Submit your post

Follow Us

भवानीपुर उपचुनाव: जब BJP के दिग्गज पीछे हट गए, तब ममता को टक्कर देने आईं प्रियंका टिबरेवाल

भवानीपुर उपचुनाव (Bhawanipur Bypoll) के लिए बीजेपी ने प्रियंका टिबरेवाल (Priyanka Tibrewal) को अपना उम्मीदवार बनाया है. टिबरेवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का सामना करेंगी. भवानीपुर ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट है. हालांकि, इस बार के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट की जगह नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला लिया था. जहां उन्हें उनके ही सिपहसालार रहे सुभेंदु अधिकारी ने बेहद ही नजदीकी मुकाबले में हरा दिया था.

कौन हैं प्रियंका टिबरेवाल?

बात करें प्रियंका टिबरेवाल की तो वो पेशे से वकील हैं. कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने याचिका दायर की थी. 41 साल की प्रियंका टिबरेवाल बीजेपी यूथ विंग में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभालती हैं.

दिल्ली विश्वविद्यालय से इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद प्रियंका टिबरेवाल ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई की. प्रियंका के पास थाईलैंड की एजम्पशन यूनीवर्सिटी से एमबीए की भी डिग्री है. हालांकि, उन्होंने वकालत और राजनीति में अपना करियर बनाना ज्यादा मुनासिब समझा.

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले में राज्य सरकार के घेरने के अलावा टिबरेवाल रानीगंज दंगा और पुरलिया हत्या मामलों में भी एक वकील के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं. प्रियंका टिबरेवाल की याचिका पर ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी नेता अभिजीत सरकार का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया था वहीं अगर उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो उन्हें बीजेपी में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है. पार्टी के लिए उन्होंने एक प्रवक्ता के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाई है और न्यूज डिबेट्स में पार्टी का पक्ष रखा है.

Priyanka Tibrewal
Priyanka Tibrewal को पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एंटली सीट से टिकट दी थी. जहां से वे हार गई थीं. (फोटो: इंडिया टुडे)

प्रियंका टिबरेवाल साल 2014 में बीजेपी में शामिल हुई थीं. उस समय वो बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार हुआ करती थीं. सुप्रियो ही टिबरेवाल को बीजेपी में लेकर आए थे. इस साल हुए विधानसभा चुनाव में टिबरेवाल को एंटली सीट से टिकल मिली थी. यहां उन्हें टीएमसी नेता स्वर्णा कमल ने भारी भरकम 58,257 वोटों से हराया था.

प्रियंका टिबरेवाल ने कल यानी 9 सितंबर को आजतक से बात की थी. उन्होंने कहा था कि वो पिछले 8-9 साल से लोगों को न्याय दिलाने का काम कर रही हैं. टिबरेवाल ने आगे कहा  कि चुनाव में हार-जीत कोई बड़ी बात नहीं है और वो मुख्यमंत्री को पहले ही हाई कोर्ट में मात दे चुकी हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव के बाद राज्य में कोई हिंसा ना होने की बात कही थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी बात को गलत माना.

जब कोई सामने नहीं आया

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भवानीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने छह उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था. इनमें प्रियंका टिबरेवाल के साथ-साथ तथागत रॉय और रुद्रमिल घोष का भी नाम शामिल था. हालांकि, बीजेपी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष के मुताबिक कई नेताओं ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया और ऐसे में प्रियंका टिबरेबाल ने ममता के खिलाफ चुनाव लड़ने की हामी भरी. बीजेपी को उम्मीद है कि प्रियंका टिबरेवाल अच्छा प्रदर्शन करेंगी.

प्रियंका टिबरेवाल भी पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हुई हैं. भवानीपुर में जन्मी होने की बात कहने वालीं प्रियंका टिबरेवाल कहती हैं कि यहां के लोग उनके ऊपर भरोसा करते हैं. इंडिया टुडे के साथ जुड़ी प्रेमा राजाराम से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला तो लोगों की लेना होगा कि आखिर उन्हें किसका साथ देना है. राज्य में हिंसा फैलाने वाली ममता बनर्जी का या फिर उस हिंसा के खिलाफ मोर्चा खोलने और लोगों को न्याय दिलाने वाली प्रियंका टिबरेवाल का.

