

रोलां गैरो की तरफ से इसे लेकर प्रेस नोट भी जारी किया गया. इसमें कहा गया,

“नाओमी के फैसले के बाद हमने उनसे संपर्क करने की कोशिश की. ताकि हम उनकी परेशान को बेहतर तरीके से समझ सकें और उसका समाधान निकाल सकें. पर हमारी कोशिशें बेकार रहीं. हमने, ऑस्ट्रेलियन ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन ने मिलकर उन्हें चिट्ठी लिखी ताकि हम उनके स्वास्थ्य के बारे में जान सकें और अपना सपोर्ट दे सकें. हमने लिखा कि हम खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर समर्पित हैं और इस मुद्दे पर बात हो सकती है. हमने उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. हमने उन्हें ये भी बताया कि सारे नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं.”

नाओमी ओसाका ने यूएस ओपन के हर दौर में ब्लैक लाइव्ज मैटर से जुड़े मास्क पहने.
नाओमी ओसाका अब तक चार ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर चुकी हैं.

रोलां गैरो ने आगे लिखा कि उनके पास खिलाड़ियों की वेल बींग का ख्याल रखने के लिए एक डेडिकेटेड टीम है. लेकिन उसके काम करने के लिए जरूरी है कि खिलाड़ी की तरफ से भी इनवॉल्वमेंट ज़रूरी है. ताकि उनकी बात, उनका नज़रिया समझा जा सके. रोलां गैरो ने आगे लिखा,

“मीडिया के साथ खिलाड़ियों का बात करना ग्रैंड स्लैम के कोर एलिमेंट्स में से एक है. इससे मीडिया को खिलाड़ियों को जानने का और खिलाड़ियों को अपनी कहानी बताने का मौका मिलता है. ये एक ज़िम्मेदारी है जिसे खिलाड़ी अपने खेल, अपने फैन्स और अपने लिए निभाते हैं. हमने नाओमी को ये बात बताई है कि अगर वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल न होना जारी रखती हैं तो उनके खिलाफ कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन मामले में कार्रवाई की जाएगी. उनको इस टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है. या आगे के ग्रैंड स्लैम्स में भी उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.”

फ्रेंच ओपन ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की रैंक और उसके स्टेटस की वजह से उसे दूसरे खिलाड़ियों से अलग ट्रीटमेंट नहीं दिया जा सकता है. किसी एक प्लेयर को अनफेयर एडवांटेज नहीं दिया जा सकता है.

31 मईः नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन से बाहर होने का ऐलान कर दिया

नाओमी ने ट्विटर पर फ्रेंच ओपन छोड़ने की घोषणा की. उन्होंने लिखा,

मेरे, टूर्नामेंट और बाकी खिलाड़ियों के लिए यही सही होगा कि मैं टूर्नामेंट छोड़ दूं. ताकि बाकि लोग इस मामले से ध्यान हटाकर अपने गेम पर फोकस कर सकें… मैं कभी भी डिस्ट्रैक्शन नहीं बनना चाहती थी… सच ये है कि 2018 के यूएस ओपन के टाइम से ही मुझे डिप्रेशन के लंबे दौरे आते हैं और उससे जूझने में मुझे बहुत मुश्किल हो रही है. टेनिस मीडिया मेरे प्रति हमेशा दयालु रहा है, अगर मेरे पिछले पोस्ट से किन्हीं को तकलीफ हुई हो तो मैं माफी मांगती हूं. पर मैं बताना चाहती हूं कि मैं एक इंट्रोवर्ट हूं. मीडिया से बात करने से पहले मुझे बहुत ज्यादा एंग्जायटी होती है. पेरिस में मैं बेहद वल्नरेबल और एंग्शियस महसूस कर रही थी. इसलिए मुझे लगा कि अपना ख्याल रखना ज़रूरी है और इसलिए मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस स्किप करने का फैसला किया. मैंने इसकी घोषणा की, क्योंकि मुझे लगता है कि कई नियम बहुत आउटडेटेड हैं और मैं ये बात हाईलाइट करना चाहती थी.

मैंने इसे लेकर टूर्नामेंट को भी लिखा था. मैंने माफी मांगी थी और ये भी कहा था कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मैं खुशी-खुशी मीडिया से बात कर लूंगी. क्योंकि उनकी आलोचना बहुत तीखी होती है. मैं कोर्ट से कुछ वक्त के लिए अलग रहूंगी. पर जब समय सही रहेगा तब मैं टूर्नामेंट से इस बारे में चर्चा करके कोई बेहतर रास्ता निकालने की कोशिश ज़रूर करूंगी. ऐसा रास्ता जो खिलाड़ियों, प्रेस और फैन्स तीनों के लिए सही हो. 

