Submit your post

Follow Us

केरल में चुनाव लड़ने वाली पहली ट्रांसजेंडर जो मुस्लिम लीग के गढ़ में कद्दावर नेता को टक्कर दे रहीं

अनन्या कुमारी एलेक्स. केरल विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं. खबरों में बनी हुई हैं. वजह है इनका राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने वाली पहली ट्रांसजेंडर होना. अनन्या डेमोक्रेटिक सोशल जस्टिस पार्टी (DSJP) से चुनाव लड़ रही हैं. वह मालाप्पुरम की वेंगरा सीट से चुनाव मैदान में हैं. इस सीट को मुस्लिम लीग का गढ़ माना जाता है. इस सीट पर अनन्या का मुकाबला मुस्लिम लीग के कद्दावर नेता पीके कुन्हाली कुट्टी और CM पी विजयन की पार्टी LDF के उम्मीदवार पी जिजि से है.

अनन्या ने हाल ही में मनोरमा ऑनलाइन से बात की थी. इस बातचीत में उन्होंने कहा था कि वो एक ऐसे समुदाय की आवाज़ बनने की कोशिश कर रही हैं, जिसे हाशिए पर धकेल दिया गया है. उन्होंने कहा,

“ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोगों में लीडरशिप क्वालिटी की कमी नहीं है. हम किसी भी आम इंसान की तरह ही हैं और समाज को आगे बढ़ा सकते हैं, इसका नेतृत्व कर सकते हैं. मैं यही साबित करना चाहती हूं. जब आप जेंडर इक्वालिटी की बात करते हैं तो आप स्त्री और पुरुष की ही बात करते हैं. कोई भी ट्रांसजेंडर और उनके अधिकारों की बात नहीं करता है. हमें स्त्री, पुरुष और ट्रांसजेंडर्स तीनों की इक्वालिटी की ज़रूरत है.”

मूलतः कोल्लम की रहने वाली अनन्या 28 साल की हैं. पेशे से मेकअप आर्टिस्ट हैं. और रेडियो जॉकी रही हैं. वो केरल की पहली रेडियो जॉकी रह चुकी हैं. कुछ वक्त पहले उन्होंने केरल इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल को भी होस्ट किया था. अनन्या को मलयालम, इंग्लिश, हिंदी, तमिल और कन्नड़ भाषाएं आती हैं.

उनका कहना है कि हो सकता है कि चुनाव लड़ने का जो ऐतिहासिक कदम उन्होंने उठाया है उसका फायदा उन्हें खुद न मिले. लेकिन वो मानती हैं कि ये एक बड़ी शुरुआत है और इसका फायदा आने वाले वक्त में ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा. मनोरमा से उन्होंने कहा,

“हम ट्रांसजेंडर हैं, सिर्फ इसलिए हमसे कई मौके छीन लिए जाते हैं. अच्छी शिक्षा दिए बिना और अपनी पहचान जाहिर करने का मौका दिए बिना किसी को हाशिए पर नहीं धकेलना चाहिए. मैं जीतने या हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ रही हूं, मैं ट्रांसजेंडर समुदाय का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं.”

अनन्या जब पैदा हुईं तो उनका शरीर लड़के का था, लेकिन अंदर से वो लड़की थीं. उन्हें लड़कियों जैसे कपड़े पहनना, वैसे रहना अच्छा लगता था लेकिन परिवारवाले और रिश्तेदार इसके लिए उन्हें टोकते थे. अपनी जेंडर आइडेंटिटी को लेकर अनन्या को काफी कुछ झेलना पड़ा. 12वीं के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि उनके जेंडर को लेकर उन्हें काफी ज्यादा परेशान किया जाने लगा था. अनन्या ने बताया कि 18 की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था. पेट पालने के लिए उन्होंने भीख मांगी, सीवर साफ किया, पेट्रोल पंप में काम किया.

अनन्या का कहना है कि वो महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए एक सुरक्षित समाज बनाना चाहती हैं. वह अपनी पढ़ाई भी पूरी करना चाहती हैं. उनका मानना है कि शिक्षा से ही किसी समुदाय को पहचान मिलती है और उसमें आत्म सम्मान की भावना आती है.


सोशल लिस्ट: लड़की ने ‘चांद का टुकड़ा’ मांगा, तो इंटरनेट पर मीम्स की भरमार हो गई!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्राइम

शर्मनाक! जिसका रेप हुआ उसी को आरोपी के साथ रस्सी से बांधकर जुलूस निकाला गया

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर की घटना.

पुलिसवाली ने आठ महीने की प्रेग्नेंट औरत को तीन किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर किया

महिला पुलिस इंस्पेक्टर की असंवेदनशील कार्रवाई पर क्या एक्शन लिया गया?

केजरीवाल सरकार ने किन प्रेमी जोड़ों के लिए सेफ हाउस तैयार किया है?

क्या है सेफ हाउस का कंसेप्ट?

लॉ स्टूडेंट से रेप के आरोप में चिन्मयानंद को कोर्ट ने बरी किया

2019 में लगे थे पूर्व केंद्रीय मंत्री पर आरोप.

'लव जिहाद' के आरोपों के बीच निकिता तोमर के हत्यारों को हुई सजा

निकिता को गोली मारने वाले तौसीफ का कांग्रेस कनेक्शन क्या है?

UP में सरकारी टीचर ने आत्महत्या की, सुसाइड नोट देखकर लोगों की रूह कांप गई

पढ़ने-पढ़ाने वाले, पेशे से टीचर पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगे हैं.

औरत ने अपने पिता को खूब दारू पिलाई, फिर जलाकर क्यों मार डाला?

आरोपी बेटी तक कैसे पहुंची कोलकाता पुलिस?

यौन शोषण करता था पुलिस वाला, लड़की ने आवाज़ उठाई तो घिनापे की हद ही पार कर दी

एक लड़की का पूरा परिवार बर्बादी की कगार पर आ गया.

आठ साल की बच्ची ने अपने रेपिस्ट को ऐसे पकड़वाया, आप भी बहादुरी की दाद देंगे

घटना के बाद शहर से भागने वाला था आरोपी, लॉकडाउन ने रोक दिया.

दूसरे आदमी से संबंध होने का शक में पति ने तांबे के तार से पत्नी का प्राइवेट पार्ट सिल दिया!

मामला यूपी के रामपुर का है.