प्रियंका टिबरेवाल ममता बनर्जी को देश विरोधी काम करने वाला भी बता चुकी है. हाल ही में रोम स्थित एक संस्थान ने ममता बनर्जी पर पीस टॉक पर आयोजित एक कार्यक्रम में बुलाया था. इसे लेकर प्रियंका टिबरेवाल ने कहा था कि संस्थान को पीएम मोदी को बुलाना चाहिए था ना कि देश विरोधी काम करने वालीं ममता बनर्जी को.

बीजेपी लगा रही पूरी ताकत

बीजेपी ने प्रियंका टिबरेवाल को बहुत सोच समझकर भवानीपुर सीट से उतारा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा बीजेपी के लिए एक बड़ा मुद्दा रहा है. पार्टी इस मुद्दे के सहारे ममता बनर्जी को घेरती रही है. प्रियंका टिबरेवाल ने क्योंकि इस मामले के संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका डाली, ऐसे में बीजेपी उन्हें ममता के खिलाफ पोस्टर गर्ल की तरह से प्रजेंट करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी को उम्मीद है कि टिबरेवाल को टिकट देने से उसका कैडर संगठित होगा, जो पश्चिम बंगाल में हार और फिर हिंसा के बाद से मायूस सा हो गया है. बीजेपी के कई नेता भी वापस से टीएमसी में चले गए हैं.

भवानीपुर उपचुनाव को हाई वोल्टेज मुकाबला बनाने के लिए बीजेपी कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती है. पार्टी ने बैरकपुर सांसद अर्जुन सिंह को भवानीपुर का ऑब्जर्वर बनाया है. वहीं सांसद सौमित्र खान और ज्योतिर्मय सिंह को को-ऑब्जर्वर बनाया गया है. इस सीट के हर वार्ड के लिए बीजेपी ने एक-एक विधायक को जिम्मेदारी सौंपी है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बने रहने के लिए भवानीपुर सीट को जीतना Mamata Banerjee के लिए बहुत जरूरी है. (फोटो: PTI)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बने रहने के लिए भवानीपुर सीट को जीतना Mamata Banerjee के लिए बहुत जरूरी है. (फोटो: PTI)

दूसरी तरफ, भवानीपुर उपचुनाव ममता बनर्जी के लिए भी बहुत जरूरी है. मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें पांच नवंबर तक विधानसभा का हिस्सा बनना है. ममता बनर्जी के पास एक विकल्प विधान परिषद का हिस्सा भी बनना हो सकता था, लेकिन पश्चिम बंगाल में विधान परिषद नहीं है. विधान परिषद के गठन का प्रस्ताव राज्य की विधानसभा में पारित हो चुका है. लेकिन इसको अंतिम मंजूरी देश की संसद से ही मिलनी है. ऐसे में टीएमसी के सत्ता में रहते हुए विधान परिषद का गठन लगभग असंभव है.

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए रिजल्ट को चुनौती भी दी है. इस संबंध में उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका डाली हुई है. इस याचिका पर 15 नवंबर को सुनवाई होगी. ऐसे में टीएमसी के विधायक सोवन्देब चट्टोपाध्याय ने खुद ही भवानीपुर सीट खाली कर दी, ताकि ममता बनर्जी यहां से चुनाव जीत जाएं.

कांग्रेस नहीं उतारेगी उम्मीदवार

कांग्रेस पार्टी इस सीट पर उपचुनाव के लिए अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. हालांकि, पहले पार्टी ने उम्मीदवार उतारने का वादा किया था. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने 8 सितंबर को कहा था कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देश के अनुसार भवानीपुर सीट के उपचुनाव के लिए पार्टी कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. वहीं, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाले लेफ्ट फ्रंट ने ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है. लेफ्ट फ्रंट ने सीपीएम नेता श्रीजीब विश्वास को उम्मीदवार बनाया है.

