Submit your post

Follow Us

किस तरह प्रिया रमानी के एक ट्वीट ने लिख दी केंद्रीय राज्यमंत्री रहे एमजे अकबर के पतन की कहानी

प्रिया रमानी. पत्रकार हैं. उन्होंने 2018 में तत्कालीन राज्यमंत्री एमजे अकबर के ऊपर यौन शोषण के आरोप लगाए थे, जिसके बाद अकबर ने उनके खिलाफ मानहानि का केस कर दिया था. 17 फरवरी को दिल्ली की रूज़ एवेन्यू अदालत ने मानहानि केस में प्रिया को बरी कर दिया. करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार पांडे ने 1 फरवरी को फैसला सुरक्षित कर लिया था.

कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रिया रमानी के द्वारा किया गया खुलासा दफ्तरों में औरतों के साथ होने वाले यौन शोषण को बाहर लाने में मददगार था. कोर्ट ने स्वीकार किया कि दफ्तरों और काम करने की जगहों में औरतों का व्यवस्थित तरीके से यौन शोषण होता है.

कोर्ट ने ये भी माना कि उस वक़्त यानी साल 1993-1994 में औरतों को वर्कप्लेस में यौन शोषण से सुरक्षा देने वाली विशाखा गाइडलाइन्स भी मौजूद नहीं थीं. साथ ही इस तरह के आरोप लगाने वाली महिला को समाज के लांछन भी सहने पड़ते हैं, समाज को समझना चाहिए कि सेक्शुअल अब्यूज झेलने वाली महिलाओं पर इसका क्या असर होता है.

कोर्ट के फैसले के बाद Priya Ramani अपनी वकील के साथ काफी खुश दिखीं.
कोर्ट के फैसले के बाद Priya Ramani अपनी वकील के साथ काफी खुश दिखीं.

इसके अलावा कोर्ट ने ये भी माना कि समाज में अच्छी पहचान रखने वाला पुरुष भी सेक्शुअल अब्यूजर हो सकता है. और एक पुरुष की रेप्यूटेशन बचाने के लिए एक महिला के आत्मसम्मान की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती. औरतों के सम्मान और बराबरी के बारे में बात करते हुए कोर्ट ने रामायण और महाभारत से उदाहरण भी दिए. जिसके बाद प्रिया रमानी को बरी कर दिया.

इस फैसले के बाद प्रिया रमानी मुस्कुराती हुई दिखीं. उन्होंने कहा-

“मुझे बेहद अच्छा महसूस हो रहा है. सचमुच. मुझे ऐसा लग रहा है जैसे न सिर्फ मैं बल्कि हर वो महिला सही साबित हुई है जिसने कभी भी यौन शोषण के खिलाफ खुलकर बोला है. भले ही यहां मैं पीड़ित पार्टी थी, लेकिन यौन शोषण के मसले को वो ध्यान, वो आकर्षण मिला जो वो डिजर्व करता है. मैं गज़ाला वहाब और नीलोफ़र वेंकटरमण को शुक्रिया कहती हूं जिन्होंने मेरे लिए गवाही दी. मैं कोर्ट का इस फैसले के लिए शुक्रिया अदा करती हूं.”

Priya Ramani का पूरा मामला क्या है?

2017 की बात है. हॉलीवुड के फेमस प्रोड्यूसर हार्वी वाइनस्टीन के ऊपर कई लड़कियों और औरतों ने यौन शोषण के आरोप लगाए. इनमें कई नामी एक्ट्रेस भी शामिल थीं. यहीं से शुरू हुआ मीटू मूवमेंट. अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों की औरतें सामने आईं और अपने साथ हुए यौन शोषण पर खुलकर अपनी बात रखी.

