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लगातार दो प्रेग्नेंट औरतों की मौत के बाद प्रशासन की आंख खुली, अब प्लान बना रहे हैं

दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में एक प्रेग्नेंट महिला की मौत हुई. जिस गांव से थी, वो अनंतनाग से 40 किलोमीटर दूर था. महिला के पेट में जुड़वां बच्चे थे. लेकिन जब उसे अस्पताल लाया गया, तो उसकी देखभाल ठीक से नहीं हुई. ये आरोप उसके घरवालों ने लगाए. उसने मरे हुए बच्चों को जन्म दिया. उसके बाद खुद भी बच न सकी. मौत के बाद महिला का COVID 19 टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आया.

महिला का गांव रेड जोन में था. उसके परिवार को क्वारंटीन किया गया. महिला के पति ने कहा,

हमारी तो किस्मत थी ये, लेकिन मेडिकल और प्रशासनिक लापरवाही का हिसाब कौन देगा, जिसकी वजह से ये तीन हत्याएं हुईं? मैंने उसे अलविदा भी नहीं कह पाया. मैं अपने दोनों बच्चों को दफना ही रहा था कि वो चली गई.

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अपने जुड़वां बच्चों दफनाने के लिए महिला के पति घर लौटे, पीछे से खबर आई कि उनकी पत्नी भी गुज़र गई हैं. (सांकेतिक तस्वीर: Pixabay)

इकलौता नहीं है ये मामला 

ऐसा मामला हफ्ते भर बाद दोबारा देखने को मिला. अनंतनाग से ही. यहां पर प्रेग्नेंट महिला को सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल (SDH) में एडमिट किया गया. कथित रूप से उसके मरने के बाद मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर अस्पताल  (MCCH) में भेजा गया. घरवालों ने आरोप लगाते हुए कहा,

जब वो दर्द में थी, तो डॉक्टर ने उस पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने हमें सुझाव दिया कि मृत शरीर को मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल ले जाएं, जबकि हम पहले ही सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में इतना समय बिता चुके थे. अब डॉक्टर इसे कोरोना वायरस का मामला बनाकर रफा-दफा करना चाहते हैं.

महिला के घरवालों ने MCCH के बाहर उसके मृत शरीर को स्ट्रेचर पर रखकर मार्च किया और SDH के डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

प्रशासन क्या कर रहा है?

लगातार ऐसे मामलों की रिपोर्ट आने के बाद कश्मीर (दक्षिण) के SSP को मामलों की जांच करने का आदेश दिया गया है. ये आदेश प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज परवेज़ हुसैन काचरू ने दिया. 22 अप्रैल को ही ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने गाइडलाइंस जारी करके कहा था कि रेड ज़ोन में आने वाले सभी इलाकों की प्रेग्नेंट महिलाएं COVID-19 पॉजिटिव होने की सस्पेक्ट मानी जाएंगी. भर्ती होने से पहले उनका कोरोना वायरस टेस्ट किया जाएगा.

प्रेग्नेंट महिलाओं के इन मामलों में घरवालों ने आरोप लगाए कि स्टाफ ने उनके साथ बदतमीज़ी की और महिलाओं की जांच भी समय पर नहीं हुई.

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अब प्रेग्नेंट महिलाओं के जन्म देने के शेड्यूल के हिसाब से उनकी जांच भी करवाई जाएगी. (सांकेतिक तस्वीर: PTI)

‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पीके पोले ने जिलाधिकारियों को प्रेग्नेंट महिलाओं के बर्थ प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनकी COVID-19 स्क्रीनिंग समय रहते की जा सके. श्रीनगर में जितनी भी महिलाएं आने वाले हफ़्तों में जन्म देने वाली हैं, सभी का कोरोना वायरस के लिए टेस्ट किया जाएगा. रेड जोन में आने वाली सभी प्रेग्नेंट महिलाओं को जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल लाया जाएगा. COVID-19 टेस्टिंग के लिए. जो पॉजिटिव होंगी, उन्हें बेमिना के SKIMS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा जाएगा. जो नेगेटिव होंगी, उन्हें लाल देद अस्पताल में भर्ती किया जाएगा.


वीडियो: क्या प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों से एक्स्ट्रा फीस वसूल रहे हैं? 

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