Submit your post

Follow Us

तालिबान के 100 से अधिक आतंकियों से सरेंडर कराने वालीं सलीमा मजारी गिरफ्तार

अफगानिस्तान में वापसी के बाद तालिबान सरकार बनाने की कोशिशों में जुट चुका है. उसने कुछ ऐसे ऐलान किए हैं, जिनसे दुनिया को ये संदेश मिले कि अब वो तरक्कीपसंद संगठन बनने की कोशिश कर रहा है. लेकिन साथ ही वो ऐसी हरकतें भी कर रहा है जिससे उसके सुधरने की कोशिशें धोखे से ज्यादा कुछ नहीं लगतीं. खबर है कि अफगानिस्तान की पहली महिला गवर्नर सलीमा मजारी को तालिबान ने गिरफ्तार कर लिया है. सलीमा मजारी ने ना सिर्फ तालिबान के खिलाफ आवाज बुलंद की, बल्कि हथियार भी उठाए. कहा जा रहा है कि उनको गिरफ्तार कर तालिबान ने अपने असली इरादे साफ कर दिए हैं.

कौन हैं सलीमा मजारी?

आजतक की रिपोर्टर गीता मोहन के मुताबिक, अफगानिस्तान में तीन महिला गवर्नर थीं, जिनमें सलीमा मजारी पहली थीं. उनका जन्म वैसे तो ईरान में हुआ था, लेकिन सोवियत वॉर के वक्त वो अफगानिस्तान आ गई थीं. सलीमा मजारी ने तेहरान यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और तालिबान से भी लोहा लिया. बीते कुछ सालों में सलीमा मजारी ने महिला नेता के तौर पर देश-दुनिया का खूब ध्यान खींचा. तालिबान के खतरे को देखते हुए और जिले को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने सिक्योरिटी कमिशन की स्थापना की थी, जो स्थानीय सेना में भर्ती का काम करता था.

ये सब जानने के बाद साफ समझ आता है कि तालिबान ने क्यों सलीमा माजरी को हिरासत में ले लिया है.

अपने इलाके के लिए तालिबान से भिड़ीं

अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से जाने के दौरान ही तालिबान की वापसी की संभावना जोर पकड़ने लगी थी. ऐसा हुआ भी. अमेरिकी सेना के जाने के बाद तालिबान एक-एक कर अफगानिस्तान के कई प्रांत अपने कब्जे में लेता गया. लेकिन जब उसके लड़ाकों के आगे अफगान सेना, नेता और आम लोग घुटने टेक रहे थे, तब बल्ख प्रांत का चारकिंत नाम का जिला और उसकी नेता सलीमा मजारी तालिबान से लड़ रहे थे. बताया जाता है कि चारकिंत अफगानिस्तान का ऐसा एकमात्र जिला था, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एक महिला के कंधों पर थी और जहां कोई आतंकी समूह कब्जा नहीं कर पाया था.

Untitled Design (70)
सलीमा मजारी की चर्चा उस वक्त पूरी दुनिया में हुई थी जब उन्होंने तालिबान से लड़ने के लिए सिक्योरिटी कमिशन की स्थापना की थी (फोटो: इंडिया टुडे)

सलीमा मजारी तालिबान के खिलाफ पहले से तैयारी कर रही थीं. पिछले साल उन्होंने 100 से अधिक तालिबान लड़ाकों का आत्मसमर्पण कराया था. हालांकि, सलीमा का कहना था कि इस तरह की कोशिशों को हर बार सफलता नहीं मिलती.

40 साल की सलीमा मजारी के लिए तालिबान से लड़ना एक ऐतिहासिक जिम्मेदारी थी. उन्होंने ब्रिटिश अखबार दि गार्डियन को बताया था,

“कभी-कभी मुझे ऑफिस में होना होता है और कभी-कभी खुद बंदूक उठाकर लड़ाई लड़नी होती है. खुद को हमारे ऊपर थोपने वाले चरमपंथी समूहों और विचारधाराओं से अगर हम नहीं लड़ेंगे तो उन्हें हराने की हमारी संभावना लगभग खत्म हो जाएगी. वो जीत जाएंगे. समाज के ऊपर जबरन अपना एजेंडा थोप देंगे.”

सलीमा मजारी ने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद महिलाओं को लेकर अपनी चिंता ज़ाहिर की थी. उन्होंने कहा था,

“महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं होगी. तालिबान द्वारा नियंत्रित प्रांतों में अब कोई भी महिला मौजूद नहीं है, यहां तक ​​कि शहरों में भी नहीं. वे सभी अपने घरों में कैद हैं.”

