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बोल-सुन नहीं सकतीं, लेकिन लॉकडाउन में लोगों की मदद कर रही हैं ये महिला

लॉकडाउन हुआ, तो कई लोगों को खाने-पीने की भी दिक्कत होनी शुरू हुई. ऐसे में सरकार के साथ-साथ आम लोगों ने भी ज़िम्मेदारी उठानी शुरू की, कि जितना हमसे बन पड़ेगा, हम मदद करेंगे. ऐसे ही लोगों में शामिल हैं नसीमा बेगम. उन्होंने अपने पति से कहा, कि वो भी लोगों के लिए कुछ करना चाहती हैं. तो उनके पति ने साथ मिलकर खाने -पीने की चीज़ें बांटनी शुरू कीं. अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनके लिए तारीफ़ भरी चिट्ठी भेजी है.

नसीमा मूक-बधिर हैं. यानी बोल-सुन नहीं सकतीं. इस बात को वो अपने काम में आड़े नहीं आने दे रहीं. और लोगों की मदद में जुटी हुई हैं. इसमें उनके पति इरशाद उल्ला उनकी मदद कर रहे हैं.

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लोगों को खाने का सामान बांटतीं नसीमा बेगम. (तस्वीर: पंकज श्रीवास्तव/आज तक)

आज तक से जुड़े पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि नसीमा प्रयागराज के बहादुरगंज मोहल्ले में रहती हैं. उनको भेजी चिट्ठी में प्रियंका गांधी ने लिखा:

बोल और सुन न सकने के बावजूद आपके इस आपदा के वक़्त जिस तरह से असहायों और जरूरतमंदों की सेवा में अपने-आप को समर्पित किया है उससे हमें आप पर नाज़ है. आपने साबित किया है कि शारीरिक अपंगता भी इंसानियत की सेवा के जज्बे में बाधा नहीं डाल सकता.इंसानियत की यही सेवा सच्ची देशभक्ति है.आपके इस सेवाभाव से देश के करोड़ों लोगों को प्रेरणा मिलेगी. आपके सेवा भाव को सलाम.

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प्रियंका गांधी ने नसीमा को जो चिट्ठी भेजी, उसकी तस्वीर. (तस्वीर: पंकज श्रीवास्तव/आज तक)

प्रियंका की ये चिट्ठी नसीमा तक कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष नफीस अनवर ने पहुंचाई.


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