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लड़की का रेप हुआ, घरवालों ने इंसाफ नहीं दिलाया तो आरोपियों का नाम हाथ में लिखकर आत्महत्या कर ली

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मामा- बलात्कारी
मामी-सहयोगी
चाची-सहयोगी
बाबा-सहयोगी

ये लाइनें लिखी थीं एक लड़की के हाथ पर, जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. लड़की के साथ दो बार रेप हुआ, रिश्तेदारों ने किया और घरवालों ने छुपाया. चार साल तक इंसाफ का इंतजार करती रही और जब कामयाबी हाथ नहीं लगी, तो फांसी लगाकर जान दे दी. शायद ये सोचकर की जान दे देगी तो पुलिस आएगी और बलात्कारियों को गिरफ्तार करेगी. अब पुलिस आई है. बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच कर रही है.

ये मामला है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का. इंडियो टुडे से जुड़े पत्रकार संदीप ने बताया कि 2015 में लड़की के साथ रेप हुआ था. लड़की ने रेप का आरोप अपने मामा पर लगाया था, थाने में तहरीर भी दी थी. उस वक्त घरवालों ने साथ दिया था, लेकिन जब बयान दर्ज करने की बारी आई, तो सब पलट गए. रिश्तेदारों ने भी दबाव बनाया और मामला रफा-दफा हो गया. लड़की अपने घरवालों से लड़ती रही, उनसे इंसाफ की गुहार लगाती रही, बयान दर्ज करवाने के लिए थाने जाने की बात कहती रही, लेकिन घरवालों ने ऐसा होने नहीं दिया.

इंसाफ नहीं मिला, तो आरोपियों का नाम हाथ में लिखकर सुसाइड कर लिया.
इंसाफ नहीं मिला, तो आरोपियों का नाम हाथ में लिखकर सुसाइड कर लिया.

लड़की के भाई ने बताया-

बहन को इंसाफ नहीं मिला. वह कहती भी थी कि मम्मी-पापा से कि आप लोगों का रिश्ता तो पक्का हो गया. पर मुझे इंसाफ कब मिलेगा. फिर इसी साल यानी 2019 के अप्रैल-मई महीने में उसका एक आदमी ने रेप किया. वह गांव का ही था, तो कोई कार्रवाई न हो, थाने में शिकायत न हो, उसके लिए गांववालों ने दबाव बनाया. वो मामला भी दब गया. शायद इसी के चलते उसने ये कदम उठाया.

लड़की के पापा ने बताया-

बेटी तनाव में थी. जो तहरीर दी थी, उसकी कार्रवाई कब होगी, पूछती रहती थी. केस दर्ज नहीं हुआ था. कहती थी कि अत्याचार मेरे साथ हुआ और फैसला आपने कर लिया. अब हम चाहते हैं कि जिन-जिन के नाम लड़की ने लिखा है,  उन दोषियों को सजा मिले. हालांकि पड़ोस की महिलाओं ने साबुन और सर्फ से हाथ पर लिखा नाम मिटाने की कोशिश की, पर पूरी तरह से मिट नहीं पाए.

लड़की के भाई और पाप दोनों ही अब दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं,
लड़की के भाई और पापा दोनों ही अब दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अगर उन्होंने ये हिम्मत पहले ही दिखाई होती तो 21 साल की वो लड़की आज ज़िंदा होती.

इस मामले में पुलिस ने बताया-

लड़की 21 साल की थी.उसने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की है. अभी तक जो सामने आया है, वो तो आत्महत्या का मामला लग रहा है. उसने जो हाथ में नाम लिखे हैं और जो रेप की बात है, उन सबकी जांच की जाएगी.

पुलिस है, अपना काम करेगी. लेकिन इस लड़की के साथ जो हुआ, उसमें लड़की के बाप को जो करना चाहिए था, नहीं किया. लड़की की मां को जो करना चाहिए था, वो नहीं किया क्योंकि बलात्कार करने वाला सगा भाई था. गांव के लोगों को जो करना चाहिए था, वो नहीं किया, क्योंकि बलात्कारी उनमें से ही कोई एक था. लड़की ने चार नाम लिखे हैं, शायद कोर्ट उन्हें सजा दे भी दे. लेकिन इनको कौन सजा देगा. उस लड़की के बाप को, उस लड़की की मां को, उस लड़की के गांववालों को, जिनकी वजह से लड़की खुदकुशी पर मज़बूर हो गई. अब सब कह रहे हैं कि दोषियों को सजा होनी चाहिए. यही बात कुछ दिनों पहले कही होती, अपनी बेटी के फैसले के साथ खड़े हुए होते, तो लड़की ज़िंदा भी होती और दोषी सलाखों के पीछे रहते.


वीडियो देखें : बिहार में लड़की का चार लोगों ने चलती गाड़ी में रेप किया धमकी भी दी

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