Submit your post

Follow Us

लड़कियों का मज़बूत शरीर देख 'हिजड़ा' या 'मर्दाना' कहने वाले जरूर सुनें इन लड़कियों की बात

आपने कभी अखबारों में आने वाले ‘वर चाहिए-वधु चाहिए’ वाले पन्नों पर नज़र मारी है? ‘वधु चाहिए’ वाले कॉलम में जो भी परिवार अपने बेटे की शादी के लिए विज्ञापन डालते हैं, उनमें से अधिकतर लिखते हैं- ‘सुंदर, सुशील, गृह कार्य में दक्ष’ लड़की चाहिए. यानी ये तथाकथित आदर्श लड़कियों के लिए सेट किया हुआ एक खाचा है. केवल शादी ही नहीं, हर काम के लिए लड़कियों को लेकर हमारी सोसायटी ने एक दायरा तय कर दिया है. और जो लड़कियां इस दायरे से बाहर जाती हैं, उन्हें काफी कुछ सुनना पड़ता है. ऐसे ही कई सारे दायरों में से एक है लड़की का शरीर. उम्मीद की जाती है कि लड़कियों का शरीर एकदम कोमल, नाज़ुक सा दिखाई दे. ऐसे में अगर कोई लड़की तगड़ी कसरत कर अपने शरीर को मज़बूत बना ले और थोड़े डोले-शोले बना ले, फिर उसे तो लड़की माना ही नहीं जाता. उसके शरीर के लिए सीधे कहा जाता है कि मर्दाना शरीर है. अब ऐसा ही कुछ हुआ है एक्ट्रेस तापसी पन्नू के साथ. क्या हुआ बताएंगे डिटेल में. साथ ही बात करेंगे फीमेल बॉडी-बिल्डर्स के बारे में. उनके स्ट्रगल से आपको रूबरू कराएंगे.

क्या है मामला?

नमस्ते. मेरा नाम है प्रतीक्षा और आप देख रहे हैं ‘द ऑडनारी शो’. तापसी पन्नू की एक फिल्म आ रही है ‘रश्मि रॉकेट’. इसमें वो एक रनर रश्मि का रोल निभा रही हैं. तापसी पिछले कुछ दिनों से इस फिल्म से जुड़ी हुई तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शेयर कर रही हैं. इसका पोस्टर भी उन्होंने शेयर किया था. इन्हीं तस्वीरों में से एक तस्वीर उन्होंने 19 सितंबर को शेयर की. जिसमें वो रनिंग ट्रैक पर खड़ी दिख रही हैं, स्पोर्ट्सपर्सन की तरह कपड़े पहने हुए हैं और पीठ कैमरे की तरफ है. इसी फोटो को एक मीडिया हाउस से शेयर किया और पूछा- “अंदाज़ा लगाओ कि ये कौन है?” इस पर एक ट्विटर अकाउंट की तरफ से जवाब दिया गया. लिखा गया-

“ये मर्द की बॉडी वाली सिर्फ तापसी पन्नू ही हो सकती है.”

Taapsee Pannu (1)

अब ये बात निगेटिव वे में लिखी गई या पॉज़िटिव, ये हमें क्लियर नहीं है. लेकिन तापसी का इस पर रिएक्शन आया. उन्होंने लिखा-

“मैं सिर्फ इतना कहूंगी कि बस इस लाइन को याद रखिए और 23 सितंबर का इंतज़ार करिए. और एडवांस में थैंक्यू, मैंने इस कॉम्प्लिमेंट के लिए बहुत मेहनत की है.”

Taapsee Pannu (2)

तापसी के इस रिएक्शन पर और भी कमेंट्स आए. कुछ लोगों ने तापसी के चेहरे की तुलना खली के चेहरे से कर दी. प्रॉपर एक कोलाज बनाया गया. लिखा गया-

“मर्द की बॉडी वाली लड़की कहा तो बड़ा बुरा लगा. ये देख के भड़क मत जाना.”

खली की तस्वीर के साथ तुलना ये देखकर भड़क मत जाना

इस तस्वीर पर एक यूज़र का कमेंट आया- “ये खली ने हेयरबैंड क्यों पहना है पीले रंग का?”

दरअसल, खली के साथ कोलाज वाली तस्वीर में तापसी ने पीले रंग का हेयरबैंड पहना हुआ है. इसी तस्वीर के नीचे और भी कमेंट्स किए गए, कहा गया कि “शेविंग किया था तो चिकना बन गया था”.