भवानीपुर सीट पर उपचुनाव के तहत 30 सितंबर को मतदान होगा. इसी दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा की दो और सीटों जंगीपुर और समसेरगंज पर भी उपचुनाव होगा. पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान इन दोनों सीटों पर मतदान को स्थगित कर दिया गया था क्योंकि मतदान से पहले ही इन सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे प्रत्याशियों की कोविड से मृत्यु हो गई थी. पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा की पिपली में भी उपचुनाव होगा. वोटों की गिनती 3 अक्टूबर को होगी.

वीडियो- UPSC के एक पेपर में पूछे गए सवालों पर ममता बनर्जी BJP पर क्यों भड़क गईं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

NCP कार्यकर्ता ने महिला सरपंच को पीटा, वीडियो वायरल

NCP कार्यकर्ता ने महिला सरपंच को पीटा, वीडियो वायरल

मामला महाराष्ट्र के पुणे का है. पीड़िता ने कहा – नहीं मिला न्याय.

सिविल डिफेंस वालंटियर मर्डर केस: परिवार ने की SIT जांच की मांग, हैशटैग चला लोग मांग रहे इंसाफ

सिविल डिफेंस वालंटियर मर्डर केस: परिवार ने की SIT जांच की मांग, हैशटैग चला लोग मांग रहे इंसाफ

पीड़ित परिवार का आरोप- गैंगरेप के बाद हुआ कत्ल.

उत्तर प्रदेश: रेप नहीं कर पाया तो महिला का कान चबा डाला, पत्थर से कुचला!

उत्तर प्रदेश: रेप नहीं कर पाया तो महिला का कान चबा डाला, पत्थर से कुचला!

एक साल से महिला को परेशान कर रहा था आरोपी.

मुझे जेल में रखकर, उदास देखने में पुलिस को खुशी मिलती है: इशरत जहां

मुझे जेल में रखकर, उदास देखने में पुलिस को खुशी मिलती है: इशरत जहां

दिल्ली दंगा मामले में इशरत जहां की जमानत में अब पुलिस ने कौन सा पेच फंसा दिया है?

किशोर लड़कियों से उनकी अश्लील तस्वीरें मंगवाने के लिए किस हद चला गया ये आदमी!

किशोर लड़कियों से उनकी अश्लील तस्वीरें मंगवाने के लिए किस हद चला गया ये आदमी!

खुद को जीनियस समझ तरीका तो निकाल लिया लेकिन एक गलती कर बैठा.

कॉन्डम के सहारे खुद को बेगुनाह बता रहा था रेप का आरोपी, कोर्ट ने तगड़ी बात कह दी

कॉन्डम के सहारे खुद को बेगुनाह बता रहा था रेप का आरोपी, कोर्ट ने तगड़ी बात कह दी

कोर्ट की ये बात हर किसी को सोचने पर मजबूर करती है.

रेखा शर्मा को 'गोबर खाकर पैदा हुई' कहा था, अब इतनी FIR हुईं कि अक्ल ठिकाने आ जाएगी

रेखा शर्मा को 'गोबर खाकर पैदा हुई' कहा था, अब इतनी FIR हुईं कि अक्ल ठिकाने आ जाएगी

यति नरसिंहानंद को आपत्तिजनक टिप्पणियां करना महंगा पड़ा.

अवैध गुटखा बेचने वाले की दुकान पर छापा पड़ा तो ऐसा राज़ खुला कि पुलिस भी परेशान हो गई

अवैध गुटखा बेचने वाले की दुकान पर छापा पड़ा तो ऐसा राज़ खुला कि पुलिस भी परेशान हो गई

इतने घटिया अपराध के सामने तो अवैध गुटखा बेचना कुछ भी नहीं.

अपनी ड्यूटी कर रही महिला अधिकारी की सब्जी बेचने वाले ने उंगलियां काट दीं

अपनी ड्यूटी कर रही महिला अधिकारी की सब्जी बेचने वाले ने उंगलियां काट दीं

इसके बाद सब्जी वाले ने जो कहा वो भी सुनिए.

पीट-पीटकर अपने डेढ़ साल के बच्चे को लहूलुहान कर देने वाली मां की असलियत

पीट-पीटकर अपने डेढ़ साल के बच्चे को लहूलुहान कर देने वाली मां की असलियत

ये वायरल वीडियो आप तक भी पहुंचा होगा.