इसी दौरान इंडियन जर्नलिस्ट प्रिया रमानी ने भी इस मसले पर एक आर्टिकल लिखा. वोग मैगज़ीन के लिए. टाइटल था- “To the Harvey Weinsteins of the world’, यानी ‘दुनिया के सभी हार्वी वाइनस्टीन्स के लिए’. 12 अक्टूबर, 2017 को ये आर्टिकल पब्लिश हुआ. इसमें रमानी ने अपने करियर के पहले पुरुष बॉस के साथ हुई फर्स्ट मीटिंग का ज़िक्र किया. ये मुलाकात एक जॉब इंटरव्यू मीटिंग थी, यहां प्रिया ने अपने बॉस का नाम लिए बिना लिखा-

“डियर मेल बॉस, आपने मुझे वर्कप्लेस का पहला सबक सिखाया. मैं तब 23 साल की थी और आप 43 साल के. मैं आपके स्मार्ट ओपिनियन पढ़ते हुए बड़ी हुई और मैंने आपकी तरह विद्वान बनने का सपना देखा था. आप मेरे प्रोफेशनल हीरोज़ में से एक थे. हर कोई कहता था कि आपने भारतीय पत्रकारिता को बदल दिया है और मैं भी आपकी टीम का हिस्सा बनना चाहती थी. इसलिए हमने एक समय सेट किया, ताकि आप साउथ मुंबई के एक होटल में, जहां आप अक्सर ठहरते थे, वहां मेरा इंटरव्यू कर सकें. शाम सात बजे मुझे बुलाया गया, लेकिन इस बात से मैं परेशान नहीं हुई. मैं जानती थी कि आप बिज़ी एडिटर हैं. जब मैं होटल की लॉबी में पहुंची, तब मैंने हाउस फोन से आपको कॉल किया. आपने कहा-‘ऊपर आ जाओ’. तब मैंने सोचा कि हो सकता है कि इस तरह से सेलिब्रिटी एडिटर्स नए लोगों का इंटरव्यू करते हों. उस वक्त मेरे पास ये कॉन्फिडेंस नहीं था कि मैं कहूं- ‘नहीं, मैं लॉबी में ही आपका इंतज़ार करूंगी, पर्वर्ट.” फिर समझ आया कि आप राइटर के तौर पर जितने टैलेंटेड हैं उतने ही टैलेंटेड पर्वर्ट भी हैं. वो इंटरव्यू कम और एक डेट ज्यादा लगी. आपने अपने मिनी बार से मुझे एक ड्रिंक ऑफर की, मैंने मना किया, फिर आपने वोडका पिया. हम दो लोगों के लिए बने एक छोटे टेबल पर बैठे. फिर मेरे संगीत की पसंद के बारे में पूछताछ करने के बाद आपने पुराने हिंदी गाने गाए. आपने सोचा कि आप इररेज़िस्टेबल हैं. फिर एक समय आपने मुझसे कहा कि यहां आकर बैठो, आप तब अपने पास बची एक छोटी सी जगह की तरफ इशारा कर रहे थे. एक तनावपूर्ण स्माइल के साथ मैंने जवाब दिया कि मैं ठीक हूं. उस रात मैं बच गई, आपने मुझे हायर कर लिया. मैंने फिर कई महीनों तक आपके लिए काम किया, हालांकि मैंने कसम खा ली थी कि फिर कभी भी मैं आपके साथ एक कमरे में अकेले नहीं रहूंगी.”

ये आर्टिकल आया, लोगों ने पढ़ा, लेकिन इस पर 2017 में भारत में कोई हंगामा नहीं हुआ, क्योंकि किसी का नाम इसमें नहीं लिखा था. फिर 2018 के आखिरी महीनों में, हमारे देश में भी मीटू मूवमेंट शुरू हुआ. लड़कियों ने अपने साथ लाइफ के किसी भी स्टेज पर हुए यौन शोषण के एक्सपीरियंस को सामने रखना शुरू किया. बड़े नामी लोगों पर संगीन आरोप लगे.

पत्रकार गजाला वहाब. उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि ना जाने एमजे अकबर का सच कब बाहर आएगा.
पत्रकार गजाला वहाब. उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि ना जाने एमजे अकबर का सच कब बाहर आएगा.