आम माफी का किया था ऐलान

तालिबान के काबुल में आने के बाद वहां के हवाई अड्डे पर जबर्दस्त अफरा-तफरी मच गई थी. लोग तालिबानी शासन से घबराकर देश छोड़कर भागते देखे गए. ऐसे में तालिबान ने ‘आम माफी’ की घोषणा की थी. इसमें सरकारी कर्मचारियों को काम पर लौटने के साथ महिलाओं को भी सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था. तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के सदस्य इनामुल्ला समानगनी ने कहा था,

“इस्लामी अमीरात (तालिबान की ओर से घोषित अफगानिस्तान का नाम) नहीं चाहता कि महिलाएं पीड़ित हों. उन्हें शरिया कानून के तहत सरकारी ढांचे में शामिल होना चाहिए.”

लेकिन इस ऐलान के बाद भी तालिबान ने सलीमा मजारी को माफ नहीं किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे रौनक भैड़ा ने लिखी है.)


वीडियो- अफ़ग़ानिस्तान में मुस्लिमों के शरिया कानून का हवाला देकर कैसे धोखा देता रहा तालिबान?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

मुंबई के वकील पर आरोप: बेटे की चाहत में पत्नी का आठ बार गर्भपात करवाया, 1500 इंजेक्शन लगवाए

मुंबई के वकील पर आरोप: बेटे की चाहत में पत्नी का आठ बार गर्भपात करवाया, 1500 इंजेक्शन लगवाए

सेक्स डिटरमिनेशन के लिए बैंकॉक लेकर जाने का भी आरोप.

जज साहब ने अविवाहित लड़कियों के यौन संबंध पर फैसला सही सुनाया, पर बात ग़लत कर दी

जज साहब ने अविवाहित लड़कियों के यौन संबंध पर फैसला सही सुनाया, पर बात ग़लत कर दी

जज साहब बोले- भारत की अविवाहित लड़कियां केवल मजे के लिए नहीं बनातीं शारीरिक संबंध.

पत्नी का आरोप- जबरन सेक्स के चलते पैरालाइज़ हुई, कोर्ट बोला- सहानुभूति, पर पति की गलती नहीं

पत्नी का आरोप- जबरन सेक्स के चलते पैरालाइज़ हुई, कोर्ट बोला- सहानुभूति, पर पति की गलती नहीं

महिला ने दहेज प्रताड़ना का केस किया, कोर्ट ने ससुराल वालों को एंटीसिपेटरी बेल दे दी.

पसंद के लड़के के साथ जाकर शादी की तो पूरे परिवार ने मिलकर मार डाला

पसंद के लड़के के साथ जाकर शादी की तो पूरे परिवार ने मिलकर मार डाला

एक महीने पहले लड़की ने पुलिस को बताया था कि उसे डर है कि परिवार वाले उसे मार डालेंगे.

बाप ने बेटी की बलि चढ़ा दी, वजह घृणा से मन भर देगी

बाप ने बेटी की बलि चढ़ा दी, वजह घृणा से मन भर देगी

आरोपी असम के चाय बागान में काम करता था, हत्या के बाद शव नदी में बहाया.

चिट पर शायरी लिखकर लड़कियों पर फेंकते हो, तो बेट्टा! अब तुम्हारी खैर नहीं

चिट पर शायरी लिखकर लड़कियों पर फेंकते हो, तो बेट्टा! अब तुम्हारी खैर नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ-साफ बोल दिया है.

दो बड़े नेताओं के सेक्स टेप, एक निर्मम हत्या: भंवरी देवी केस में आरोपियों को कैसे मिली बेल

दो बड़े नेताओं के सेक्स टेप, एक निर्मम हत्या: भंवरी देवी केस में आरोपियों को कैसे मिली बेल

10 साल पहले इस केस ने राजस्थान में भूचाल ला दिया था.

'मुस्लिम लड़के हिंदू औरतों को मेहंदी लगाएंगे तो लव जिहाद हो जाएगा!'

'मुस्लिम लड़के हिंदू औरतों को मेहंदी लगाएंगे तो लव जिहाद हो जाएगा!'

क्रांति सेना के लोग मुस्लिम कारीगर के मेहंदी लगाते दिखने पर 'अपने स्टाइल' में सबक सिखाने की बात कर रहे हैं.

"रेप केवल 11 मिनट तक चला", ये कहकर महिला जज ने रेपिस्ट की सज़ा ही कम कर दी

जज के इस फैसले के खिलाफ इस देश के लोगों का अनोखा प्रदर्शन.

मुंगेर में जिस बच्ची के शरीर के साथ बर्बरता हुई, उसे लेकर पुलिस के हाथ क्या लगा?

मुंगेर में जिस बच्ची के शरीर के साथ बर्बरता हुई, उसे लेकर पुलिस के हाथ क्या लगा?

बच्ची के शव से एक आंख निकाल ली गई थी. उसकी उंगलियों को कुचला गया था.