Submit your post

Follow Us

महिला सशक्तिकरण या चुनावी समीकरण? किस वजह से मोदी कैबिनेट में शामिल हुईं सात नई महिला मंत्री

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से दोबारा सत्ता हासिल करने के बाद मोदी सरकार ने 7 जुलाई, 2021 को पहला कैबिनेट फेरबदल (Cabinet Reshuffle) किया. इस फेरबदल में जहां एक तरफ डॉ. हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जैसे दिग्गज चेहरों को अपने मंत्रिपद से हाथ धोना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ न केवल कुछ चेहरों का प्रमोशन हुआ, बल्कि नए चेहरे भी शामिल किए गए. इसी कवायद में पीएम मोदी ने सात नई महिलाओं को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स यानी मंत्रिपरिषद में जगह दी. इन महिलाओं के आने से अब पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में कुल महिला मंत्रियों की संख्या 11 हो गई है. इस आर्टिकल में इन नई महिला मंत्रियों और उनकी नियुक्ति के बारे में थोड़ा करीब से जानने की कोशिश करेंगे.

अनुप्रिया पटेल

जिन नए चेहरों को मोदी के मंत्रिपरिषद में जगह दी गई, उनमें अनुप्रिया पटेल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. अनुप्रिया पटेल, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं. हालांकि, दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था. लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आते ही उन्हें फिर से मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है.

अनुप्रिया पटेल, अपना दल (सोनेलाल) की नेता हैं. यह पार्टी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी है. पटेल ने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमन और छत्रपति शाहू जी महाराज यूनीवर्सिटी से स्कूल के बाद की पढ़ाई पूरी की है. उनके पास मनोविज्ञान में मास्टर्स डिग्री के साथ-साथ MBA की भी डिग्री है. इस समय अनुप्रिया उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सीट से सांसद हैं. सांसद बनने से पहले उन्होंने साल 2012 में वाराणसी ज़िले में आने वाली रोहनिया सीट से विधानसभा चुनाव जीता था.

पद और गोपनीयता की शपथ लेतीं अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल. (फोटो: PTI)
पद और गोपनीयता की शपथ लेतीं अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल. (फोटो: PTI)

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अनुप्रिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री की भूमिका निभाई थी. इस बार उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री का पोर्टफोलियो मिला है. पटेल कुर्मी बिरादरी से आती हैं और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उन्हें इसी बिरादरी के वोट साधने के लिए मंत्री बनाया गया है.

अनुप्रिया पटेल के पिता सोनेलाल ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम से अलग होकर अपना दल पार्टी बनाई थी. सोनेलाल के निधन के बाद पार्टी की कमान संभालने के लिए अनुप्रिया और उनकी मां कृष्णा पटेल के बीच काफी विवाद हुआ था. आखिर में कृष्णा पटेल अपना गुट लेकर अलग हो गई थीं.

मीनाक्षी लेखी

मोदी मंत्रिपरिषद में नई दिल्ली सीट से सांसद मीनाक्षी लेखी को भी जगह दी गई है. कहा जा रहा है कि एक तरफ जहां दिल्ली के कोटे से डॉ. हर्षवर्धन की छुट्टी हुई, वहीं दूसरी तरफ मीनाक्षी की एंट्री से उस कोटे को तुरंत भर दिया गया. मीनाक्षी लेखी ने बीते बरसों में मोदी सरकार के लिए बहुत ही आक्रामक ढंग से बैटिंग की है. उन्होंने संघ और बीजेपी के एजेंडे को भी तेज़ी से आगे बढ़ाया है. कहा जा रहा है कि उन्हें इसी का इनाम मिला है क्योंकि दिल्ली कोटे से मंत्रिपरिषद में शामिल होने की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे और पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा भी थे.