नाओमी के टूर्नामेंट छोड़ने पर लोगों ने क्या कहा?

नाओमी के टूर्नामेंट छोड़ने पर ज्यादातर लोगों ने नाओमी की हिम्मत की दाद दी है कि उन्होंने मेंटल हेल्थ को लेकर खुलकर बात की. जब नाओमी ने फ्रेंच ओपन छोड़ने की घोषणा की तब अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स इस साल के फ्रेंच ओपन का अपना पहला मैच खेल रही थीं. मैच जीतने के बाद जब वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचीं तब उन्हें पता चला कि नाओमी टूर्नामेंट से अलग हो गई हैं.

सेरेना ने कहा,

“मैं उनकी स्थिति समझ सकती हूं. काश मैं उन्हें हग कर पाती. मुझे पता है ये कैसा होता है. मैं उस जगह पर रह चुकी हूं. हर कोई अलग होता है. चीज़ों को अलग तरीके से हैंडल करता है. आपको उन्हें वक्त देना होगा, ताकि वो इस स्थिति को वैसे हैंडल कर सकें जैसा उन्हें सही लगता है.”

Serena Williams
सेरेना विलियम्स ने कहा कि किसी भी चीज़ को हैंडल करने का हर व्यक्ति का अपना तरीका होता है. ऐसे में नाओमी को वक्त दिया जाना चाहिए. (फोटो- PTI)

39 ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने वाली अमेरिका की टेनिस वेटरन बिली जीन किंग ने भी नाओमी के समर्थन में ट्वीट किया. उन्होंने लिखा,

“यह बहुत हिम्मत की बात है कि नाओमी ओसाका ने डिप्रेशन के साथ अपने स्ट्रगल के बारे में खुलकर बात की. इस वक्त सबसे ज़रूरी है कि हम उन्हें वो टाइम और स्पेस दें, जिसकी उन्हें ज़रूरत है.”

टेनिस खिलाड़ी और कोच रह चुकी मार्टीना नवरातीलोव ने ट्वीट किया,

मैं नाओमी ओसाका के लिए दुखी हूं. पर उम्मीद कर रही हूं कि वो ठीक हो जाएं. एथलीट होने के नाते हमें सिखाया जाता है कि हम अपने शरीर का ख्याल रखें. और इसमें शायद मानसिक और इमोशनल पहलू नज़रअंदाज़ हो जाते हैं. ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करने या नहीं करने से बहुत बड़ा है. गुड लक नाओमी.

हालांकि, ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन ने इसे लेकर नाओमी ओसाका की आलोचना की है. उन्होंने लिखा,

क्या अब नाओमी ओसाका को क्रिटिसाइज़ करने में पत्रकारों को डर नहीं लगेगा? वो जो चाहती थीं, वो उन्हें मिल गया. कोई आलोचना नहीं, केवल तारीफ. इस बीच उनके फेलो टेनिस प्लेयर्स अपने कॉन्ट्रैक्ट का पालन करते हुए मीडिया से बात करेंगे. उनकी आलोचना झेलेंगे.

फ्रेंच टेनिस फेडरेशन असोसिएशन के प्रेसिडेंट गिली मॉरेटों ने कहा कि वो नाओमी लिए बुरा और दुखी महसूस कर रहे हैं. मॉरेटों ने पहले कहा था कि नाओमी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल न होने का फैसला एक बड़ी गलती है. नाओमी के टूर्नामें छोड़ने पर उन्होंने कहा,

“हम चाहते हैं कि वो जल्द से जल्द रिकवर हों. अगले साल इसी टूर्नामेंट में उनके खेलने को लेकर हम आशान्वित हैं.

पहले भी खिलाड़ी डिप्रेशन पर बात कर चुके हैं

ये पहला मौका नहीं है जब किसी खिलाड़ी ने अपने डिप्रेशन को लेकर खुलकर बात की हो. क्रिकेटर विराट कोहली, स्विमर माइकल फेल्प्स, क्रिकेटर प्रवीण कुमार, गोल्फर अनीशा पदुकोण, फुटबॉलर सुनील छेत्री. सभी डिप्रेशन के अपने अनुभव शेयर कर चुके हैं.

