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दही के साथ चावल खाएं या रोटी? क्या है बेहतर कॉम्बिनेशन?

कुछ लोगों को दही के साथ रोटी तो कुछ को चावल खाना पसंद है. दोनों में ज़्यादा हेल्दी क्या है, आज एक्सपर्ट से समझ लेते हैं.

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सरवत
| अदिति अग्निहोत्री
7 अगस्त 2024 (पब्लिश्ड: 08:25 PM IST)
 which is better combination between curd rice or curd roti
दही-चावल बनाम दही-रोटी
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हमारे घरों में दही खूब खाया जाता है. कभी इसमें चीनी डाली जाती है तो कभी नमक. कुछ लोग दही को चावल के साथ खाते हैं. तो, कुछ लोगों को रोटी- दही का कॉम्बिनेशन पसंद है. लेकिन, दोनों में ज़्यादा हेल्दी कौन सी जोड़ी है, ये हमें बताया डाइटिशियन श्रद्धा सिंह ने. 

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श्रद्धा सिंह, डाइटिशियन, रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड

डाइटिशियन श्रद्धा कहती हैं कि आप दोनों में से कुछ भी खा सकते हैं. दोनों ही कॉम्बिनेशन हेल्दी हैं. लेकिन, कुछ चीज़ें हैं, जिनका ध्यान रखना ज़रूरी है. सबसे पहले ब्लड शुगर (Blood Sugar). अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं या प्री-डायबिटिक हैं, तब आपको दही-रोटी खानी चाहिए. दरअसल, रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चावल की तुलना में कम होता है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स का कम होना यानी, उस चीज़ को खाने से ब्लड शुगर लेवल तेज़ी से नहीं बढ़ता. इससे डायबिटीज़ (Diabetes) कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

दूसरी बात. आपका पेट और इससे जुड़ी दिक्कतें. अगर आपको पाचन से जुड़ी कोई परेशानी है तो दही-चावल खाना आपके लिए ज़्यादा फायदेमंद रहेगा. क्योंकि रोटी को पचने में समय लगता है. बिल्कुल यही चीज़ दही के साथ भी है. दो मीडियम साइज़ रोटी में 6 ग्राम से ज़्यादा प्रोटीन होता है. वहीं 100 ग्राम दही में 11 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. अब इतना ज़्यादा प्रोटीन एक साथ पचाना पेट के लिए मुश्किल हो जाता है. इससे पेट में दर्द और ब्लोटिंग हो सकती है.

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ग्लूटन फ्री डाइट पर हैं तो दही-चावल बेस्ट है

जो लोग ग्लूटन फ्री डाइट पर हैं. या जिन्हें सीलिएक बीमारी है, उन्हें दही-चावल ही खाना चाहिए. गेहूं की रोटी नहीं. सीलिएक बीमारी में ग्लूटन की वजह से छोटी आंत की परत को नुकसान पहुंचता है. जिससे पोषक तत्व शरीर ठीक तरह सोख नहीं पाता. दरअसल, चावल और दही, ग्लूटन फ्री होते हैं. यानी इनमें ग्लूटन प्रोटीन नहीं होता. लेकिन, यही ग्लूटन गेहूं में पाया जाता है. जो कुछ लोगों को दिक्कत दे सकता है.

वहीं अगर आप अपना वेट कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं तो दही-रोटी खाएं. दरअसल चावल की तुलना में रोटी में फाइबर थोड़ा ज़्यादा होता है. लिहाज़ा इसे खाने के बाद पेट देर तक भरा महसूस होता है. जिससे आप ओवरईटिंग नहीं करते और वज़न कंट्रोल करने में मदद मिलती है. वहीं जब आप चावल खाते हैं, तो कम फाइबर के चलते भूख जल्दी लग जाती है. हालांकि दो रोटी और 100 ग्राम पके चावल की कैलोरी लगभग बराबर होती है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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