खली से कम्पेयर करके ट्रोलिंग

तापसी की जिस फोटो पर ये सारी बातें कही गई, उस तस्वीर में तापसी का शरीर वाकई एक मज़बूत स्पोर्ट्सपर्सन का लग रहा है. ज़ाहिर है इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की होगी. जैसा हमने शुरू में ही बताया था कि अगर किसी लड़की का शरीर थोड़े ज्यादा मसल्स वाला दिखे, तो उसे ‘मर्दाना शरीर’ कह देते हैं. माने ये मान लिया जाता है कि उसका शरीर मर्दों की तरह है. ये बात कई बार घटिया कमेंट के तौर पर भी की जाती है, तो कई बार कॉम्प्लिमेंट देने के तौर पर भी. हैरानी होती है कि किसी महिला को कॉम्प्लिमेंट या कमेंट, कुछ भी देने के लिए उसकी तुलना पुरुष से की जाती है. यहां तक कि अगर कोई महिला किसी तरह की बहादुरी का काम करती है, तो भी उसे ‘मर्दाना’ शब्द का कॉम्प्लिमेंट दिया जाता है. अगर किसी महिला की चाल-ढाल तथाकथित लड़कियों की चाल-ढाल जैसी न हो, तो भी उसे ‘मर्दाना’ करार दे दिया जाता है. माने लड़कियों के हर काम, उनसे जुड़ी हर चीज़ के लिए सेट किए गए दायरे से अगर कोई लड़की बाहर जाए, तो वो तथाकथित ‘मर्दाना’ हो जाती है. यहां हम ये नहीं कह रहे कि पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता. उनके साथ भी होता है. अगर वो रोएं, तब भी उनके लिए कहा जाता है कि “लड़कियों जैसे न रोएं”. ये सब दिखाता है कि हमारी पैट्रिआर्कल जड़ें कितनी ज्यादा मज़बूत हैं. और इसका शिकार हर कोई होता है. खैर, ये बहुत लंबी बहस हो सकती है. इसे यहीं पर रोकते हुए आगे बढ़ते हैं.

तापसी की तस्वीर पर ‘मर्दों की बॉडी’ वाले कमेंट के नीचे और भी कई यूज़र्स ने कमेंट किया. वही कुछ ने ट्रोलिंग के मकसद से, तो कुछ ने तापसी को सपोर्ट करते हुए. बहुतों ने ये बात लिखी कि अब ‘मर्दाना’ शब्द को किसी लड़की के लिए कॉम्प्लिमेंट के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उसकी खुद की अपनी एक पहचान है. इस मुद्दे पर हमारे साथी नीरज ने तापसी को मैसेज किया था. उन्होंने कहा कि अब वो ट्रेलर आने के बाद ही इस पर बात करेंगी. तापसी की ‘रश्मि रॉकेट’ 15 अक्टूबर को Zee5 पर रीलीज़ हो रही है. और शायद 23 सितंबर को उसका ट्रेलर आने वाला है, क्योंकि इस तारीख का ज़िक्र तापसी ने अपने ट्वीट में किया है.

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी ही

क्या आप अपनी ज़िंदगी के किसी भी पड़ाव पर जिम गए हैं. अगर हां, तो आपने वहां ट्रेनिंग देने वाले पुरुषों और औरतों की संख्या के बीच अंतर देखा ही होगा. जिम ट्रेनर औरतें बहुत ही कम हैं. दूसरा, बहुत ही कम जिम्स में औरतें ट्रेनिंग देती हैं. ज्यादातर जिम पुरुष ही चलाते हैं. वो इसलिए क्योंकि फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग की दुनिया पुरुषों की मानी जाती है, खासतौर बॉडी बिल्डिंग की फील्ड. फिटनेस की फील्ड में जो औरतें हैं भी, वो भी ज्यादातर वज़न कम करने तक या खुद को फिट रखने तक सीमित हैं. क्योंकि बॉडी बनाने का काम तो तथाकथित मर्दों का माना जाता है. ये सोच भी है कि मस्कुलर बॉडी पुरुषों पर ही अच्छी लगती है. लेकिन इन सारी धारणाओं को भी भारत की कई औरतें तोड़ रही हैं. कई सारी रोक-टोक के बाद भी वो बॉडी बिल्ड कर रही हैं. लेकिन ये राह भी उनके लिए आसान नहीं है. लोग सीधे यही कमेंट करते हैं कि ‘तुम्हारा शरीर तो मर्दों की तरह हो गया है’. फिर भले ही वो टॉप लेवल की बॉडी बिल्डर ही क्यों न हो. ‘टी वीक’ वेबसाइट पर किरण देम्बला का एक इंटरव्यू पब्लिश हुआ था. सितंबर 2020 में. किरण बहुत ही फेमस बॉडी बिल्डर हैं, कई सेलिब्रिटीज़ को भी ट्रेनिंग देती हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जर्नी के बारे में खुलकर बताया था.