मीनाक्षी लेखी ने बीते कुछ सालों में अपनी पार्टी के लिए आक्रामक बैटिंग की है. (फोटो: ANI)
मीनाक्षी लेखी ने बीते कुछ बरसों में अपनी पार्टी के लिए आक्रामक बैटिंग की है. (फोटो: ANI)

मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई की है. साल 2010 में बीजेपी में आने से पहले वो स्वदेशी जागरण मंच से जुड़ी थीं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा है. लेखी ने 2014 में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. साल 2019 में वे फिर से इसी सीट से चुनी गईं. बताया जाता है कि पार्टी में उनका कद तब ऊंचा हुआ, जब उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को पीएम मोदी से माफी मांगने के लिए कहा था. ये याचिका राहुल गांधी के ‘चौकीदार ही चोर है’ वाले नारे के संबंध में डाली गई थी.

साल 2019 में लेखी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में लोक सभा में जोरदार भाषण दिया. जिसकी काफी चर्चा हुई. इस बार के बजट सत्र के दौरान भी लेखी ने सरकार की कॉरपोरेट सेक्टर की आर्थिक नीतियों का बढ़-चढ़कर बचाव किया और कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

मीनाक्षी लेखी ने विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है.

शोभा करंदलाजे

शोभा करंदलाजे कर्नाटक बीजेपी की दिग्गज नेता हैं. बहुत ही कम उम्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गई थीं. साल 2004 में बीजेपी ने उन्हें MLC बनाया था. 2008 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव हुए तो करंदलाजे यशवंतपुर सीट से विधायक चुनी गईं. उन्हें पंचायती राज्य मंत्रालय सौंपा गया. साल 2012 में वे बीजेपी से अलग हो गईं और कर्नाटक जनता पार्टी में शामिल हो गईं. बाद में इस पार्टी का बीजेपी में विलय हो गया तो करंदलाजे फिर से बीजेपी की हो गईं. कर्नाटक जनता पार्टी राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बीजेपी से अलग होकर बनाई थी.

समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट करंदलाजे ने 2014 में उडूपी-चिकमंगलूरम लोक सभा सीट से चुनाव लड़ा और सांसद चुनी गईं. साल 2019 में वे फिर से इस सीट से सांसद चुनी गईं. करंदलाजे, येदियुरप्पा की करीबी मानी जाती हैं और ये माना जा रहा है कि येदियुरप्पा के खिलाफ कर्नाटक बीजेपी का एक धड़ा जिस तरह से विरोध में उतर आया है, मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनने के बाद करंदलाजे इन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगी.

करंदलाजे विवादों से भी घिरी रही हैं. खासकर उनके सांप्रदायिक बयानों और ट्वीट्स को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई है. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह मिलने के बाद उन्होंने इस तरह के ट्वीट्स हटाए भी हैं. वे गाहे-बगाहे एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाती आई हैं. उनके ऊपर इस संबंध में FIR भी दर्ज हैं. पड़ोसी राज्य केरल को लेकर भी उन्होंने कई विवादित बयान दिए हैं. वो केरल को आतंकवादी पैदा करने वाली धरती भी बता चुकी हैं. उन्हें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार दिया गया है.

अन्नपूर्णा देवी

अन्नपूर्णा देवी पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल में थीं. सिर्फ पार्टी में ही नहीं थीं, बल्कि झारखंड की प्रमुख थीं. लेकिन फिर वे RJD से BJP में आ गईं. बीजेपी की टिकट पर उन्होंने कोडरमा सीट से चुनाव लड़ा. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और यूपीए के उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी को लगभग साढ़े चार लाख वोट के भारी-भरकम अंतर से हराया. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह दिए जाने से पहले अन्नपूर्णा देवी झारखंड बीजेपी की उपाध्यक्ष थीं. उनके पास रांची यूनीवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है. अपने पति राजेश यादव के निधन के बाद अन्नपूर्णा देवी ने राजनीति में कदम रखा. राजेश यादव आरजेडी से विधायक थे. 1998 में अन्नपूर्णा देवी ने उपचुनाव जीता और अविभाजित बिहार की RJD सरकार में मंत्री बनीं. उसके बाद वो लगातार चुनाव जीतती रहीं. हालांकि, साल 2014 के विधानसभा चुनाव में हार गईं. साल 2019 के विधानसभा चुनाव में रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी की हार के बाद देवी राज्य में एक बड़ा OBC चेहरा बनकर उभरी थीं.

