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कौन हैं एन कलईसेल्वी, जो CSIR की पहली महिला डायरेक्टर जनरल बनी हैं

नल्लाथम्बी कलईसेल्वी ने तमिल माध्यम से स्कूली पढ़ाई की और अभी लिथियम-सल्फर बैटरी के डवलपमेंट पर काम कर रही हैं.

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8 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 8 अगस्त 2022, 06:38 PM IST)
CSIR Nallathamby Kalaiselvi Director Genral
CSIR की नई जनरल डायरेक्टर नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी (फोटो-सोशल मीडिया)
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सीनियर साइंटिस्ट नल्लाथम्बी कलईसेल्वी (Nallathamby Kalaiselvi). 6 अगस्त को नल्लाथम्बी कलईसेल्वी को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) का जनरल डायरेक्टर बनाया गया. इसी के साथ पहली बार CSIR की जनरल डायरेक्टर कोई महिला बनी हैं. नल्लाथम्बी दो साल तक CSIR के जनरल डायरेक्टर (CSIR Director General) का पद संभालेंगी. नल्लाथम्बी लिथियम आयन बैटरी पर अपने काम के लिए जानी जाती हैं. और CSIR की डायरेक्टर जनरल बनने से पहले तमिलनाडु के करईकुडी में सेंट्रल इलेक्ट्रो केमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर थीं. नल्लाथम्बी से पहले CSIR के जनरल डायरेक्टर के पद पर शेखर मांडे थे. शेखर मांडे अप्रैल में रिटायर हो गए थे.

कौन हैं नल्लाथम्बी कलईसेल्वी (Nallathamby Kalaiselvi)?

नल्लाथम्बी का जन्म तमिलनाडु में तिरुनेलवेली जिले के छोटे-से कस्बे अंबासमुद्रम में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई तमिल माध्यम से की थी. उनका मानना है कि तमिल भाषा ने उन्हें साइंस समझने में मदद की. और फिर कॉलेज के दिनों से ही उन्हें साइंस में रूचि होने लगी. 25 साल के करियर में उन्होंने 125 से ज्यादा Research Paper लिखे हैं. इसके साथ ही नल्लाथम्बी ने छह पेटेंट भी हासिल किये हैं. फरवरी, 2019 में नल्लाथम्बी CECRI की पहली महिला डायरेक्टर बनी थीं. और इसी इंस्टीट्यूट से उन्होंने एंट्री लेवल से एक साइंटिस्ट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी.

नल्लाथम्बी के रिसर्च में मुख्य रूप से इलेक्ट्रोकेमिकल पावर सिस्टम और इलेक्ट्रोड के विकास शामिल हैं. नल्लाथम्बी अभी सोडियम-आयन/लिथियम-सल्फर बैटरी और सुपरकैपेसिटर के विकास पर काम कर रही हैं. और नल्लाथम्बी ने ‘नेशनल मिशन फॉर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी' में भी अहम योगदान दिए हैं.

नल्लाथम्बी को चीफ साइंटिफिक एडवाइजर अजय सूद ने बधाई दी. उन्होंने कहा, 

"डॉ एन कलईसेल्वी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.’’

नल्लाथम्बी को पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास ने बधाई देते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि कलईसेल्वी तमिलनाडु की रहने वाली हैं. अंबुमानी रामदास ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि CSIR की पहली महिला महानिदेशक के रूप में, कलईसेल्वी भारत को वैज्ञानिक नवाचारों में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी.

क्या है CSIR?

जैसा आपने ऊपर पढ़ा, CSIR माने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च. ये साइंस और टेक्नोलॉजी के फील्ड में रिसर्च करने वाली भारत की सबसे बड़ी संस्था है. पूरे देश में CSIR के 37 नैशनल लैब्स हैं और करीब 3500 वैज्ञानिक इससे जुड़े हैं. ये कहा जा सकता है कि CSIR से जुड़े वैज्ञानिक स्पेस से लेकर समुद्र की गहराई के बीच जितना कुछ है उन सब पर रिसर्च करते हैं.

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