6 अक्टूबर, 2018 को पत्रकार गज़ाला वहाब ने एक ट्वीट किया. कहा- ‘जाने एमजे अकबर का सच कब सामने आएगा’. तब प्रिया रमानी सामने आईं और बताया कि 2017 में जिस बॉस की बात वो कर रही थीं, वो MJ अकबर थे. 1994 में जब वो एशियन एज अखबार में काम कर रही थीं, तब अकबर उस अखबार के एडिटर थे. रमानी ने वोग के अपने आर्टिकल को शेयर करते हुए ट्वीट किया-

“इसकी शुरुआत में बताया गया अनुभव एमजे अकबर के साथ का है. मैंने उनका नाम इसमें इसलिए नहीं लिया था क्योंकि उन्होंने कुछ नहीं ‘किया’ था. इस प्रिडेटर के बारे में कई औरतों के पास कई सारे बुरे अनुभव हैं. हो सकता है कि वो उन्हें शेयर करें.”

देखते ही देखते अकबर के खिलाफ बोलती हुई और महिलाएं दिखीं. धीरे-धीरे ये संख्या एक दर्जन से भी ज्यादा हो गई. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में काम कर चुकीं पत्रकार शुमा राहा ने रमानी के पोस्ट पर अपनी सहमति जताई थी. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को उन्होंने बताया था कि 1995 में जब वो एशियन एज में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गई थीं, तब अकबर ने उन्हें कोलकाता के ताज बंगाल में बुलाया था, इंटरव्यू के लिए कमरे में बुलाया था, जब वो कमरे में पहुंचीं तो उन्हें बेड पर बैठने के लिए कहा था, जो उन्हें असहज लगा था. उन्हें इंटरव्यू के बाद नौकरी मिल गई थी, लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया, इसकी वजह भी अकबर का बर्ताव था.

पत्रकार गज़ाला वहाब ने ‘द वायर’ से की गई बातचीत में बताया था कि एशियन एज में नौकरी के दौरान अकबर ने उनका भी यौन शोषण किया था. उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था, जिसकी वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. गज़ाला के अलावा पत्रकार सबा नकवी ने भी अकबर के ऊपर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. BBC की एक रिपोर्ट की मानें तो करीब 20 महिला पत्रकारों ने अकबर के खिलाफ ऐसे संगीन आरोप लगाए थे, मीटू मूवमेंट के दौरान.

आरोपों के वक़्त एमजे अकबर साउथ अफ्रीका में एक ऑफिशियल टूर पर थे. उन्होंने आधिकारिक बयान जारी कर कहा-

“रमानी ने जानबूझकर, अपनी मर्ज़ी से, बदनाम करने के इरादे से मुझपर झूठे, बेबुनियाद और सनसनीखेज़ आरोप लगाए हैं.”

जब ये आरोप लग रहे थे तब अकबर राज्यसभा सांसद और विदेश राज्य मंत्री भी थे. इतने आरोपों के बाद एमजे अकबर ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. 15 अक्टूबर 2018 के दिन उन्होंने प्रिया रमानी के खिलाफ क्रिमिनल डेफेमेशन केस यानी मानहानि का केस भी फाइल कर दिया. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिया रमानी के खिलाफ IPC की धारा 499 और 500 यानी डेफेमेशन और पनिशमेंट फॉर डेफेमेशन के तहत केस फाइल हुआ. इस केस पर रमानी ने भी तब अपना बयान जारी किया था. कहा था-

”मैं अपने ख़िलाफ़ मानहानि के आरोपों पर लड़ने के लिए तैयार हूं. सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव है.”

‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कोर्ट ने एमजे अकबर के गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए. 29 जनवरी 2019 के दिन कोर्ट ने रमानी को समन भेजा. 25 फरवरी 2019 को रमानी को ज़मानत दे दी गई. 10 अप्रैल 2019 के दिन प्रिया ने नॉट गिल्टी प्लीड किया. यानी खुद को निर्दोष बताया. 4 मई 2019 के दिन एमजे अकबर कोर्ट में पेश हुए, रमानी की वकील रेबेका जॉन ने क्रॉस एग्ज़ामिनेशन किया.

