जब भी योग की बात आती है तो कुछ लोग ये बताने लग जाते हैं कि उनको तो शवासन पसंदहै. शवासन 'इज़ द बेस्ट' आसन. आम धारणा है कि शवासन सबसे सरल आसन है. 21 जून योगदिवस होता है और सुबह से शवासन को लेकर कई ट्वीट्स आए. एक शख्स ने लिखा, “योग दिवस पर मेरा योगदान ये है कि मैंने शवासन किया”एक ने लिखा, “मेरे हिसाब से सबसे बेस्ट आसन और मेरा सबसे फेवरिट आसान शवासन ही है.”एक यूज़र ने लिखा, “मैं रोज़ 9-10 घंटे शवासन करता हूं, क्या ये योग गुरु बनने केलिए काफी है या मुझे और प्रैक्टिस करनी पड़ेगी.”शवासन को लेकर कई मीम भी शेयर हुए. तो हमने सोचा कि क्यों न सबके पसंदीदा योग आसनमाने शवासन को लेकर आपकी थोड़ी जानकारी बढ़ाई जाए.शवासन दो शब्दों के मेल से बना है. एक शव और दूसरा आसन. इस आसन में शव की मुद्रामें रहकर पूरे शरीर को शांत रखने की कोशिश की जाती है. शवासन से शरीर की खर्च होचुकी एनर्जी वापस मिलती है और शरीर रिलैक्स होता है. इसके साथ-साथ डिप्रेशन औरतनाव भी दूर होता है. ऐसा कहा जाता है कि वर्कआउट खत्म करने के बाद तन और मन कोरिलैक्स करने के लिए शवासन करना फायेदेमंद साबित होता है. एंग्जायटी से जूझ रहेलोगों को भी शवासन करने की सलाह दी जाती है.नियमित रूप से शवासन के अभ्यास से आपको क्या फायदे मिल सकते हैं, ये जानने के लिएहमने बात की योग एक्सपर्ट शीतल तिवारी से. उन्होंने बताया,शवासन के ज़रिए हम अपनी बॉडी और अपने माइंड को रिलैक्स करते हैं. जो लोग छोटी-छोटीबातों से परेशान हो जाते हैं, जिनका पाचन तंत्र अच्छा नहीं है या जिन्हें एंग्जायटीहै. उन सभी के लिए ये काफी अच्छा आसन है. अगर हमारे मन को आराम नहीं मिलता है तोहमारी बॉडी को भी आराम नहीं मिल पाएगा. सिर्फ यही नहीं शवासन हमारे नर्वस सिस्टम केलिए भी अच्छा है. तनाव की वजह से हमारा ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल बिगड़ता है,रेगुलर शवासन करने से ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल में रहते हैं.शीतल ने बताया कि शवासन करने का मतलब केवल लेटना नहीं है. शवासन में अपनी बॉडी कोरिलैक्स करके, सांसों पर फोकस किया जाता है. सांस लेने और और छोड़ने से शरीर में जोहरकत होती है, उस पर फोकस किया जाता. उन्होंने बताया कि किसी योग गुरु की गाइडेंसमें इसे करना सीख सकते हैं या फिर यूट्यूब वीडियोज़ से भी इसे सीख सकते हैं.उन्होंने बताया कि जब आप इस आसन को करके उठते हैं तो आपके शरीर में एक नई ऊर्जा कासंचार होता है और आप फ्रेश फील करते हैं.