किरण, 35 साल की उम्र तक जिम में एक बार भी कदम नहीं रखी थीं. वो एक हाउसवाइफ थीं. लेकिन एक दिन अचानक से उनके मुंह से आवाज़ निकलनी बंद हो गई और वो अपना सिह तक नहीं हिला पा रही थीं. डॉक्टर ने बताया कि दिमाग में खून के थक्के जमे हुए हैं. दो साल तक हैवी दवा लेनी पड़ी. जो शरीर में आलस ला देती थी. इसके चलते किरण का वज़न 25 किलो तक बढ़ गया था, जिसे कम करने के लिए उन्होंने योग किया, स्विमिंग की और आखिर में जिम गईं. शुरू में शर्म आई, उसके बाद दोस्त बने और किरण ने जमकर पसीना बहाया, 25 किलो वज़न कम कर लिया. फिर खुद का जिम खोलने का फैसला लिया. पति ने पहले विरोध किया, लेकिन किरण ने एक न सुनी. ऑनलाइन कोर्स करके खुद का जिम खोल. कामयाबी मिल गई. नाम हो गया और सेलिब्रिटीज़ को ट्रेनिंग देने लगीं. जब 40 साल की हुईं तो सिक्स पैक बना लिए. किरण कहती हैं-

“मेरे बारे में, मेरे पीठ पीछे काफी कुछ बुरा-भला कहा जा रहा था. सोशल मीडिया पर घटिया कमेंट्स किए जा रहे थे, ये कहा जा रहा था कि मैं मर्दाना हो गई हूं और स्टेरॉयड्स ले रही हूं. किसी के अंदर हिम्मत नहीं थी कि सामने आकर ये सब कहे, क्योंकि वो जानते थे कि मैं उन्हें झापड़ मार दूंगी.”

किरण देम्बला 01
किरण देम्बला

किरण को वर्ल्ड बॉडी-बिल्डिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए इंडियन बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन से इनविटेशन आया. पति ने इस बात से आपत्ति जताई कि उन्हें बिकनी पहननी पड़ेगी. लेकिन आखिर में किरण ने पति को मना लिया. वो कहती हैं-

“हर कोई मेरे पति को थैंक्यू कहता है, सपोर्टिव होने के लिए. लेकिन मैंने कभी भी नहीं देखा कि अगर एक पुरुष सफल होता है, तो उसकी पत्नी को लोग कॉम्प्लिमेंट करें. ये मेरी जर्नी है, मैंने खुद इसे तय किया है. अगर पति के मना करने पर मैं ये सब कुछ न करती, तो मैं आज उस जगह पर नहीं होती जहां आज हूं. हम औरतें खुद को वयस्क की तरह ट्रीट नहीं करतीं. हम परमिशन लेते हैं हर चीज़ के लिए. पहले पैरेंट्स से, फिर पति से.”

किरण की कहानी बताती है कि औरतें इस फील्ड में इस वजह से भी नहीं आ पातीं, क्योंकि उन्हें परिवार वाले तथाकथित “परमिशन” नहीं देते. इसके अलावा एक और मुद्दा भी हमें नज़र आया. वो है बिकनी पहनने का मुद्दा. जनरली जो बॉडी बिल्डिंग के कॉम्पिटिशन्स होते हैं, उसमें बॉडी कितनी बनी है, वो दिखाना होता है, और महिलाओं को इसके लिए स्टेज पर चढ़ने से पहले बिकनी पहननी होती है. अधिकतर लड़कियां खुद को इसमें कम्फर्टेबल भी महसूस नहीं करतीं. इस मुद्दे पर हमने बॉडी-बिल्डर गीता सैनी से बात की. वो 2021 सीनियर विमन नेशनल बॉडी-बिल्डिंग कॉम्पिटिशन की विनर हैं. उन्होंने बताया कि वो खुद बिकनी पहनने में सहज महसूस नहीं कर रही थीं, लेकिन उनके भाई ने हौंसला बढ़ाया. गीता बताती हैं-