MJ Akbar के खिलाफ जब मीटू के तहत खुलासे हुए, तब वे विदेश राज्य मंत्री और राज्य सभा सांसद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
MJ Akbar के खिलाफ जब मीटू के तहत खुलासे हुए, तब वे विदेश राज्य मंत्री और राज्य सभा सांसद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

20 मई 2019 से 6 जुलाई 2019 तक ये क्रॉस एग्ज़ामिनेशन चला. 23 अगस्त 2019 में प्रिया ने कोर्ट में कहा कि उनके ट्वीट अपमानजनक नहीं हैं. 7 सितंबर 2019 में प्रिया ने पहले डिफेंस विटनेस के तौर पर गवाही दी. 9 सितंबर 2019 के दिन अपना बयान कॉन्क्लूड किया. एमजे अकबर की वकील गीता लूथरा ने प्रिया का क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन किया. 25 अक्टूबर 2019 में प्रिया की दूसरी विटनेस निलोफर वेंकटरमन कोर्ट में पेश हुईं, ये कौन हैं, आगे बताएंगे.

21 नवंबर 2019 के दिन प्रिया और निलोफर का गीता लूथरा ने क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन किया. दिसंबर 2019 में प्रिया की तीसरी विटनेस गज़ाला वहाब पेश हुईं. उनसे भी गीता लूथरा ने क्रॉस-क्वेश्चन किए. फरवरी 2020 में एमजे अकबर के वकील ने कोर्ट के सामने अपना फाइनल तर्क दिया. कहा कि जर्नलिस्ट जैसे शिक्षित लोगों को ज़िम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए.

मार्च से अगस्त 2020 तक कोविड-19 की वजह से सुनवाई रुकी रही. 5 सितंबर 2020 से रमानी की वकील रेबेका जॉन ने अपना फाइनल तर्क देना शुरू किया. कहा कि रमानी के ट्वीट और वोग के आर्टिकल में सच्चाई लिखी है. 19 सितंबर 2020 को प्रिया की वकील ने कोर्ट में कहा कि प्रिया एक बड़े मूवमेंट का छोटा सा हिस्सा हैं, उस मूवमेंट का जिसमें हज़ारों औरतों ने हिस्सा लिया और अपने पुरुष बॉस के सेक्शुअली कलर्ड बर्ताव को सामने रखा.

इसके बाद केस को कोर्ट से ट्रांसफर करके दूसरे कोर्ट में भेजने का फैसला भी आया, अक्टूबर में, जिसे बाद में कैंसिल कर दिया गया. नवंबर में मामले की सुनवाई करने वाले जज बदल दिए गए. नए जज ने दोनों पक्षों से पूछा कि क्या सेटलमेंट का कोई स्कोप है. इस पर प्रिया रमानी ने कहा कि कोई चांस नहीं है. एमजे अकबर की वकील गीता लूथरा ने नए सिरे से फाइनल तर्क देने शुरू किए. दिसंबर 2020 में प्रिया की वकील ने फाइनल तर्क देने शुरू किए.

रेबेका ने कहा कि प्रिया ने जो खुलासे किए, उसे सेलिब्रेशन की ज़रूरत है, न कि डेफेमेशन की. एमजे अकबर की तरफ से कहा गया कि प्रिया ने होटल मीटिंग की जो कहानी बताई है वो सही नहीं है, काल्पनिक है. दोनों मामलों के फाइनल तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने 1 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया. 10 फरवरी को इसे सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि उन्हें लिखित सबमिशन देरी से मिले थे. इसलिए फैसला डिले होगा. 17 फरवरी को प्रिया को बरी कर दिया गया.

हमने निलोफर नाम का ज़िक्र किया था. अब बताते हैं कि ये कौन हैं. निलोफर, प्रिया रमानी की दोस्त हैं और इस केस में प्रिया की मुख्य गवाह थीं. ‘न्यूज़ लॉन्ड्री’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान निलोफर ने कोर्ट को बताया था कि 1993 में मुंबई के होटल में एमजे अकबर के साथ हुई मुलाकात के बाद प्रिया ने सारी बात निलोफर को बताई थी. रमानी ने भी कोर्ट में कहा था कि जॉब इंटरव्यू के तुरंत बाद उन्होंने निलोफर से मुलाकात की थी और उनके साथ जो कुछ भी हुआ था, सब बताया था.