इसे लेकर हमने मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अखिल अग्रवाल से बात की.  हमने उनसे सवाल किया कि खेलकूद को तो मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है. ऐसे में क्या वजह है कि प्रोफेशनल प्लेयर्स डिप्रेशन का शिकार होते हैं?  इस पर उन्होंने कहा,

“इसकी वजह है परफॉर्मेंस का प्रेशर. आज का सिनेरियो पूरी तरह परफॉर्मेंस बेस्ड है. जब तक आपकी परफॉर्मेंस अच्छी है तब तक आप टीम में हैं. परफॉर्मेंस खराब तो आपकी जगह खत्म. ये एक बड़ी वजह होती है खिलाड़ियों की मेंटल हेल्थ खराब होने की.”

डॉक्टर अखिल अग्रवाल कहते हैं कि खिलाड़ियों का अपने कोच और मैनेजमेंट के साथ कैसा तालमेल है. फिटनेस, इंजरी की वजह से खेल न पाना. खिलाड़ियों के बीच आपस का पियर प्रेशर. ये सब भी खिलाड़ियों की मेंटल हेल्थ पर असर डालते हैं.

Naomi Osaka
नाओमी ओसाका 23 साल की हैं. इस साल उन्होंने फ्रेंच ओपन से खुद को अलग कर लिया है.(तस्वीर: AP)

नाओमी ने अपने नोट में लिखा है कि वो इंट्रोवर्ट हैं और मीडिया के सामने आने को लेकर हर बार उन्हें गंभीर एंग्जायटी होती है. पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो बहुत नर्वस फील करती हैं. हमने डॉक्टर अखिल से इस बारे में पूछा, कि क्या सभी इंट्रोवर्ट लोगों को इस तरह की एंग्जायटी होती है? इस पर उन्होंने बताया,

इंट्रोवर्ट या एक्स्ट्रोवर्ट होना आपकी पर्सनैलिटी है. ज्यादातर इंट्रोवर्ट लोग अपने आपको एक शेल में बंद कर लेते हैं. वो अपने आप में खुश होते हैं. और लोगों से ज्यादा मिक्स नहीं होते. लोगों से मिलने पर उन्हें एंग्जायटी हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती.

डॉक्टर अखिल ने बताया कि लोगों के बीच जाने में घबराहट होना सोशल एंग्जायटी डिसॉर्डर का सिम्प्टम है. उन्होंने बताया,

“ये एक बीमारी है. जिसमें व्यक्ति के मन में एक डर होता है. जिसकी वजह से वो अनजान लोगों के बीच या अनजान जगह पर अपने आपको ठीक से प्रेज़ेंट नहीं कर पाता है. उसके मन में डर होता है कि अगर वो कहीं भी जाएगा तो लोग उसका मज़ाक उड़ाएंगे, उसे जज करेंगे, उसके बारे में बातें करेंगे. ये डर उन्हें अपने में सीमित कर देता है, वो लोगों से मिलना छोड़ देते हैं. डर की वजह से वो खुद को सोसायटी से अलग कर लेते है.”

Dr Akhil Agrawal
Dr Akhil Agrawal

नाओमी ओसाका ने लिखा है कि वो 2018 से ही डिप्रेशन से जूझ रही हैं. इस मानसिक स्थिति में भी अगर उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर मजबूर किया जाए तो इसका उनकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है. डॉक्टर अखिल बताते हैं,

“यदि व्यक्ति ऑलरेडी डिप्रेशन में है और इंट्रोवर्ट है या सोशल एंग्जायटी का शिकार है तो प्रेस कॉन्फ्रेंस वगैरह हैंडल ही नहीं कर पाएंगे. क्योंकि उनका सबसे बड़ा डर यही होता है कि उन्हें जज किया जाएगा. उन्हें पैनिक अटैक हो सकता है, उन्हें चोकिंग या ब्रेथलेसनेस की फीलिंग आ सकती है. घबराहट में सवालों के ठीक से जवाब नहीं दे पाते. कई बार ये भी होता है कि वो कुछ का कुछ कह जाते हैं, जिससे मीडिया में नेगेटिव रिपोर्टिंग होती है और ये उनके डिप्रेशन को और अधिक बढ़ा सकता है.”

यानी जिस मानसिक स्थिति में नाओमी ओसाका हैं, उसे देखते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने का उनका फैसला एक सही फैसला मालूम पड़ता है. हमें उम्मीद है कि वो जल्द स्वस्थ होंगी. और ग्रैंड स्लैम फेडरेशन भी अपने नियमों और कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव की गुंजाइश पर विचार करेगा.


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