“जो गलतियां मैंने की अपनी वेट लॉस जर्नी में, वो मैं नहीं चाहती कि कोई और करे. 2017 में गुड़गांव में नेशनल चैम्पियनशिप हुई थी. मेरे भाई ने उसमें मुझे पार्टिसिपेट करने कहा. मैंने मना कर दिया, क्योंकि उसकी कॉस्ट्यूम को लेकर मैं झिझक रही थी. तो भैया ने कहा कि ‘जब मैं सपोर्ट कर रहा हूं, तो आप करो’. फिर मैंने 2017 में पहला कॉम्पिटिशन खेला. स्टेज फियर था, लेकिन जब मैं स्टेज से उतरी तो मैं टॉप-10 में थी. सबने तारीफ की, कहा कि आपका शरीर प्रॉपर बॉडी बिल्डिंग के लिए ही बना है. सबने परिवार वालों को कहा कि इसे रोकना मत, आगे बढ़ने देना, वहां से मेरा सफर शुरू हो गया था.”

Geeta Saini
गीता सैनी.

गीता सैनी एक फेमस फीमेल बॉडी बिल्डर हैं. हमारे साथी नीरज ने उनसे बात की. गीता ने इस फील्ड में अपनी जर्नी के बारे में हमें डिटेल में बताया. उन्होंने ये भी बताया कि उनके शरीर को देखकर लोग उन्हें आदमी समझते थे या फिर ट्रांसजेंडर. और वो ऐसे कमेंट्स से कैसे डील करती थीं. गीता कहती हैं-

“ये कमेंट्स वही लोग करते हैं जो अपनी ज़िंदगी में खुद कुछ नहीं कर सकते. क्योंकि वो खुद इतने कमज़ोर होते हैं. अगर किसी को इस गेम के बारे में पता है, बॉडी-बिल्डिंग के बारे में पता है, तो वो कभी भी गलत कमेंट नहीं करेगा. को-एथलीट कभी हतोत्साहित नहीं करते. ये काम वो लोग करते हैं जो खुद कुछ नहीं कर पाते. ऐसे लोगों को मैं बस ये कहना चाहूंगी कि आपके बोलने, न बोलने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं तब रियल मानूंगी जब आप फेस-टू-फेस आकर बोलें. सोशल मीडिया पर भी मुझे मैसेज आते हैं, मैं कभी किसी को नफरत भरे मैसेज नहीं करती. मैं कहती हूं कि आप आओ मेरे साथ कसरत करो, तब पता चलेगा. जो लोग ट्रांसजेंडर या लड़का कहते हैं, उन्हें कहने दीजिए. जब हम देश के लिए मेडल जीतते हैं, तब इन लोगों को समझ आता है कि इन्होंने क्या कहा.”

हमारे साथी नीरज ने

194a0969 A119 4c2b B4cd 083414398d38
भावना बिष्ट

से भी बात की. फिटनेस ट्रेनर हैं. इंटरनेशनल पावर लिफ्टर हैं. साल 2018 में दुबई में हुए एशियन पावरलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल भी जीता था. भावना ने अपने संघर्ष और बॉडी बिल्डर के तौर पर हमें अपने सफर के बारे में काफी कुछ बताया. उन्होंने कहा-

“ये कमेंट्स वही लोग करते हैं जो अपनी ज़िंदगी में खुद कुछ नहीं कर सकते. क्योंकि वो खुद इतने कमज़ोर होते हैं. अगर किसी को इस गेम के बारे में पता है, बॉडी-बिल्डिंग के बारे में पता है, तो वो कभी भी गलत कमेंट नहीं करेगा. को-एथलीट कभी हतोत्साहित नहीं करते. ये काम वो लोग करते हैं जो खुद कुछ नहीं कर पाते. ऐसे लोगों को मैं बस ये कहना चाहूंगी कि आपके बोलने, न बोलने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं तब रियल मानूंगी जब आप फेस-टू-फेस आकर बोलें. सोशल मीडिया पर भी मुझे मैसेज आते हैं, मैं कभी किसी को नफरत भरे मैसेज नहीं करती. मैं कहती हूं कि आप आओ मेरे साथ कसरत करो, तब पता चलेगा. जो लोग ट्रांसजेंडर या लड़का कहते हैं, उन्हें कहने दीजिए. जब हम देश के लिए मेडल जीतते हैं, तब इन लोगों को समझ आता है कि इन्होंने क्या कहा.”