निलोफर वेंकटरमन ने कोर्ट को बताया कि जब प्रिया रमानी के साथ बुरा बर्ताव हुआ था, तो प्रिया ने उसी समय सारी बात उन्हें बताई थी.
निलोफर वेंकटरमन ने कोर्ट को बताया कि जब प्रिया रमानी के साथ बुरा बर्ताव हुआ था, तो प्रिया ने उसी समय सारी बात उन्हें बताई थी.

निलोफर ने कोर्ट को बताया था कि जब इंडिया में मीटू मूवमेंट शुरू हुआ था, तब वो सोच रही थीं कि क्या प्रिया एमजे अकबर वाली घटना के बारे में बताएंगी या नहीं. निलोफर ने कहा था-

“उस इंटरव्यू के बारे में मुझे पूरी जानकारी थी, क्योंकि उसके शुरू होने के पहले के कुछ देर पहले तक मैं प्रिया के साथ थी और उस रात मैंने उससे बात भी की थी, जिसमें उसने बताया था कि वो इंटरव्यू उसके लिए कितना असहज एक्सपीरियंस था. जब मीटू मूवमेंट के दौरान मैंने प्रिया का ट्वीट देखा, मैंने उसे तुरंत वॉट्सऐप मैसेज किया औऱ कहा कि मैं दो दिन पहले तुम्हारे ही बारे में सोच रही थी कि तुम एमजे अकबर वाली बात बताओगी या नहीं. मैंने इस मुद्दे पर अपना सपोर्ट भी उसे दिया.”

रेबेका जॉन ने प्रिया और निलोफर के बीच हुई इस वॉट्सऐप चैट को भी कोर्ट में पेश किया था. ये बातचीत 8 अक्टूबर 2018 को हुई थी.

Rebecca John कौन हैं?

प्रिया रमानी के लिए इतनी लंबी लड़ाई लड़ी वकील रेबेका जॉन ने. उनकी तारीफ करते ट्विटर पर लोग थक नहीं रहे. फैसले के वक़्त कोर्ट में मौजूद लोगों ने ट्वीट कर बताया कि किस तरह फैसला के बाद हॉल रेबेका के लिए तालियों के गूंज उठा.

इसी बहाने आपको बता दें कि रेबेका जॉन कौन हैं. कई जाने माने मामलों में वकील रह चुकी हैं रेबेका. जिसमें स्टॉकब्रोकर हर्षद मेहता से लेकर आरुषी मर्डर केस तक शामिल है. 1988 में अपना करियर शुरू करने वाली रेबेका ने साल 2010  में उन सिख परिवारों के लिए केस लड़ा, जिनकी 1984 के दंगों में जान गई थी. साल 2013 में एस श्रीसंत को मैच फिक्सिंग के केस में भी रिप्रेजेंट किया था. साल 2015 में उन्होंने हाशिमपुरा नरसंहार केस के पीड़ितों की तरफ से केस लड़ा. ये सामूहिक ह्त्या का मामला था जिसमें उत्तर प्रदेश आर्म्ड कन्स्टैबुलरी (जो उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा है) के 19 कर्मियों पर 40 से ज्यादा मुसलमान युवा लड़कों को गोली मार उनके शव को नहर में फेंकने के आरोप थे. इसके अलावा उन्होंने 2g स्पेक्ट्रम केस में कनिमोई करुणानिधि और राजद्रोह के केस में कन्हैया कुमार को रिप्रेजेंट किया है. इसके अलावा उन्होंने एक से ज्यादा बार अलग अलग केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को रिप्रेजेंट किया है. साल 2020 में उन्होंने निर्भया केस में दोषी रेपिस्ट मुकेश सिंह को मर्सी पेटिशन के लिए रिप्रेजेंट किया था.

दिल्ली यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ़ लॉ से पढ़ाई करने वाली रेबेका, इंडिया के क्रिमिनल लॉज़ में बड़े बदलाव की ज़रूरत पर बात करती रही हैं. जिसमें रेप के कानून और पुलिस के रेप केसेज के प्रति रवैये पर सवाल उठाती रहीं हैं. उनके मुताबिक़ इंडिया में डेथ पेनल्टी को लेकर कई अनियमितताएं हैं, जिनपर काम होना चाहिए. उन्होंने मीटू मूवमेंट का भी खुलकर सपोर्ट किया था.