पीएम मोदी के साथ अन्नपूर्णा देवी. (फोटो: PTI)
पीएम मोदी के साथ अन्नपूर्णा देवी. (फोटो: PTI)

अन्नपूर्णा देवी का जन्म दुमका के एक बंगाली भाषी परिवार में हुआ. ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि वे न केवल झारखंड से सटे बिहार के इलाकों में ओबीसी वोट, बल्कि बंगाल से सटे संथाली इलाकों में भी प्रभाव डाल सकती हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दुमका में भी चुनाव प्रचार किया था. बताया जाता है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिग्गज नेता शिबू सोरेन को हराने में उनके प्रचार ने काफी असर डाला. उन्हें शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

प्रतिमा भौमिक

प्रतिमा भौमिक त्रिपुरा की पहली स्थाई निवासी हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बनाया गया है. साल 1991 से ही वे बीजेपी से एक एक्टिविस्ट और नेता के तौर पर जुड़ी रही हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें पश्चिमी त्रिपुरा सीट से सांसद चुना गया. प्रतिमा भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्ध कार्यकर्ता और नेता रही हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और लंबे समय तक राज्य में सत्ता में रही पार्टी सीपीएम के नेता मणिक सरकार के खिलाफ दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं. हालांकि, दोनों ही बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा.

पद और गोपनीयता की शपथ लेतीं प्रतिमा भौमिक. (फोटो: PTI)
पद और गोपनीयता की शपथ लेतीं प्रतिमा भौमिक. (फोटो: PTI)

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रतिमा के पास साइंस में ग्रेजुएट डिग्री है. उन्होंने सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण मंत्रालय में राज्य मंत्री की शपथ ली है.

दर्शना जरदोश

दर्शना जरदोश गुजरात की सूरत लोकसभा सीट से सांसद हैं. लोकसभा के सांसद के तौर पर वे इस बार अपना तीसरा कार्यकाल संभाल रही हैं. उनके नाम एक महिला उम्मीदवार के तौर पर इंदिरा गांधी के बाद सबसे अधिक वोट अंतर से लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है.


बीकॉम ग्रेजुएट दर्शना जरदोश पिछले चार दशक से राजनीति में हैं. वो गुजरात सोशल वेलफेयर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं. उन्हें मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का करीबी भी माना जाता है. दर्शना ने वार्ड स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी. वे सूरत नगर निगम में पार्षद भी रही हैं. अब उन्हें कपड़ा मंत्रालय और रेल मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है.

डॉक्टर भारती पवार

डॉक्टर भारती पवार महाराष्ट्र की डिंडोरी लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुनी गई हैं. इससे पहले वो नासिक ज़िला परिषद की सदस्य रह चुकी हैं. राजनीति में आने से पहले वे मेडिकल प्रैक्टिशनर रही हैं. उनके पास MBBS की डिग्री है.

डॉक्टर भारती पवार आठ बार के विधायक एटी पवार की दूसरी बहू हैं. एटी पवार पहले एनसीपी में थे. बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे. मंत्रिपरिषद में जगह के लिए भारती पवार के साथ रेस में प्रीतम मुंडे भी थीं. भारती पवार कुपोषण के क्षेत्र में काम करती रही हैं. लोकसभा का सदस्य बनने के बाद वे अलग-अलग संसदीय समितियों का हिस्सा भी रही हैं. उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है.