हमने भावना से पूछा कि क्या उनके शरीर को लेकर भी घटिया कमेंट्स कभी किए गए? या फिर एक लड़की के तौर पर बॉडी-बिल्डर बनने के उनके फैसले पर क्या सवाल उठाए गए. अगर हां तो इन सबसे उन्होंने कैसे डील किया. भावना कहती हैं-

“शुरुआत में मेरी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी. पिता को कैंसर था. भाई छोटा था. पिता रिटायर हो चुके थे. मैं 12-14 काम करती थी पैसे कमाने के लिए. पिता की मौत के बाद मैं डिप्रेशन में चली गई. फिर मैंने कमबैक किया. जिम में ट्रेनर के तौर पर जॉइन किया. फिर मैंने डिसाइड किया कि इस लाइन में जाना है. ये लाइन ऐसी है जिसमें आपको अपना 110 फीसद देना होता. वर्क आउट, काम सब देखना होता है. मैं नौकरी के साथ बॉडी-बिल्डिंग के लिए वर्क आउट और प्रैक्टिस करती थी.”

एक बॉडी बिल्डर बनना आसान नहीं होता. बहुत कुछ छोड़ना पड़ता है. और अगर आप महिला हैं, तो बहुत सारी पाबंदियों से लड़ना पड़ता है. लाइफस्टाइल पूरी बदल जाती है. बॉडी बिल्डर बनने के लिए एक महिला को क्या कुछ करना पड़ता है. उनकी लाइफ स्टाइल में क्या बदलाव आते हैं? ट्रेनिंग के क्या ऑप्शन्स हैं? इसका जवाब भी हमें दिया गीता ने. उन्होंने बताया-

“आप जानते ही हैं कि अगर किसी लड़की का शरीर थोड़ा लड़कों जैसा हो जाता है तो कहा जाता है कि ये मर्दाना दिखती है, इसकी आवाज़ ऐसी हो गई है… कौन शादी करेगा इससे… हमें स्टेज पर जाने के लिए अलग तरह की कॉस्ट्यूम पहननी होती है, मेरे घरवालों ने खुद कह दिया था कि अगर ये सब करना है तो यहां से चली जाओ. मैंने कहा कि मैंने बहुत कर लिया… अब मेरे सपने हैं कुछ जो मुझे खुद के लिए पूरे करने हैं. आवाज़ को लेकर लोग ट्रोल करते थे. कहते थे कि आराम की ज़िंदगी जियो, इतनी मेहनत क्यों करते हो. मैं ये कहती थी कि ये मेरा शरीर है मैं जैसे रखू इसे. बहुत कुछ कहा जाता था, मैं ट्रेनिंग के बाद लेट घर आती थी, तब भी कहते थे. मैं यही कहती थी कि जब मेरे पिता बीमार थे तब आप लोग आकर कुछ करते थे? इसी नौकरी ने मेरा साथ दिया, इससे मुझे कोई शर्म नहीं है.”

इस पूरी बहस की शुरुआत हुई थी ‘मर्द वाली बॉडी’ टर्म से. हम अंत भी इसी से करेंगे. हां, हम इससे कतई इनकार नहीं कर रहे कि महिला और पुरुष का शरीर, उनकी बनावट अलग होती है. लेकिन किसी निश्चित काम के लिए, किसी निश्चित एक्ट के लिए, हम ‘मर्दाना’ या ‘लड़कियों की तरह’ जैसे टर्म्स का जो इस्तेमाल करते हैं, वो हमें अब बंद कर देना चाहिए. हां इन शब्दों के इर्द-गिर्द कुछ कालजयी रचनाएं भी हुई हैं, लेकिन तब का समय अलग था. और अब समय बदल चुका है. तब के कॉन्टेक्स्ट में लिखी गई चीज़ें अब फिट नहीं बैठती. हमने ‘मर्दाना’ शब्द को बहादुरी, निडरता, मज़बूती का का पर्यायवाची बना रखा था. लेकिन ये एक जेंडर स्पेसिफिक टर्म है. एक लड़की भी उतनी ही बहादुर हो सकती है, उतनी ही निडर और मज़बूत हो सकती है, जितना की कोई पुरुष हो. एक पुरुष भी उतना इमोशनल हो सकता है, जितना की कोई महिला हो.