प्रिया के ऊपर लगे आरोप गलत साबित हुए, उन्होंने बिना डरे, बिना थके लड़ाई लड़ी. एक ऐसे आदमी से जो प्रिया के मुकाबले कहीं ज्यादा ताकतवर था. प्रिया के जज़्बे को सलाम.


 

वीडियो- दिल्ली हाई कोर्ट ने महिला द्वारा किए गए दावों को खारिज करते हुए रेप के आरोपी को जमानत क्यों दे दी?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

'तुम्हारी मां क्या करती हैं? LOL', सवाल पूछने वाले ट्रोल को नव्या नवेली ने प्यार से समेट दिया

'तुम्हारी मां क्या करती हैं? LOL', सवाल पूछने वाले ट्रोल को नव्या नवेली ने प्यार से समेट दिया

नव्या ने अपनी मां को 'कामकाजी' बताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था.

ट्यूशन पढ़ाने गई दलित टीचर की अर्धनग्न हालत में लाश मिली, रेप की आशंका

ट्यूशन पढ़ाने गई दलित टीचर की अर्धनग्न हालत में लाश मिली, रेप की आशंका

सोशल मीडिया पर विक्टिम का नाम ट्रेंड कर रहा है.

लड़की प्रेमी के साथ घर छोड़कर गई, दो महीने बाद कुएं में मिला उसका सिर, खेत में मिली बॉडी

लड़की प्रेमी के साथ घर छोड़कर गई, दो महीने बाद कुएं में मिला उसका सिर, खेत में मिली बॉडी

लड़की के प्रेमी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

18 साल की लड़की दो महीने में छह बार बेची गई, आखिर में उसने सुसाइड कर लिया

18 साल की लड़की दो महीने में छह बार बेची गई, आखिर में उसने सुसाइड कर लिया

एमपी के कपल ने नौकरी दिलाने के नाम पर लड़की को किडनैप किया था.

पुलिस पर आरोप, कथित रेप पीड़िता का शव आरोपी से जलवाया कि सबूत मिट जाएं

पुलिस पर आरोप, कथित रेप पीड़िता का शव आरोपी से जलवाया कि सबूत मिट जाएं

लाश को जलाने का वीडियो वायरल हो गया.

घर से पॉर्न शूट कर मोटा पैसा कमा रही थी एक्ट्रेस, दूसरी लड़कियों को भी फ़ोर्स करने का आरोप

घर से पॉर्न शूट कर मोटा पैसा कमा रही थी एक्ट्रेस, दूसरी लड़कियों को भी फ़ोर्स करने का आरोप

इन पर करोड़ों रुपये का मानहानि का केस भी हो चुका है.

रैगिंग और सुसाइड के 8 साल पुराने केस में कोर्ट ने क्या सज़ा सुनाई?

रैगिंग और सुसाइड के 8 साल पुराने केस में कोर्ट ने क्या सज़ा सुनाई?

साथ ही जानिए रैगिंग से जुड़ी ज़रूरी बातें.

16 साल की लड़की की कथित गैंगरेप के बाद हत्या, पिता और भांजी को भी पत्थर से कुचला

16 साल की लड़की की कथित गैंगरेप के बाद हत्या, पिता और भांजी को भी पत्थर से कुचला

चार दिन तक जंगल में अधमरी पड़ी रही लड़की

नई सेक्स पोजीशन ट्राई करते हुए लड़के की मौत, आरोपी लड़की मुश्किल में फंसी है

नई सेक्स पोजीशन ट्राई करते हुए लड़के की मौत, आरोपी लड़की मुश्किल में फंसी है

हत्या के आरोप में मुश्किल से मिली बेल.

UP में छह युवकों पर 30 साल की महिला से गैंगरेप का आरोप, वीडियो बनाकर 300 रुपए में बेच रहे थे

UP में छह युवकों पर 30 साल की महिला से गैंगरेप का आरोप, वीडियो बनाकर 300 रुपए में बेच रहे थे

सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है.