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सोनीपत: क्या इस नवजात बच्ची को अस्पताल ने मरने के लिए छोड़ दिया?

सोनीपत, हरियाणा. यहां का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक नवजात बच्ची छोटे से टब में रखी हुई है. उसे टब सहित उठाकर अस्पताल के रिसेप्शन में रखा जा रहा है. पुलिस आती है, पूछताछ में जुट जाती है. आरोप लगाया जा रहा है कि अस्पताल ने उस नवजात बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया.

पूरा मामला क्या है?

25 मई की सुबह सात बजकर बीस मिनट पर ये बच्ची जन्मी. पाटिल नर्सिंग होम, सोनीपत में.  उसी का वीडियो रवि दहिया नाम के व्यक्ति ने फेसबुक पर  डाला है. उन्होंने ‘दी लल्लनटॉप’ को बताया,

‘मुझे किसी ने जानकारी दी थी कि पाटिल अस्पताल में एक बच्ची पैदा हुई है, जिसे इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया गया है. जिसने बताया मैं उनका नाम नहीं ले सकता. उन्होंने मुझे वीडियो भेजा. मैंने सीधे सेक्टर 15 के पुलिस थाने में जाकर शिकायत की. फिर पुलिस ने पूछताछ की. डॉक्टर ने कहा कि इतने छोटे बच्चे तो वैसे भी बच नहीं पाते हैं. ऐसा कहकर उन्होंने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की.’

क्या आरोप लगे हैं?

रवि दहिया ने आरोप लगाए हैं कि अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के जन्म के बाद उसे मेडिकल अटेंशन नहीं दी. उसके साथ ही पैदा हुए जुड़वां लड़के की पहले ही मौत हो चुकी थी. तो उसे दफ़ना दिया गया. वहीं बच्ची को सिविल अस्पताल भेजने में भी लापरवाही बरती गई. सिर्फ इस वजह से कि वो प्रीमैच्योर थी, क्या उसे इस तरह छोड़ दिया जाना चाहिए था?

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देखा जा सकता है कि किस तरह इस नवजात बच्ची को नीले रंग के एक टब में प्लास्टिक बिछा कर लिटाया गया है. (तस्वीर: फेसबुक वीडियो स्क्रीनशॉट)

पुलिस ने क्या कहा?

सोनीपत के सेक्टर 15 थाने के ASI शमशेर सिंह से दी लल्लनटॉप ने बात की. उन्होंने बताया कि इस मामले में शिकायत आई है. और चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) सोनीपत ऑफिस इसकी जांच कर रहा है. जैसी ही उनकी रिपोर्ट आती है, इस पर कार्रवाई की जाएगी.

CMO ऑफिस ने क्या कहा?

दी लल्लनटॉप ने CMO ऑफिस सोनीपत के नोडल ऑफिसर डॉक्टर तरुण यादव से बात की. उन्होंने बताया कि इस मामले में 29 मई की सुबह मेडिकल बोर्ड की मीटिंग हुई थी. मामले की जांच शुरू की गई है. लेकिन कम्प्लेन दर्ज कराने वाले व्यक्ति मीटिंग में मौजूद नहीं थे. एक या दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी.

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वीडियो में पुलिस वाले भी दिखाई दे रहे हैं, जब बच्ची को अस्पताल के रिसेप्शन पर रखा जाता है. (तस्वीर: फेसबुक वीडियो स्क्रीनशॉट)

अस्पताल का क्या कहना है?

इस पूरे मामले में जिनका नाम सोशल मीडिया पर बार-बार लिया जा रहा है वो है पाटिल नर्सिंग होम की डॉक्टर देवयानी पाटिल का. दी लल्लनटॉप ने उनसे भी बात की. उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि ये पूरी घटना साजिश के तहत अंजाम दी गई है. बच्ची मुश्किल से 360 ग्राम की थी. समय से काफी पहले पैदा हो गई थी. ऑक्सीजन पर थी, उसे बाहर लाकर ये वीडियो बनाया गया. अगर वो ऑक्सीजन पर नहीं थी, तो उसे जो भी अंदर से बाहर उठाकर लाए, उसे वीडियो भी वहीं से बनानी चाहिए थी. जो भी मकसद था, वो जांच में पता चल जाएगा. उन्होंने कहा,

‘अभी मैं आपको केवल इतना ही बता सकती हूं कि इसमें मेरी कोई भी लापरवाही नहीं है. मैंने अपना काम पूरी निष्ठा के साथ किया है. जांच कमिटी को हर जानकारी और सुबूत उपलब्ध करा दिए गए हैं. ताकि जांच स्पष्ट और निष्पक्ष हो सके.’

वीडियो की बाबत डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल के सीसीटीवी में पूरी घटना रिकॉर्ड की गई है कि किस तरह बच्ची को वॉर्मर से बाहर लाया गया. मेडिकल बोर्ड की जांच की वजह से अभी वो सीसीटीवी फुटेज देने की स्थिति में नहीं हैं. जैसे ही उनकी सहमति मिल जाएगी, उसे भी शेयर किया जाएगा.

उन्होंने ये भी कहा कि अगर बच्ची को ऑक्सीजन देकर नहीं रखा जाता तो मुश्किल से छह महीने में ही पैदा हुई ये बच्ची 30 घंटे तक कैसे जीवित रहती मां के पेट के बाहर. सिविल अस्पताल में भी उसे खुद डॉक्टर देवयानी ने ट्रान्सफर किया, ऐसा उन्होंने बताया है.

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पुलिस से बातचीत करतीं डॉक्टर देवयानी पाटिल. (तस्वीर: फेसबुक वीडियो स्क्रीनशॉट)

26 मई की शाम को बच्ची की सिविल अस्पताल, सोनीपत में मौत हो गई.

परिवार ने क्या कहा?

डॉक्टर देवयानी ने बताया कि परिवार वालों ने एफिडेविट पर साइन करके मेडिकल बोर्ड को दिया है. कि अस्पताल की इसमें कोई गलती नहीं है. उनकी तरफ से सभी नियम फॉलो किए गए.

साजिश की बात पर कम्प्लेन करने वाले का क्या कहना है?

रवि दहिया ने दी लल्लनटॉप को बताया कि उनके पास सारे सुबूत हैं. उनके साथ पुलिसवाले भी अस्पताल में गए थे जिसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उनके साथ और लोग भी मौजूद थे. मेडिकल बोर्ड की मीटिंग में मौजूद न रहने की बात पर उन्होंने बताया कि एक इमरजेंसी की वजह से उन्हें वहां जाने में देर हो गई थी. उसके बाद उन्हें वेट करवाया गया. जबकि वो 11:30 वहां पहुंच गए थे. चार पन्नों में उन्होंने अपना बयान भी लिखवाया है. वो चाहते हैं कि इस पूरे मुद्दे की निष्पक्ष जांच हो.ये पूछने पर कि वो बच्ची उस टब में कैसे पहुंची क्या इसकी कोई जानकारी या वीडियो है, तो रवि ने बताया कि उनके पास इससे जुड़ी जानकारी नहीं है.

CMO ऑफिस ने कहा है कि मेडिकल बोर्ड की जांच में जो भी रिपोर्ट आती है, वो शेयर कर दी जाएगी.


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