वीडियो देखें: पंजाब के नए CM चरणजीत सिंह चन्नी अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर जवाब देगें?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

बेटी को आत्मा से बचाने के नाम पर मां ने रेप के लिए तांत्रिक के हवाले कर दिया!

बेटी को आत्मा से बचाने के नाम पर मां ने रेप के लिए तांत्रिक के हवाले कर दिया!

घटना महाराष्ट्र के ठाणे की है, विक्टिम नाबालिग है.

इंदौरः पब में हो रहा था फैशन शो, संस्कृति बचाने के नाम पर उत्पातियों ने तोड़-फोड़ कर दी

इंदौरः पब में हो रहा था फैशन शो, संस्कृति बचाने के नाम पर उत्पातियों ने तोड़-फोड़ कर दी

पुलिस ने आयोजकों को ही गिरफ्तार कर लिया. उत्पाती बोले- फैशन शो में हिंदू लड़कियों को कम कपड़े पहनाकर अश्लीलता फैलाई जा रही थी.

फिरोजाबाद का कपल, दिल्ली से अगवा किया, एक शव MP में तो दूसरा राजस्थान में मिला

फिरोजाबाद का कपल, दिल्ली से अगवा किया, एक शव MP में तो दूसरा राजस्थान में मिला

लड़की के पिता और चाचा अब जेल की सलाखों के पीछे हैं.

औरतों के खिलाफ होने वाले अपराधों के कम होते आंकड़ों के पीछे का झोल

औरतों के खिलाफ होने वाले अपराधों के कम होते आंकड़ों के पीछे का झोल

NCRB ने पिछले साल देश में हुए अपराधों की बहुत बड़ी रिपोर्ट जारी की है.

जिस रेप आरोपी का एनकाउंटर करने की बात मंत्री जी कह रहे थे, उसकी लाश मिली है

जिस रेप आरोपी का एनकाउंटर करने की बात मंत्री जी कह रहे थे, उसकी लाश मिली है

हैदराबाद में छह साल की बच्ची के रेप और मर्डर का मामला.

यूपी: गैंगरेप का आरोपी दरोगा डेढ़ साल से फरार, इंस्पेक्टर बनने की ट्रेनिंग लेते हुआ गिरफ्तार

यूपी: गैंगरेप का आरोपी दरोगा डेढ़ साल से फरार, इंस्पेक्टर बनने की ट्रेनिंग लेते हुआ गिरफ्तार

2020 में महिला ने वाराणसी पुलिस के दरोगा समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.

खो-खो प्लेयर की हत्या करने वाले का कुबूलनामा-

खो-खो प्लेयर की हत्या करने वाले का कुबूलनामा- "उसे देख मेरी नीयत बिगड़ जाती थी"

बिजनौर पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला प्लेयर का रेप करना चाहता था.

LJP सांसद प्रिंस राज के खिलाफ दर्ज रेप की FIR में चिराग पासवान का नाम क्यों आया?

LJP सांसद प्रिंस राज के खिलाफ दर्ज रेप की FIR में चिराग पासवान का नाम क्यों आया?

तीन महीने पहले हुई शिकायत पर अब दर्ज हुई FIR.

साकीनाका रेप केस: महिला को इंसाफ दिलाने के नाम पर राजनेताओं ने गंदगी की हद पार कर दी

साकीनाका रेप केस: महिला को इंसाफ दिलाने के नाम पर राजनेताओं ने गंदगी की हद पार कर दी

अपनी सरकार पर उंगली उठी तो यूपी के हाथरस रेप केस को ढाल बनाने लगी शिवसेना.

सलमान खान को धमकी देने वाले गैंग की 'लेडी डॉन' गिरफ्तार, पूरी कहानी जानिए

सलमान खान को धमकी देने वाले गैंग की 'लेडी डॉन' गिरफ्तार, पूरी कहानी जानिए

एक सीधे-सादे परिवार की लड़की कैसे बन गई डॉन?