इन सात नई महिला मंत्रियों के अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में चार पुरानी महिला मंत्री बनी हुई हैं. इनमें से निर्मला सीतारमण के पास केंद्रीय वित्त मंत्रालय और स्मृति ईरान के पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी है. दोनों कैबिनेट मंत्री हैं. वहीं साध्वी निरंजन ज्योति उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बनी हुई हैं. वहीं रेणुका सिंह का आदिवासी मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद बना हुआ है. दूसरी तरफ स्मृति ईरानी से कपड़ा मंत्रालय का पदभार ले लिया गया है.


वीडियो- पीएम मोदी ने कैबिनेट विस्तार में 12 मंत्रियों को क्यों हटाया?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

मुसलमान औरतों  पर अश्लील चर्चा कर उनकी बोलियां लगाने वालों के बुरे दिन शुरू

मुसलमान औरतों पर अश्लील चर्चा कर उनकी बोलियां लगाने वालों के बुरे दिन शुरू

'सुल्ली डील्स' मामले में दर्ज हुई FIR. आरोपियों को ट्रेस करने में जुटी पुलिस.

9 साल की बच्ची के रेप मामले में BJP नेता के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट फाइल कर दी है

9 साल की बच्ची के रेप मामले में BJP नेता के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट फाइल कर दी है

मार्च, 2020 में हुई थी घटना. पहले नेता को बचाने के लिए POCSO की धाराएं हटा दी गई थीं.

UP में बदले के नाम पर मां-बाप के सामने 16 साल की बच्ची से गैंगरेप का आरोप

UP में बदले के नाम पर मां-बाप के सामने 16 साल की बच्ची से गैंगरेप का आरोप

आरोप है कि बदला लेने के लिए आरोपियों ने ये हरकत की.

खुद को आर्मी अफसर बताकर 57 लड़कियों को लूटा, अब धराया तो 50 लाख का खुलासा हुआ

खुद को आर्मी अफसर बताकर 57 लड़कियों को लूटा, अब धराया तो 50 लाख का खुलासा हुआ

चार लड़कियों से फर्जी शादी का भी आरोप.

MP: एक दिन में तीन बच्चियों के रेप के मामले आए सामने, एक की मौत, दूसरी की हालत नाजुक

MP: एक दिन में तीन बच्चियों के रेप के मामले आए सामने, एक की मौत, दूसरी की हालत नाजुक

हाई कोर्ट ने पूछा- आखिर रेप दोषियों को पैरोल पर क्यों छोड़ रही सरकार?

अस्पताल में भर्ती एयर होस्टेस की आइसक्रीम खाने से मौत, इंसाफ मांग रहे भतीजे की भी जान गई

अस्पताल में भर्ती एयर होस्टेस की आइसक्रीम खाने से मौत, इंसाफ मांग रहे भतीजे की भी जान गई

दोनों के लिए न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग.

विकलांग औरतों को क्यों है यौन शोषण और रेप का ज्यादा खतरा?

विकलांग औरतों को क्यों है यौन शोषण और रेप का ज्यादा खतरा?

जब पुलिस वालों ने डिसेबल औरत से कहा- "मैं तुम्हारी बात क्यों सुनूं?"

मध्य प्रदेश: बर्बर भीड़ ने दो युवतियों को बेरहमी से पीटा, डंडा टूट गया पर पीटना बंद नहीं किया

मध्य प्रदेश: बर्बर भीड़ ने दो युवतियों को बेरहमी से पीटा, डंडा टूट गया पर पीटना बंद नहीं किया

धार पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

बिना बताए ससुराल से मामा के घर चली गई युवती, पिता और भाइयों ने पेड़ से लटकाकर पीटा

बिना बताए ससुराल से मामा के घर चली गई युवती, पिता और भाइयों ने पेड़ से लटकाकर पीटा

घटना का वीडियो वायरल.

शादी के नाम पर लड़कियों की अदला-बदली करने वाली ये घटिया प्रथा कब खत्म होगी?

शादी के नाम पर लड़कियों की अदला-बदली करने वाली ये घटिया प्रथा कब खत्म होगी?

इसी घटिया प्रथा के चलते एक लड़की ने अपनी जान ले ली.